Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

lekh, Priyanka_saurabh

हरियाणा का विश्वास, कृषि मंत्री जयप्रकाश

( जन्मदिन विशेष) हरियाणा का विश्वास, कृषि मंत्री जयप्रकाश दलाल  कृषि मंत्री बनते ही अपने पहले भाषण में जयप्रकाश दलाल …


( जन्मदिन विशेष)

हरियाणा का विश्वास, कृषि मंत्री जयप्रकाश दलाल 

हरियाणा का विश्वास, कृषि मंत्री जयप्रकाश Dalal

कृषि मंत्री बनते ही अपने पहले भाषण में जयप्रकाश दलाल ने एक आम सभा में कहा था कि आपने जो ताकत दी है; उसे सवाया करके लौटाऊंगा और चंडीगढ़ से सारे अधिकारी थारे खातिर बुलाया करूंगा, थारी कोई समस्या नहीं छोडूंगा। और आज अक्षरशः ऐसा ही हो रहा है।लोहारू के लाल चौधरी जयप्रकाश दलाल, किसान पुत्र कर्मयोगी कृषि मंत्री जेपी दलाल 24 घंटे किसानों और हरियाणा के आमजन की सेवा में लगे रहते हैं। यही वजह है कि लोग उनके लिए कहते हैं कि ठाठ कर दिए जेपी दलाल नै। आज उनके नेतृत्व में लोहारू ही नहीं, पूरा हरियाणा कृषि और पशुपालन के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है।

-प्रियंका सौरभ

लोहारू से विधायक हरियाणा सरकार में कृषि मंत्री जयप्रकाश दलाल आज की राजनीति में जाना- पहचाना नाम है और खासकर ये हरियाणा की राजनीति में एक विशेष स्थान रखते हैं। समाज हित में किए गए कार्यों के लिए जनता की आवाज बने जयप्रकाश दलाल का जन्म 1956 में भिवानी जिले के गांव घुसकानी में हुआ। 1978 में इन्होंने ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की और इसके उपरांत 1986 में हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी बंसीलाल के सुपुत्र सुरेंद्र सिंह के साथ राजनीति में आ गए। 1996 में चौधरी बंसीलाल के साथ उन्होंने हरियाणा विकास पार्टी का गठन करने में अहम भूमिका निभाई। 2004 तक हरियाणा विकास पार्टी के अनेक पदों पर रहकर सामाजिक और राजनीतिक कार्यों को अमलीजामा बनाया। उनका चौधरी बंसीलाल के बेटे सुरेंद्र सिंह के साथ राजनीतिक सफर काफी लंबा रहा। मगर उनकी असमय मृत्यु के बाद वह अकेले पड़ गए और अकेले ही राजनीति के मैदान में लड़ाई लड़ते हुए आगे बढ़े, 2009 में लोहारू से निर्दलीय चुनाव लड़े। मगर 621 वोटों से हार गए। यहीं से उनका सक्रिय राजनीति में प्रवेश आरंभ होता है।

जयप्रकाश दलाल 2009 की हार के बाद राजनीति में पूर्णतया समर्पित हो गए और उन्होंने 2014 में समर्थकों सहित भाजपा का दामन थाम लिया। लेकिन उनकी किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। 2014 के चुनाव में वह कड़े मुकाबले में फिर से हार गए। इस के बाद 2016 में उन्होंने भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष का पद संभाला और इस पद पर रहते हुए उन्होंने चौधरी बंसीलाल की तरह 2017 में नहरों के पानी का मुद्दा मुख्यमंत्री जी के सामने रखा और वह हरियाणा के किसानों की आवाज बन गए। 2018 में भाजपा जींद जिला प्रभारी का पद संभाला और किसान मोर्चा के प्रदेश प्रभारी बने। इसी दौरान 2019 के चुनाव में उन्होंने फिर से भाजपा के टिकट पर लोहारू से चुनाव लड़ा और रिकॉर्ड मतों से जीतकर प्रदेश के कृषि मंत्री बने।

भाजपा द्वारा 2022 के आदमपुर उपचुनाव के प्रभारी बनाए गए और अपनी रणनीति से पहली बार पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल के गढ़ आदमपुर में उन्होंने भाजपा का कमल खिला दिया और इस जीत के साथ ही उनका नाम राष्ट्रीय राजनीति में बड़े जोर शोर से गूंजने लगा।

