Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, poem

सांप्रदायिक सद्भाव, सौद्रह्यता भारत की खूबसूरती

सांप्रदायिक सद्भाव, सौद्रह्यता भारत की खूबसूरती सामाजिक सद्भाव, सौद्रह्यता, समरसता, मानवतावादी दृष्टि की सोच में युवाओं की ऊर्जा का सदुपयोग …


सांप्रदायिक सद्भाव, सौद्रह्यता भारत की खूबसूरती

सांप्रदायिक सद्भाव, सौद्रह्यता भारत की खूबसूरती
सामाजिक सद्भाव, सौद्रह्यता, समरसता, मानवतावादी दृष्टि की सोच में युवाओं की ऊर्जा का सदुपयोग करना वर्तमान समय की मांग

समाज के सद्भाव को बनाए रखने सांप्रदायिकता की भावना, स्वार्थ प्रवृत्ति तथा क्षुब्द निजी इच्छाओं से तात्कालिक ऊपर उठना ज़रूरी- एड किशन भावनानी

गोंदिया – भारत में सदियों से हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सहित अनेक जाती, प्रजाती, उपजाति, धर्म के मानव समुदाय आपस में सामाजिक सद्भाव, सौद्रह्यता, समरसता से रहकर भारतीय परंपराओं को आगे बढ़ाने की मिसाल कायम की है और यही परंपरा आगे कायम रखने हमारी अगली पीढ़ियों को सीख, नसीहत और प्रोत्साहन देने का काम हमारी वर्तमान युवा पीढ़ी को सौंपने का है ताकि समाज के सद्भाव को बनाए रखने सांप्रदायिकता सद्भाव की भावना को कायम रखने, स्वार्थ प्रवृत्ति एवं क्षुब्ध निजी इच्छाओं से ऊपर उठकर माहौल बिगाड़ने वालों का डटकर मुकाबला करने में जांबाज़ी और ज़ज्बे से हमारे पूर्वजों की इस धरोहर को संभालने में कायम रखेंगे।
साथियों बात अगर हम कर्नाटक से उठे ड्रेसकोड मुद्दे की करें तो, इसमें उठे दो पारस्परिक समुदायों के नारों से सामाजिक सद्भाव बिगड़ता नज़र आ रहा है जिसकी आहट पंजाब, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश सहित अनेक राज्यों में सुनाई पड़ रही है जिसे सामाजिक सद्भाव, सौद्रह्यता, समरसता रूपी अस्त्र से रोकने युवाओं का को आगे आने की ज़रूरत है क्योंकि जिस तेजी से भारत अपने अनेक विज्नंस पर काम कर रहा है उसमें इस तरह की परिस्थितियों से बाधा उत्पन्न होगी और भारतीय सांप्रदायिक सद्भाव की खूबसूरती पर विपरीत प्रभाव पड़ने के संकेत मिलेंगे इसलिए यदि नई युवा पीढ़ी ऐसे नाजुक समय में सांप्रदायिक, सामाजिक सद्भाव कायम रखने में अपनी उर्जा का सदुपयोग कर योगदान देने से देश के लिए शुभ संकेत होंगे।
साथियों बात अगर हम कर्नाटक मामले की दिनांक 10 फ़रवरी 2022 को हाईकोर्ट में सुनवाई की करें तो इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के अनुसार, कर्नाटक के स्कूल कॉलेजों में उस मामले पर शुरू हुए विवाद पर गुरुवार को माननीय हाईकोर्ट की फुल बेंच ने सुनवाई शुरू की। पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता को सुनने के बाद सुनवाई सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी। साथ ही कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा है क‍ि वह कॉलेजों को फिर से खोलने का निर्देश देने वाला एक आदेश पारित करेंगे और फैसला आने तक छात्रों को धार्मिक चीजों को पहनकर कॉलेज नहीं आना है। कोर्ट का कहना है कि शांति होनी चाहिए। मामले के वि‍वाद को लेकर कोर्ट ने कहा क‍ि राज्य में शांति लौटनी जरूरी है और स्कूल और कॉलेज जल्द ही खुलने चाहिए।
साथियों बात अगर हम इस कर्नाटक ड्रेसकोड मुद्दे पर दिनांक 10 फरवरी 2022 को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई की करें तो इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के अनुसार, गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में कर्नाटक में उठे मामले को लेकर लगाई गई याचिका पर सुनवाई हुई। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अभी हम मामले में क्‍यों जाएं। पहले हाईकोर्ट को फैसला करने दें। इस मामले में एक वरिष्ठ वकील ने सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के लिए याचिका लगाई थी, उनकी दलील थी कि यह मामला अब पूरे देश में फैल रहा है, परीक्षाएं होने वाली हैं, ऐसे में सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई हो। इसपर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अभी हाईकोर्ट को मामले की सुनवाई करने दीजिये, हम देखेंगे कि आगे क्‍या कर सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई के लिए आगे की तारीख देने से भी इनकार कर दिया है।
साथियों बात अगर हम भारतीय संविधान के आर्टिकल 25, 26, 27, 28 की करें तो, धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार, भारतीय संविधान में अनुच्छेद 25 से अनुच्छेद 28 तक धार्मिक स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार की व्यवस्था है। सबसे पहले बात अनुच्छेद 25 की जो सभी नागरिकों को अंतःकरण की और धर्म के अबाध रूप से मानने, आचरण और प्रचार करने की स्वतंत्रता देता है। लेकिन ये पूर्ण स्वतंत्रता नहीं है, इस पर शर्तें लागू हैं। आर्टिकल 25 (ए) कहता है- राज्य पब्लिक ऑर्डर, नैतिकता, स्वास्थ्य और राज्य के अन्य हितों के मद्देनजर इस अधिकार पर प्रतिबंध लगा सकता है। अनुच्छेद 26 में धार्मिक कार्यों के प्रबंध की स्वतंत्रता का जिक्र है। इसके तहत पब्लिक ऑर्डर, नैतिकता और स्वास्थ्य के दायरे में रहते हुए हर धर्म के लोगों को धार्मिक क्रिया-कलापों को करने, धार्मिक संस्थाओं की स्थापना करने, चलाने आदि का इधिकार है। अनुच्छेद 27 में इस बात की व्यवस्था है कि किसी व्यक्ति को कोई ऐसा टैक्स देने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता जिससे किसी खास धर्म का पोषण हो रहा हो। अनुच्छेद 28 के तहत कहा गया है कि पूरी तरह सरकार के पैसों से चलने वाले किसी भी शिक्षा संस्थान में धार्मिक शिक्षा नहीं दी जा सकती। राज्यों द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थाओं में लोगों की सहमति से धार्मिक शिक्षा दी जा सकती है, लेकिन ये शिक्षा सरकार की तरफ से निर्देशित पाठ्यक्रम के अनुरूप होने चाहिए।
साथियों बात अगर हम सांप्रदायिक, सामाजिक सद्भाव में मानवीय खूबीयों की करें तो, एक सामाजिक प्राणी होने के नाते मनुष्य समाज में रहता है तथा एक बेहतर, तरक्की तथा अमन पसंद समाज के किए सामाजिक सद्भाव अत्यंत महत्वपूर्ण है। सामाजिक सद्भाव के कारण ही समाज में विविधता होते हुए भी लोगों में आपसी प्रेम, मित्रता तथा भाईचारा रहता है तथा लोग एक-दूसरे के सुख-दुख में भागीदार होते हैं।
अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर उसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि सांप्रदायिक सद्भाव भारत की खूबसूरती है। सामाजिक सद्भाव, समरसता मानववादी दृष्टि की सोच में युवाओं की ऊर्जा का सदुपयोग करना वर्तमान समय की मांग है तथा समाज के सद्भाव को बनाए रखने सांप्रदायिकता की भावना, स्वार्थ प्रवृत्ति तथा क्षुब्द निजी इच्छाओं से तात्कालिक ऊपर उठना ज़रूरी है।

