Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem, Veena_advani

सिर्फ शुद्धिकरण ख्याति पाए-वीना आडवानी तन्वी

सिर्फ शुद्धिकरण ख्याति पाए क्या साहित्यकार वही सही जिसके शब्दों में शुद्धिकरण समाएमात्रा, अलंकारों में कोई कमी न आए।।क्या एक …


सिर्फ शुद्धिकरण ख्याति पाए

सिर्फ शुद्धिकरण ख्याति पाए-वीना आडवानी तन्वी
क्या साहित्यकार वही सही

जिसके शब्दों में शुद्धिकरण समाए
मात्रा, अलंकारों में कोई कमी न आए।।
क्या एक गलती मात्र भी साहित्यकार
को सफलता नहीं दिलाए ?

आज फिर एक मुहावरा आप सभी को समझाए
बच्चपन में पढ़े एक मुहावरा उसकी याद दिलाए
पांचों उंगलियां न होती समान यही मुहावरा
बच्चों कि शिक्षा को लेकर मास्टर, मां-बाप सुनाए।।

उसी तरह साहित्यकारों में कोई बच्चपन से ज्ञानी
तो कोई कम ज्ञानी भी साहित्यकार बन जाए।।
साहित्यकार तो बस अपने चित्कार, जज़्बात सजाए
कम ज्ञानी कहां मात्रा, अलंकार, गणना करता
वो तो जो वही लिखता जो जज़्बात लिखवाए।।

बहुत से पटलों पर साहित्य प्रतियोगिता हम पाए
जो प्रतियोगिता के बहाने कविता लेकर पुस्तकें
प्रकाशित करवा अपनी मोटी कमाई चाहे।।
पका पकाया, त्रुटि रहित कविता को प्रथम बताएं
सच मर गये सच्चे जज़्बात जो दिल पर तीर चलाए।।

कोई ऊर्दु , शब्दों कि भरमार लिखे कविता में तो
कोई शब्दों के एसे-एसे खतरनाक बम बरसाय
जिसमें शब्द का अर्थ तक अकसर समझ न आए
फिर भी एसे शब्द के बम बरसाने वाले साहित्यकारों
कि कविता की प्रशंसा न समझ आने पर भी लोग,
साहित्यकार वाह-वाही कर खूब हौसला बढ़ाए।।

सच एसे में सिर्फ सच्चे साहित्यकार के
जज़्बात घुट-घुट के मरते जाएं।।२।।
सिर्फ शुद्धिकरण ख्याति पाए।।२।।

वीना आडवानी तन्वी
नागपुर, महाराष्ट्


Related Posts

छोड़ दो नफरत करना- जितेन्द्र ‘कबीर’

December 16, 2021

छोड़ दो नफरत करना सिर्फ इसलिए कि कुछ बाघ नरभक्षी निकल जाते हैं,तो क्या दुनिया से उनका वजूदमिटा दिया जाना

मानव तन – डॉ इंदु कुमारी

December 16, 2021

 मानव तन अनमोल  यह तन पानी का बुलबुलामाया नगरी यह है संसारतारण हार प्रभु संग हैखोज लो बारम्बार बीता हुआ

माशूका धरती- डॉ इंदु कुमारी

December 16, 2021

माशूका धरती मुहब्बत क्या होती हैपूछो वीर जवानों से कुर्वानियों की निशानेपूछो ये जमाने से बलिदानों की महकफिजाओं में फैल

उसका साथ हमेशा देना-जितेन्द्र ‘कबीर’

December 16, 2021

 उसका साथ हमेशा देना कामयाबी के समय तो दुनिया साथ देती है,संघर्ष के समय जो साथ खड़ा हो पाएउसका साथ

पश्चाताप की अग्नि सुधीर श्रीवास्तव-

December 15, 2021

पश्चाताप की अग्नि स्तब्ध रह गया धरा गगन मौन हो गये जन के बोल, निष्ठुर ईश्वर तूने खेलाक्यों ऐसा अनचाहा

वीर जवान- डॉ इंदु कुमारी

December 15, 2021

वीर जवान धरती ने उपजाई हैफसलें अब तक जितने सबसे ऊपर है जिसमेंकहते हैं वो है कोहनूर अनमोल रत्नों में

Leave a Comment