Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Jitendra_Kabir, poem

हार क्यों मान ली जाए?- जितेन्द्र ‘कबीर’

हार क्यों मान ली जाए? बुरे से बुरा क्या हो सकता हैहमारे साथ?यही कि हमारी धन – संपत्तिहमारे हाथ से …


हार क्यों मान ली जाए?

हार क्यों मान ली जाए?- जितेन्द्र 'कबीर'
बुरे से बुरा क्या हो सकता है
हमारे साथ?
यही कि हमारी धन – संपत्ति
हमारे हाथ से चली जाए,
नौबत आ पड़े पेट पालने वाला
काम धंधा बंद करने की,
सामाजिक मान – मर्यादा पर
लग जाए कोई बट्टा,
या फिर अरमान कोई प्यारा
टूटकर बिखर जाए,

सफर का साथी राह कर ले
अपनी हमसे अलग
या फिर धोखेबाज कोई
जिंदगी में टकरा जाए

ज्यादा से ज्यादा बुरा क्या होगा?
यही कि हमारी अथवा हमारे किसी
प्रियजन की जान चली जाए,

लेकिन अभी हमारी जान
गई तो नहीं है
परेशानियां बड़ी हैं माना लेकिन
वो इंसान के लिए नई तो नहीं हैं,
रात अंधेरी है बहुत लेकिन अब तक
वो उजाले पर विजयी तो नहीं है,

तो उठ!
हो खड़े संघर्ष की राह पर बढ़ा कदम,
राख से कर तिलक अपना
और नियति का दे तोड़ भ्रम,
कि हार मानना है मौत
इंसान के हौसले, इरादों एवं
जीवन शक्ति की,
जब तक है सांस तब तक है आस
फिर जिंदा होकर खुद को
मुर्दा क्यों मान लिया जाए?

जितेन्द्र ‘कबीर’
साहित्यिक नाम – जितेन्द्र ‘कबीर’
संप्रति – अध्यापक
पता – जितेन्द्र कुमार गांव नगोड़ी डाक घर साच तहसील व जिला चम्बा हिमाचल प्रदेश
संपर्क सूत्र – 7018558314


Related Posts

क्यों एक ही दिन मां के लिए

May 8, 2022

क्यों एक ही दिन मां के लिए मोहताज नहीं मां तुम एक खास दिन कीतुम इतनी खास हो कि शायद

सोता हूँ माँ चैन से, जब होती हो पास

May 8, 2022

सोता हूँ माँ चैन से, जब होती हो पास  मां शब्द का विश्लेषण शायद कोई कभी नहीं कर पाऐगा, यह दो

मातृ दिवस पर कहो कैसे कह दूँ की मैं कुछ भी नहीं

May 7, 2022

“मातृ दिवस पर कहो कैसे कह दूँ की मैं कुछ भी नहीं” जिस कोख में नौ महीने रेंगते मैं शून्य

माँ तेरे इस प्यार को

May 7, 2022

माँ तेरे इस प्यार को तेरे आँचल में छुपा, कैसा ये अहसास ।सोता हूँ माँ चैन से, जब होती हो

बीते किस्से

May 7, 2022

बीते किस्से अपनी जिंदगी के कुछ नायाब किस्से मैं सुनाती हूंलोग कहते मुझे पागल , मैं तो कलम कि दीवानी

कविता-दर्द ने दस्तक दी

May 6, 2022

दर्द ने दस्तक दी आज फिर दर्द ने मेरे दिल पर दस्तक दे दी हमें यू ना रुलाओ… 2मैं इस

PreviousNext

Leave a Comment