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हरे माधव सत्संगोउत्सव गोंदिया 18-19 मार्च 2023

।।हरे माधव दयाल की दया।। हरे माधव सत्संगोउत्सव गोंदिया 18-19 मार्च 2023 गोंदिया – वैश्विक स्तरपर भारत आदि अनादि काल …


।।हरे माधव दयाल की दया।।

हरे माधव सत्संगोउत्सव गोंदिया 18-19 मार्च 2023

गोंदिया – वैश्विक स्तरपर भारत आदि अनादि काल से आध्यात्मिकता आस्था देवी-देवताओं की प्राचीन प्रमुख भूमि रही है, जिसे हमेशा से ही आस्था का प्रतीक कहा जाता है। हजारों वर्ष पूर्व एक समय था जब परम पिता परमेश्वर हमारे परम पूज्य सतगुरु थे। समय का पहिया घूमता रहा और भगवान के अवतार अलग-अलग रूपों में अवतरित होते रहे। जनसंख्या का विस्तार होता रहा तो आध्यात्मिकता और उसके रूपों में भी वृद्धि होती चली गई जो हम आज देख रहे हैं कि,करीब-करीब हर समाज के अपने अपने इष्ट देवता हैं जिनपर उस समाज को हृदय से विश्वास भी है और हमारे बड़े बुजुर्गों का पीढ़ियों से कहना भी हैं कि रास्ते अलग-अलग हो सकते हैं, परंतु सबकी मंजिल एक है। परमारर्थ, जो मेरा मानना है सटीक बैठती है। चूंकि हरे माधव दयाल की दया प्रभु सदा मेहरबाना हरे माधव सत्संगोत्सव का आयोजन18-19 मार्च 2023 को गोंदिया में आयोजित है इसलिए आज हम उपलब्ध जानकारी के सहयोग से इस आर्टिकल के माध्यम से चर्चा करेंगे हरे माधव दयाल की दया प्रभु सदा मेहरबाना। साथियों बात अगर हम हरे माधव दयाल की दया प्रभु सदा मेहरबाना हरे माधव सत्संग 18-19 मार्च 2023 की करें तो हरे माधव सतगुरु साईं ईश्वरशाह जी की पावन हुजूरी में आदर्श प्लेग्राउंड सिंधी स्कूल के सामने गोंदिया में शनिवार व रविवार को शाम 6 से आयोजित होगा,जिसकी भव्यता से रूपरेखा बनाई गई है जिसमें बाबा जी का आगमन दिनांक 16 मार्च 2023 गुरुवार को होगा और सतगुरु मीठड़ी मेहर कृपा शोभायात्रा रात 8 बजे से शुरू होगी जोनगर्र भ्रमण करते हुए सतगुरु निवास स्थान पर पहुंचेगी शुक्रवार दिनांक 17 मार्च 2023 को सुबह 6 बजे प्रभातफेरी का आयोजन होगा जो हरे माधव सत्संग घर से निकलकर शहर भ्रमण कर वहीं समाप्त होगा तथा उसी दिन शाम 6 बजे से हरे माधव भजन संध्या का आयोजन होगा जो बाबा जी के निवास स्थान हरे माधव निवास शंकर चौक पर होगा। सत्संग उत्सव में देश विदेश विदेश से हजारों की संख्या में साधक शिष्यों प्रेमियों के पहुंचने की संभावना है इनके ठहरने विश्राम करने व भोजन की व्यवस्था मनारी पंचायत भवन गोंदिया में की गई है, जिसमें सभी बाहर से पधारे मेहमानों को आधार कार्ड या अन्य पहचान पत्र लाने का निवेदन किया गया है तथाकोविड-19 एच3 एन2 मौसमी इनफ्लुएंजा वायरस की सावधानी के चलते कोविड उचित व्यवहार के पालन का निवेदन भी किया गया है जो विशेष उल्लेखनीय।
साथियों बात अगर हम सत्संगोत्सव को सफ़ल बनाने सभी पंचायतों संगठनों संस्थाओं के सहयोग की करें तो 10 मार्च 2023 को हुई सभा में मनिहारी पंचायत, झूलेलाल पंचायत श्रीनगर पंचायत, रामनगर पंचायत, सिंधी नवयुवक सेवा मंडल, पीर शिवनाथ सेवक मंडल, बाबा गुर्मुखदास सेवा समिति, स्वामी टेऊराम अश्रमत सेवा समिति, बढ़ते कदम निरंकारी मंडल, रामनगर पंचायत, कंवरराम सेवा समिति फ्रेंड्स ग्रुप सहित अनेकों संस्थाओं के अनेक प्रतिनिधि शामिल हुए जिन्हें सेवाओं की जवाबदारी सौंपी गई और सफल प्रबंधन की उपेक्षा का आश्वासन मिला।
