Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem, Priynaka vallari

हमारी हिन्दी |kavita -hamari hindi

हमारी हिन्दी |kavita -hamari hindi है विरासत हमारी यह हिन्दीहींग्लीश रह गई बेचारी हिन्दी विमुख रही अपनों के मुख से …


हमारी हिन्दी |kavita -hamari hindi

हमारी हिन्दी |kavita -hamari hindi

है विरासत हमारी यह हिन्दी
हींग्लीश रह गई बेचारी हिन्दी
विमुख रही अपनों के मुख से
प्रेम भाव से वंचित यह हिन्दी

दफ़्तरों से हिन्दी अब रूठ चली
कलमकारों घर ठाठ है इसकी
कभी टेबल पर पड़े मुस्काए तो
कलमकारों की मौज हैं हिन्दी

कंठव्यों में कांत यह हिन्दी
ताल्व्यों की तान यह हिन्दी
मूर्धन्यों की मान यह हिन्दी
दन्तव्यों की दान यह हिन्दी

ओष्ठव्यों का अवसर हिन्दी
स्वरों में भक्ति का भान हिन्दी
आंचल का दूब धान यह हिन्दी
माँगो में बिंदी शान यह हिन्दी

मां सी उदगार यह हिन्दी
वात्सल्यता का वेद यह हिन्दी
हम सब की प्राण यह हिन्दी
भारत की पहचान यह हिन्दी

About author    

Priyanka vallari

रानी प्रियंका वल्लरी
बहादुरगढ हरियाणा



Related Posts

दिल में जो है छुपी, बात हो जाने दो

January 16, 2022

दिल में जो है छुपी, बात हो जाने दो दिल में जो है छुपी, बात हो जाने दो,दिन ढले तो

सृष्टि में माता-पिता से बढ़कर कोई नहीं

January 16, 2022

कविता सृष्टि में माता-पिता से बढ़कर कोई नहीं सृष्टि में माता-पिता से बढ़कर कोई नहींहम क्या जाने हमारे लिए हमारी

पांच राज्यों में चुनाव तारीखों का ऐलान

January 16, 2022

कवितापांच राज्यों में चुनाव तारीखों का ऐलान हुआ हित धारकों का इंतजार खत्म हुआ पांच राज्यों में चुनाव तारीखों का

भावनाओं को व्यक्त-डॉ. माध्वी बोरसे

January 16, 2022

भावनाओं को व्यक्त! क्यों होते हैं हम स्वयं के साथ सख्त,चलो करें, अपनी भावनाओं को व्यक्त,चिकित्सक भी होता है कभी

इन्सानियत के पक्ष में- जितेन्द्र ‘कबीर’

January 15, 2022

इन्सानियत के पक्ष मे क्या तुम सीखना चाहते होखुद कई दिन भूखे रहकरअनाज की कीमत समझना? खुद पर कोई जुल्म

अश्रु- जयश्री बिरमी

January 15, 2022

अश्रु बहते है अश्क ही आंखो के द्वार सेखुशी हो तो भी बहेंगे येगम में तो बहने का दस्तूर ही

Leave a Comment