Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

साड़ी- सुधीर श्रीवास्तव

साड़ी साड़ी सिर्फ़ परिधान नहींस्त्री गौरव की भी शान हैसाड़ी विश्व में भारतीय नारियों कामान सम्मान स्वाभिमान है। साड़ी में …


साड़ी

साड़ी- सुधीर श्रीवास्तव
साड़ी सिर्फ़ परिधान नहीं
स्त्री गौरव की भी शान है
साड़ी विश्व में भारतीय नारियों का
मान सम्मान स्वाभिमान है।

साड़ी में नारियों का सौंदर्य निखरता है
शक्ल सूरत सामान्य भी तो भी
साड़ी में नारी का रुप खिला लगता है।
हम लाख आधुनिक हो जायें
पर नारियों का साड़ियों के बिना
काम भी नहीं चलता है,

तीज, त्योहार, उत्सव, विवाद आदि
विशेष मौकों पर हर नारी का
साड़ियों के लिए दिल मचलता है।
साड़ी में ही नारी सुलभ लज्जा का
सजने, संवरने और पूर्णता के साथ
नारी शक्ति का दर्शन होता है।

नारी जब सिर पर पल्लू डालती है
तब उसकी महत्ता का आभास होता है,
साड़ी में ही माँ के आँचल का
गहन भाव होता है।

नारी के जीवन में साड़ी के बिना
उसे कुछ खोने खोने जैसा
निश्चित अहसास है,
साड़ी नारियों का
सबसे खूबसूरत परिधान होता है।

सुधीर श्रीवास्तव
गोण्डा, उ.प्र.
8115285921© मौलिक, स्वरचित


Related Posts

उड़ान – डॉ. इन्दु कुमारी

January 6, 2022

उड़ान हम पंछी है धरा अंबर केसपनों की हम भरे उड़ान स्वच्छंद हो विचरण करूंहै हमें परिधि का ज्ञान जुड़ी

बेनाम- डॉ इंदु कुमारी

January 6, 2022

बेनाम अन्दर की अच्छाईझलक दे ही जाती है समुद्र की गहराई कोछुपाई नहीं जाती है समझने वाले न होपीड़ा बताई

कामना- डॉ इंदु कुमारी

January 6, 2022

कामना फूलों के शहर होप्रेम मय डगर होस्वच्छ नगर होखुशियों के घर मेंएकता माहौल हो समता के गीत सेखुशनुमा संगीत

मित्रता – डॉ इंदु कुमारी

January 6, 2022

मित्रता सर्वोपरि सब रिश्तों मेंकीमत न लेते किस्तों में सार शब्द है मित्रता केसार्थक पहलू है रिश्तों के ईश्वर स्वरुप

सीखें हम बुजुर्गों का सम्मान करना- जितेन्द्र ‘कबीर’

January 6, 2022

सीखें हम बुजुर्गों का सम्मान करना हर बात सही नहीं हो सकती किसी की कभी भीलेकिन जो हमारे लिए सही

चलो निकालें सप्ताह में एक दिन- डॉ. माध्वी बोरसे!

December 27, 2021

चलो निकालें सप्ताह में एक दिन! चलो निकालें सप्ताह में एक दिन, जिसमें खुद का साथ हो,बस खुद से बात

Leave a Comment