साथियों बात अगर हम हरे माधव दरबार मुख्यालय कटनी की करें तो, आस्था का केन्द्र है हरे माधव दरबार।शहर के माधवनगर में सतगुरू बाबा माधवशाह-बाबा नारायणशाह का गुरूद्वारा हरे माधव दरबार स्थापित है। गुरूद्वारे को लेकर देशभर में बसे समाज के लोगों की आस्था है। एक समाज ही नहीं बल्कि हर समुदाय के लोगों की इस गुरूद्वारे से आस्था जुड़ी हुई है। लगभग 75 वर्ष पुराने गुरूद्वारे में सबसे पहले बाबा माधवशाह, उनके बाद बाबा नारायण शाह, बाबा गोविंद शाह व बाबा मनोहर शाह गद्दीनशी थे। वर्तमान में बाबा ईश्वरशाह गद्दीनशी हैं। पूरे देशभर से श्रद्धालु गुरूद्वारे में सालभर पहुंचते हैं। इसके अलावा हर साल आयोजित होने वाले वर्सी महोत्सव में देश विदेश से श्रद्धालु पहुंचते हैं। सतगुरु बाबा ईश्वर शाह साहिब जी कुलकायनात सारी सृष्टि के रचैता स्वयंपरमात्मा स्वरूप है पूरण सतगुरु अपनी अंशी रूहो को परमात्मा से मिलाने के लिए इस धारा पर मनुष्य रूप धारण कर अवतार हुए हैं।सृष्टि के हर जीव प्राण कान में जो सूक्ष्म रूप में परमात्मा है वही हमारे प्यारे सतगुरु बाबा ईश्वर शाह साहिब जी है। सतगुरु जी हम को भगवान से अवश्य मिलाते हैं।लेकिन सच्चा सतगुरु हो, क्योंकि इतिहास भी गवाह है कि, जिसका भी मोक्ष हुआ है यानि जिसने भी भगवान को पाया है वह गुरु दीक्षा प्राप्त करके ही भगवान की प्राप्ति की है।जैसे :- ध्रुव, प्रहलाद, मीराबाई, नामदेव जी, धन्ना भगत जी आदि-आदि। सच्चा सतगुरू वही होता है जो शास्त्रों के अनुसार भक्ति कर्म करवाता है। और सच्चे सतगुरु की पहचान हमारे पवित्र सद ग्रंथ भी देते हैं।जैसे, श्रीमद भगवद गीता अध्याय 15 के श्लोक 1 से 4 में पूर्ण संत की पहचान बताई है।
साथियों बात अगर हम सतगुरुओं के प्रति आस्था की करें तो मीडिया के क्यूरो में एक सज्जन के विचार हैं कि, सच्चे अौर पूर्ण गुरू को ईश्वर से भी ऊँचा दर्जा क्यों दिया जाता है? संत कबीर कहते हैं:गुरु गोबिंद दोऊ खड़े, काके लागूं पाय।बलिहारी गुरु आपने, गोबिंद दियो मिलाय।।निश्चित सी बात है कि जब हम अपने आप को संसारी, देह, तन, मन मानते हैं तो यह मिलाने वाला भी कोई ऐसा होना चाहिए जो संसार का ही हो, और मिलाने वाला मिला सके इसके लिए यह भी अनिवार्यता है कि वो उसको भी जानता हो जिस से मिलाने ले जा रहा है। वास्तविक गुरु की पहचान यही है कि वो एक छोर पर तो बिलकुल हमारे जैसा है, इसी संसार का है, हमारे जैसा दिखता है, शरीर है, पदार्थ है, चलता है, फिरता है, कहता है, सोचता है; हम उससे पहचान बना सकते हो, गले मिल सकते हो, दोस्ती कर सकते हो, वो हमारी भाषा समझता है, बात करो, संवाद करो और दूसरे छोर पर वो कहीं ऐसी जगह है जो अभी हमारे लिए अनजानी है, दूसरे छोर पर वो कभी किसी ऐसे देश का निवासी है जहाँ हम कभी गए नहीं।वो हमारे निकट भी है और हमसे बहुत दूर भी।निकट न हो तो मन को भरोसा न आएगा। मन है ही ऐसा, वो कैसे ऐसे का भरोसा करे जो उसके जैसा नहीं। तो गुरु का हमारे जैसा होना बहुत ज़रूरी है, वरना मन भरोसा नहीं करेगा। भरोसा छोड़िए, मन हो सकता है उसके अस्तित्व से ही इनकार कर दे।सर्वश्रेष्ठ और प्रथम गुरु आत्मा है, पर मन कहाँ उसे गुरु मानता है?मन उसके होने से ही इनकार कर देगा, मन कहेगा वो है ही नहीं। हम याद रखें, गुरु के दो सिरे, हमसे दो सिरों के समकक्ष हैं, समानांतर हैं। जैसे हम दो हो, आत्म और अहंकार, वैसे ही गुरु को दो होना पड़ता है, अंतर बस इतना है कि हम जो अपने आपको दो माने बैठे हो उसमें एक से तो पूरी तरह अनभिज्ञ हो, और गुरु दोनों के प्रति जगा हुआ है। द्वैत में हम भी हो, द्वैत में गुरु भी है पर गुरु द्वैत के अलावा किसी और बिंदु को भी जानता है और हमारे बुराइयों को काटकर हमारे राहों को आसान कर जीवन को सफल बनाने का काम करते हैं।
अतः अगर हम उपरोक्त पर्यावरण का अध्ययन कर उसकाविश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि हरे माधव दयाल की दया प्रभु सदा ही मेहरबाना। हरे माधव सत्संग उत्सव गोंदिया 18-19 मार्च 2023 को रखा गया है, जिसमें बाबाजी के पवित्र मुख से वचनों की अमृतधारा के रस्वंदन में भीगने देश-विदेश की संगतों के आने की संभावना है।

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कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र
कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र 

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