Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Jayshree_birmi, poem

हदें

हदें शान हैं उसी में इंसान अपनी हद में रहेंजब छोड़ हद न समंदर न ही नदी बहेँइंसान ही हद …


हदें

शान हैं उसी में इंसान अपनी हद में रहें
जब छोड़ हद न समंदर न ही नदी बहेँ
इंसान ही हद न जाने वह हद से बढ़े
बेईमानी की कोई हद ना सदा ही बढे
जूठ के पैर कोई न फिर भी तीव्र चलें
रिश्ते सच्चे बनते जूठे फिर भी निभें
तिजारत भी है बेमानी धोखे से चलें
शिक्षा दीक्षा पढ़ाई सब में धोखा करें
बनावट भरी दुनियां, सब ही शक करें
लिखावट नकली खयालात भी नकली
खबरों की दुनियां भी तो नकली
नेता नकली बेईमान रियाया नकली
असल की खोज में मैं भी तो निकली
पाएं जो जन सत का पाठ वही असली

About author

Jayshree birimi
जयश्री बिरमी
अहमदाबाद (गुजरात)

Related Posts

नारी सब पर भारी हो | Naari par kavita

September 10, 2023

नारी सब पर भारी हो ! नारी हो तुमसब पर भारी होतुम किसी की बेटी बनघर की रौनक बन जाती

नटखट कृष्ण | natkhat krishna

September 6, 2023

नटखट कृष्ण कान्हा, तेरी देख सुंदर छवि प्यारी,मन हुआ विकारों से खाली।मनभावन अखियां तेरी,मोहक मुस्कान है।मोरपंख से सुशोभित मुकुट तेरा,घुंगराले

माँ बूढ़ी हो रही है

August 30, 2023

माँ बूढ़ी हो रही है अबकी मिला हूँ माँ से,मैं वर्षों के अंतराल पर,ध्यान जाता है बूढ़ी माँ,और उसके सफ़ेद

रक्षाबंधन पर कविता

August 30, 2023

 रक्षाबंधन बहन इक भाई के जीवन में रिश्ते कई निभाती है,बन के साया मां की तरह हर विपदा से बचाती

दिकु के झुमके

August 30, 2023

दिकु के झुमके सुनो दिकु….. अनोखे से झुमके तुम्हारेपल पल याद आते है आज भी उनकी झणकार कामेरे कानों में

मां गंगा को शुद्ध करने अनेक मिशन चलाएंगे

August 14, 2023

भावनानी के भाव मां गंगा को शुद्ध करने अनेक मिशन चलाएंगे मां गंगा को शुद्ध करने अनेक मिशन चलाएंगे इन

PreviousNext

Leave a Comment