Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Bhawna_thaker, poem

सुंदर सुरों की नदियाँ / sundar suron ki nadiyan

 “सुंदर सुरों की नदियाँ जानें किस ओर मूड़ गई”  कभी मेरे देश में बहती बयार से खुशबू आती थी अमन …


 “सुंदर सुरों की नदियाँ जानें किस ओर मूड़ गई” 

Bhawna thaker

कभी मेरे देश में बहती बयार से खुशबू आती थी अमन के फूलों की, कौनसा मौसम कत्ले-आम की शमशीर साथ लाया जो रक्त रंजीत कर गया भूमि भारत की…

मिले सुर मेरा तुम्हारा तो सुर बनें हमारा इन सुंदर सुरों के सरगम की नदियाँ जानें किस ओर मूड़ गई, टूट गई अपनेपन की लय हरे, केसरिये में सिमट कर रह गई…

गूँजती थी भारत की वादियों से एकता और भाईचारे की तान, आज लहू-लुहान सी धरा गा रही है मरघट से उठती मरसिये की तान…

आरती अज़ानों सी पाक थी हर पर्व की रंगीनियाँ कभी, आज धर्मांधता में छंटते दुबक कर त्योहारों की रानाइयां रह गई…

चलो कड़ी से कड़ी जोड़े कोई इंसान की सोच को बदलने वाली, छेड़े कोई सरगम ऐसी जिसे सुन हवाओं में उठे भाईचारे की भावना और देश में अमन की लहर उठे… 

रफ़ी ने गाए कान्हा के कई भजन और लता ने गाई कई रुबाईयां, क्यूँ जात-पात के नाम पर हर इंसान के दिल में नफ़रत की आँधी पले…

वक्त को मोड़ लो दिलों को जोड़ लो ले डूबेगी नफ़रत छोटी सी ज़ीस्त है साथ कुछ न आएगा चार कँधे और दो गज ज़मीन बस इतना सरमाया जोड़ लो… 

गिरा दें दीवार एक बनकर चलो देश की बुनियाद मजबूत करें, क्या रखा है राग द्वेष में हरे केसरिये के बीच जूझ रहे धवल को उपर उठाकर अमन का उद्घोष करें…

भावना ठाकर ‘भावु’ बेंगलोर


Related Posts

अच्छी चाह तो अच्छी राह- डॉ. माध्वी बोरसे!

December 10, 2021

अच्छी चाह तो अच्छी राह! चलो सोचे और बोले एक समान, जिंदगी को बना ले, थोड़ा और आसान,दिल से और

जिंदगी का रिमोट कंट्रोल अपने हाथों से चलाना

December 10, 2021

अपनी जिंदगी का रिमोट कंट्रोल अपने हाथों से चलाना! उन्होंने मुझे हंसा दिया,उन्होंने मुझे रुला दिया,उन्होंने मुझे गुस्सा दिलाया,उन्होंने मुझे

हम सभी एक समान-डॉ. माध्वी बोरसे

December 10, 2021

हम सभी एक समान! जाति, धर्म से क्यों करते हैं भेदभाव,क्यों नहीं इंसानियत को आजमाओ? हम सभी का रक्त का

आंसू छलके- डॉ हरे कृष्ण मिश्र

December 10, 2021

आंसू छलके आंसू भरकर स्वागत करना, बहुत पुरानी परंपरा अपनी,इंतजार लंबी जब होती है ,मन के आंसू छलक आते हैं,।।

राजनीति होनी चाहिए- जितेन्द्र ‘कबीर’

December 10, 2021

 राजनीति होनी चाहिए राजनीति होनी चाहिए लोगों के बीच आपसी भाईचारा,प्रेम एवं सौहार्द बढ़ाने के लिए,मगर अफसोसराजनीति होती हैउनके बीच

झंडा दिवस- सुधीर श्रीवास्तव

December 10, 2021

झंडा दिवस आज सशस्त्र सेना झंडा दिवस है सात दिसंबर उन्नीस सौ उनचास कोये मनाया गया था पहली बारतब से

Leave a Comment