-संकलनकर्ता लेखक- कर विशेषज्ञ एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र


Related Posts

मानवीय बुराइयों को त्यागकर सच्चे इंसान बने

July 28, 2023

मानवीय बुराइयों को त्यागकर सच्चे इंसान बने become-a-true-human-being-by-leaving-human-evils भयानक छल कपट और पाप की करनी इसी जीवन में सूद समेत

सात सुरों से भर दो | saat suron se bhar do kavita

July 28, 2023

सात सुरों से भर दो सात सुरों से भर दो बेरंग सी हुई मेरी दर्द-ए जिंदगी में, रंग भर दो

इजराइल संसद में न्यायिक सुधार बिल पारित

July 27, 2023

इजराइल संसद में न्यायिक सुधार बिल पारित – Israeli-parliament-passes-judicial-reform-bill  राजनीतिक शक्ति पर न्यायिक अंकुश को रोकने का मकसद?- जनता का

बैंक ऋण वसूली, रिकवरी के अनैतिक तरीके

July 27, 2023

बैंक ऋण वसूली, रिकवरी के अनैतिक, मनमाने तरीकों की संसद के मानसून सत्र में गूंज़ bank-loan-recovery-unethical-methods-of-recovery सरकारी व निजी बैंकों

नीली चिड़िया उड़ गई – एक्स की स्थापना हो गई | twitter logo

July 24, 2023

नीली चिड़िया उड़ गई – एक्स की स्थापना हो गई Twitter logo नीली चिड़िया उड़ा कर डागी नहीं एक्स मिलेगा

नव वसंत | Nav basant by priti Chaudhary

July 24, 2023

नव वसंत नव वसंत तुम लेकर आना, पतझर सा है यह जीवन। सूख चुकी है सब शाखाएँ, झरते नित ही

PreviousNext

Leave a Comment