सुनो दिकु…..
तुम हो तो जीवन की खूबसूरती है
तुम हो तो सांसो में ताजगी है
तुम्हारे बिना हर महफ़िल अधूरी
तुम हो तो अंधेरों में भी रोशनी है
ना कोई तत्व मिटा सका तुम्हारी यादों को
ना कोई समां भुला सका तुम्हारी बातों को
प्रेम का इंतज़ार अपनी दिकु के लिये
सुनो दिकु….. तुम हो तो जीवन की खूबसूरती हैतुम हो तो सांसो में ताजगी है तुम्हारे बिना हर महफ़िल अधूरीतुम …
तुम हो तो जीवन की खूबसूरती है
तुम हो तो सांसो में ताजगी है
तुम्हारे बिना हर महफ़िल अधूरी
तुम हो तो अंधेरों में भी रोशनी है
ना कोई तत्व मिटा सका तुम्हारी यादों को
ना कोई समां भुला सका तुम्हारी बातों को
प्रेम का इंतज़ार अपनी दिकु के लिये
March 7, 2023
नन्हीं कड़ी में…. आज की बात हौंसला तुम्हारा…(कविता) हे नारी, हो पाक-पवित्र इतनी तुम,समाज ने टटोला हमेशा तुम्हें।पग-पग पर मज़ाक
March 6, 2023
मुस्कुराना सीख रही मुस्कुराना सीख रही हूँ तुम्हारे बिना जीना सीख रही हूँहाँ आज फिर से मुस्कुराना सीख रही हूँजो
March 6, 2023
भावनानी के भाव मेहनत ज़रूर करो पर सब योग है किसी का ईश्वर अल्लाह पर अपार विश्वास है कोई नास्तिक
March 6, 2023
भावनानी के भाव आओ ख़ुशी से जीने की आस कायम रखें आओ खुशी से जीने की आस कायम रखें हम
March 6, 2023
भावनानी के भाव वैश्विक पटल पर भारत तीव्रता से बढ़ रहा है रक्षा क्षेत्र में समझौतों के झंडे गाड़ रहे
March 5, 2023
एकत्व एकाकी, एकाकी, जीवन है एकाकी । मैं भी हूं एकाकी तू भी है एकाकी, जीवन पथ पर है