Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, poem

हम भारतीय संस्कृति से बहुत प्यार करते हैं

भावनानी के भाव हम भारतीय संस्कृति से बहुत प्यार करते हैं सबको प्यार का मीठा प्यारा माता पिताराष्ट्र की सेवा …


भावनानी के भाव

हम भारतीय संस्कृति से बहुत प्यार करते हैं

हम भारतीय संस्कृति से बहुत प्यार करते हैं

सबको प्यार का मीठा प्यारा माता पिता
राष्ट्र की सेवा का पाठ पढ़ाते हैं
हम अपनी भारतीय संस्कृति से
प्राणों से अधिक प्यार करते हैं

भारतीय संस्कार
हमारे अनमोल मोती है
प्रतितिदिन मातापिता के पावन
चरणस्पर्श से शुरुआत होती है

अनेकता में एकता
हमारी शैली है
प्राकृतिक संपदा से
भरपूर हरियाली है

उसके बाद वंदन कर
गुरु को नमन करते हैं
बड़ों की सेवा में हम भारतीय
हमेशा स्वतः संज्ञान सेआगे रहते हैं

श्रावण कुमार गुरु गोविंद सिंह
महाराणा प्रताप वीर शिवाजी
अनेकों योद्धाओं बलवीरों
महावीरों की मां भारती है

हम भारतवासी संयुक्त परिवार की
प्रथा श्रद्धा से कायम रखे हैं
अतिथियों को देव तुल्य मानकर
भरपूर भाव से सेवा करते हैं

About author

कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र

कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट 

किशन सनमुख़दास भावनानी 
 गोंदिया महाराष्ट्र

Related Posts

Hindi Divas par kavita

January 9, 2023

मातृभाषा हिन्दी भाषा कोई भी हो चाहे वो अंग्रेजी या फ्रांसीसी ,जब भी बोली जाती है आधार बनाएगी हिन्दी,अक्षर क्षर

कविता–कृष्ण की व्यथा| krishna ki vyatha

January 9, 2023

कविता–कृष्ण की व्यथा क्या कृष्ण की कोई व्यथा नहीं थी? उनकी पीड़ा की कोई गाथा नहीं थी? छोड़ा गोकुल मैया

कविता – ‘रूह’ | kavita rooh

January 9, 2023

कविता – ‘रूह’ मैं अजर हूँ मैं अमर, जीवन मृत्यु से हूँ परे।रहती हूँ प्राणी के तन में मैं,दिए में

आओ कुदरती संसाधनों से छेड़छाड़ रोकने का संकल्प करें

January 9, 2023

 आओ कुदरती संसाधनों से छेड़छाड़ रोकने का संकल्प करें  जोशीमठ के अस्तित्व पर संकट – कुदरत की कराई या फ़िर

Ayurved par kavita | आयुर्वेद पर कविता

January 8, 2023

आयुर्वेद और मधुकवि हर दिन हर घर आयुर्वेद।। दूर करे तन मन के खेद।। नस नाड़ी को पुष्ट बनाता।। त्रिविध

Kashmir par kavita | कश्मीर पर कविता

January 8, 2023

अपना कश्मीर और मधुकवि अब तो सोए हुए भारती जाग जा|| देखले अपने भारत की क्या है दशा|| आज हिन्सा

PreviousNext

Leave a Comment