आज हरियाणा के कृषि मंत्री के तौर पर प्रदेशवासियों की सेवा कर रहे जयप्रकाश दलाल खुद एक आधुनिक किसान हैं और सैकड़ों एकड़ में बागवानी करते हैं। वह किसानों की समस्याओं को बड़ा बारीकी से समझते हैं।दिन रात एक कर किसानों की मांगों को पूरा करने में अपना अहम योगदान देते हैं। उन्हीं के प्रयासों से आज हरियाणा के किसान खुशहाल है और इसी का परिणाम है कि नए साल की शुरूआत के साथ ही वैश्विक स्तर पर बाजरा भाजपा सरकार की बदौलत और उनके प्रयासों के परिणाम स्वरूप अंतर्राष्ट्रीय बाजार वर्ष को शुरुआत किया गया है। पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ने अंतरराष्ट्रीय बाजरा वर्ष 2023 के प्रस्ताव को प्रस्तुत किया जिसे संयुक्त राष्ट्र महासभा ने स्वीकार कर लिया। पीएम मोदी ने भारत को बाजरा के लिए वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने के साथ-साथ इसे जन आंदोलन बनाने की बात भी कही है। इस कड़ी में इस वर्ष गणतंत्र दिवस समारोह से लेकर जी20 कार्यक्रम के दौरान आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में बाजरा को प्रमुखता से लिया जाएगा। बाजरा देश में पैदा होने वाली बड़ी फसल है और भारत सरकार का मानना है कि सिंधु घाटी सभ्यता के दौरान बाजरे की खपत को लेकर कई साक्ष्य बताते हैं कि भारत में पैदा की जाने वाली फसलों में से एक थी।

कृषि मंत्री बनते ही अपने पहले भाषण में जयप्रकाश दलाल ने एक आम सभा में कहा था कि आपने जो ताकत दी है उसे सवाया करके लौटाऊंगा और चंडीगढ़ से सारे अधिकारी थारे खातिर बुलाया करूंगा, थारी कोई समस्या नहीं छोडूंगा। और आज अक्षरशः ऐसा ही हो रहा है।

किसान पुत्र कर्म योगी कृषि मंत्री जेपी दलाल 24 घंटे किसानों और हरियाणा के आमजन की सेवा में लगे रहते हैं। यही वजह है कि लोग उनके लिए लोग कहते हैं कि ठाठ कर दिए जेपी दलाल नै। आज उनके नेतृत्व में लोहारू ही नहीं पूरा हरियाणा कृषि और पशुपालन के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में दुग्ध उत्पादन 20000 करोड़ करने का लक्ष्य हासिल करने के लिए पशुओं को बढ़ावा देते हुए कर्मयोगी कृषि मंत्री जयप्रकाश दलाल जी ने मुर्रा नस्ल के पशुओं में कृत्रिम गर्भाधान करने और पशुओं को बेहतर चिकित्सा सुविधा देने के लिए हर जिले में बड़े पशु अस्पतालों का निर्माण करवाया है। यही नहीं वह हलके के पेयजल की सुविधा को बेहतर बनाने के लिए 140 करोड़ रुपए खर्च कर चुके हैं। जिससे हर घर, हर नल तक स्वच्छ पानी पहुंचे। सूक्ष्म सिंचाई योजना के तहत टैंक बना करके करोड़ों रुपए खर्च करके सिंचाई की सुविधा मुहैया करवा रहे हैं। वर्षों से बंजर भूमि में खारे पानी में भी किसानों की जमीन आज सोना उगल रही है। और वह खारे पानी में झींगा मछलियों के उत्पादन को बढ़ावा दे रहे हैं। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के द्वारा हरियाणा राज्य को कृषि क्षेत्र का सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार दिया गया। यह हरियाणा के लिए गौरव की बात है। कर्नाटक में हरियाणा का प्रतिनिधित्व करते हुए हरियाणा के कृषि मंत्री जयप्रकाश दलाल ने यह पुरस्कार प्राप्त किया और इस पुरस्कार को हरियाणा के प्रत्येक किसान को समर्पित किया। सोलन हिमाचल प्रदेश में आयोजित प्रबंधन और विकास में सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया। नई दिल्ली में आयोजित एग्रीकल्चर लीडरशिप कॉन्क्लेव और एग्रीकल्चर लीडरशिप अवार्ड 2021 में केंद्रीय कृषि मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर के साथ हरियाणा के कृषि मंत्री दलाल जी भी सम्मिलित हुए और इसमें कृषि में नवप्रवर्तन के लिए हरियाणा को श्रेष्ठ राज्य का एग्रीकल्चर लीडरशिप अवार्ड 2021 से सम्मानित किया गया। यही नहीं इनके द्वारा विश्व का एकमात्र अनोखा अखंड भारत माता मंदिर का शिलान्यास भिवानी हरियाणा में किया गया। यह सब के लिए गौरव की बात है। यह मंदिर भव्य और शानदार होगा। भारतीय संस्कृति की विरासत एवं धरोहर होगा छोटीकाशी। इस मंदिर निर्माण से भारतीय ज्ञान परंपरा, प्राचीन भारतीय संस्कृति का प्रचार और प्रसार होगा और अखंड भारत का जो संकल्प हम सब ने ले रखा है, उसे पूर्ण करने में अखंड भारत माता मंदिर का बहुत बड़ा योगदान होगा। सात मंजिला मंदिर की हर मंजिल पर भारतीय संस्कृति और संस्कारों के दर्शनों से जुड़े इस मंदिर में इसकी एक मंजिल पर शहीदों और दूसरी मंजिल पर सांस्कृतिक विधाओं के बारे में जानकारी होगी।

