Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem, Prem Thakker

सुनो दिकु…..| suno diku…..(दिकु की दूरी )

सुनो दिकु….. तुम हो तो जीवन की खूबसूरती हैतुम हो तो सांसो में ताजगी है तुम्हारे बिना हर महफ़िल अधूरीतुम …


सुनो दिकु…..

सुनो दिकु.....| suno diku.....

तुम हो तो जीवन की खूबसूरती है
तुम हो तो सांसो में ताजगी है

तुम्हारे बिना हर महफ़िल अधूरी
तुम हो तो अंधेरों में भी रोशनी है

ना कोई तत्व मिटा सका तुम्हारी यादों को
ना कोई समां भुला सका तुम्हारी बातों को

मेरी हर बात, हर हरकत में 
सिर्फ तुम्हारी ही बातमी है
अब तुम ही बताओ, 
क्या मुझ से दूर करने की यह कायनात की सोच, लाज़मी है?

प्रेम का इंतज़ार अपनी दिकु के लिये


Related Posts

कविता -आधा

September 1, 2022

कविता -आधा जब भी इस दुनिया से मैं खुद को साझा करता हूँमानो लगता है मुझको के खुद को आधा

कविता – उलझ जाता हूँ मैं

September 1, 2022

कविता – उलझ जाता हूँ मैं किसी से बात कहनी होकिसी की बात सुननी होमानवता और मुझमें सेअगर मेरी जात

पर्यावरण संरक्षण

September 1, 2022

पर्यावरण संरक्षण अद्भुत सी सुंदरता है पर्यावरण में,चलो हम भी लाए, कुछ जिम्मेदारियां हमारे आचरण में,क्यों फैला रखा है हमने

अंतिम संदेश।(Last message)

August 31, 2022

अंतिम संदेश। जिंदगी का क्या भरोसा,कब हमारा आखरी पल हो,कभी खुद को तो कभी लोगों को कोसा,पर कौन जाने कि

कविता –प्रेम( प्रेम पर कविता)

August 30, 2022

कविता –प्रेम ( प्रेम पर कविता) प्रेम शब्द जब युवाओं के सामने आया बस प्रेमिका का खुमार दिल दिमाग में

एहसास एक लड़की के

August 30, 2022

“एहसास एक लड़की के” दुनिया मेरे लिए ख़ौफ़ की बिहड़ नगरी है,अंधेरों से नहीं मुझे उजालों से डर लगता है,

PreviousNext

Leave a Comment