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Gurudeen Verma, poem

हम नये वर्ष में यह प्रण करें

 हम नये वर्ष में यह प्रण करें हम नये वर्ष में यह प्रण करें। हम जीवन को ऐसा धारण करें।। …


 हम नये वर्ष में यह प्रण करें

हम नये वर्ष में यह प्रण करें
हम नये वर्ष में यह प्रण करें।
हम जीवन को ऐसा धारण करें।।
हम बदी से हमेशा दूर रहें।
बनकै दीपक सबको रोशन करें।।
हम नये वर्ष में——————–।।
मन से नफरत को मिटा दे हम।
द्वेष-ईर्ष्या को मन से जला दे हम।।
करें उपकार निःस्वार्थ भाव से हम।
मन से लोभ पाप का दहन करें।।
हम नये वर्ष में——————।।
भूख से कोई नहीं सोये यहाँ।
कोई भी बेघर नहीं मिले यहाँ।।
कम हो बेरोजगारी गरीबी यहाँ।
सपनें सबके यहाँ हम पूर्ण करें।।
हम नये वर्ष में——————-।।
बाल विवाह- बाल मजदूरी बन्द हो।
मृत्यु भोज- दहेज प्रथा भी बन्द हो।।
सबके अधिकारों की हो यहाँ रक्षा।
प्रार्थना यह ईश्वर से हम सब करें।।
हम नये वर्ष में——————-।।
हर धर्म हो फलीभूत भारत में।
नहीं हो बलवें आजाद भारत में।।
अपना भारत हमेशा अखण्ड रहे।
हम शहीदों के सपनें मुकम्मल करें।।
हम नये वर्ष में——————–।।

About author 

Gurudeen verma
शिक्षक एवं साहित्यकार-

गुरुदीन वर्मा उर्फ जी.आज़ाद
तहसील एवं जिला- बारां(राजस्थान)


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