लोहारू के लाल चौधरी जयप्रकाश दलाल का कहना है कि उनका लक्ष्य केवल लोगों की जन सेवा करना है जिसके लिए वह 24 घंटे तैयार रहते हैं। उनका कहना है कि उनके द्वार हल्के के लोगों के लिए 24 घंटे खुले हैं और वह प्रत्येक परिवार के सुख, दुख, तीज, त्योहार, शादी समारोह में सम्मिलित होने के लिए तैयार रहते हैं। 2009 के बाद उन्होंने लोगों को ही अपना परिवार मान लिया है और उनका लक्ष्य जीवन भर जन सेवा करना है। वास्तव में देखे तो आज प्रदेश की कोई भी जनहित योजना हो उसका शुभारम्भ लोहारू से ही होता है। आम जनता के लिए चंडीगढ़ के अधिकारियों का सफर बिल्कुल छोटा कर दिया है और आज उनकी लोकप्रियता लोहारू क्षेत्र में नहीं पूरे देश में लोगों के सिर चढ़ कर बोल रही है।

About author 

प्रियंका सौरभ रिसर्च स्कॉलर इन पोलिटिकल साइंस, कवयित्री, स्वतंत्र पत्रकार एवं स्तंभकार

प्रियंका सौरभ
रिसर्च स्कॉलर इन पोलिटिकल साइंस,
कवयित्री, स्वतंत्र पत्रकार एवं स्तंभकार
facebook – https://www.facebook.com/PriyankaSaurabh20/
twitter- https://twitter.com/pari_saurabh


Related Posts

प्रेम में सब कुछ चलता हैं(व्यंग)-जयश्री बिरमी

December 19, 2021

प्रेम में सब कुछ चलता हैं (व्यंग) पुरानी फिल्में देख कई दृश्यों का हम मजाक उड़ाते थे।हीरो ने दौड़ती गड्डी

हमारी अंतरात्मा ही हमारी सच्ची मित्र है.-तमन्ना मतलानी

December 18, 2021

नन्हीं कड़ी में…आज की बात हमारी अंतरात्मा ही हमारी सच्ची मित्र है… संसार में आया हुआ प्रत्येक व्यक्ति सांसारिक मोह-माया

अपनीं सांस्कृतिक विरासत से संपर्क बनाए रखना ज़रूरी

December 18, 2021

युवाओं को अपनीं सांस्कृतिक विरासत से संपर्क बनाए रखना ज़रूरी – अपनी मातृभाषा में बोलने पर गर्व का अनुभव होना

लहरों के मध्य हम- जयश्री बिरमी

December 17, 2021

लहरों के मध्य हम लहर एक के बारे में देखें तो वह प्रारंभिक अवस्था थी जिस में बहुत ही बुरे

दुनियां का भविष्य- जयश्री बिर्मी

December 17, 2021

 दुनियां का भविष्य एक कहानी सुनी थी जो आज के विषय के संदर्भ में सही मानी जा सकती हैं। एक

जिस पर हमे नाज हैं वो हैं हरनाज- जयश्री बिरमी

December 15, 2021

 जिस पर हमे नाज हैं वो हैं हरनाज ७० वीं मिस यूनिवर्स स्पर्धा जो इजराइल में हुई उसमे पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन

Leave a Comment