Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Jayshree_birmi, poem

हदें

हदें शान हैं उसी में इंसान अपनी हद में रहेंजब छोड़ हद न समंदर न ही नदी बहेँइंसान ही हद …


हदें

शान हैं उसी में इंसान अपनी हद में रहें
जब छोड़ हद न समंदर न ही नदी बहेँ
इंसान ही हद न जाने वह हद से बढ़े
बेईमानी की कोई हद ना सदा ही बढे
जूठ के पैर कोई न फिर भी तीव्र चलें
रिश्ते सच्चे बनते जूठे फिर भी निभें
तिजारत भी है बेमानी धोखे से चलें
शिक्षा दीक्षा पढ़ाई सब में धोखा करें
बनावट भरी दुनियां, सब ही शक करें
लिखावट नकली खयालात भी नकली
खबरों की दुनियां भी तो नकली
नेता नकली बेईमान रियाया नकली
असल की खोज में मैं भी तो निकली
पाएं जो जन सत का पाठ वही असली

About author

Jayshree birimi
जयश्री बिरमी
अहमदाबाद (गुजरात)

Related Posts

Yun he nhi ye tiranga mahan hai by Tabrez Ahmad

August 14, 2021

यूं ही नहीं ये तिरंगा महान है। यूं ही नहीं ये तिरंगा महान है।यही तो मेरे देश की पहचान है।हो

Mera vatan Hindustan kavita by mainudeen kohri

August 14, 2021

कवितामेरा वतन हिन्दुस्तान मेरा वतन – मेरा वतन प्यारा है हिन्दुस्तान सबसे प्यारा मेरा प्यारा वतन है हिन्दुस्तान गगन को

Swatantrata divas kavita by Nandini laheja Raipur

August 14, 2021

स्वतंत्रता दिवस कितने वर्ष गुजरे भारत माता नेपराधीनता की जंजीरों मेंअपमानित हुई पल-पल भारत भूमिकुचली गई पैरों तले अंग्रेजों केअनगिनत

Vicharo se banta hai inshan by Jitendra Kabir

August 8, 2021

 विचारों से बनता है इंसान विचार अच्छे हों तो अच्छा बनता है, हों अगर बुरे तो बुरा बनता है इंसान,

Yah sadi ki sabse nayab bimari hai by salil saroj

August 7, 2021

यह सदी की सबसे नायाब बीमारी है बहरों से बातचीत की कोशिश जारी हैयह सदी की सबसे नायाब बीमारी है

Geet by mainudeen kohari

August 7, 2021

 गीत गीत गाए जा.. गुनगुनाए जा… हो सके तो…हो सके तो… मजलूम का दिल बहलाए जा …! गीत गाए जा

Leave a Comment