Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Dr_Madhvi_Borse, poem

सरोजिनी नायडू!-डॉ. माध्वी बोरसे

सरोजिनी नायडू! हमारे देश की कोकिला,एक महान क्रांतिकारी महिला,बेहतरीन इनकी साहित्य गतिविधियां,अनेकों इनकी प्रसिद्धिया! सच्ची देशभक्त और क्रांतिकारी वीरांगना,हम सभी …


सरोजिनी नायडू!

सरोजिनी नायडू!-डॉ. माध्वी बोरसे
हमारे देश की कोकिला,
एक महान क्रांतिकारी महिला,
बेहतरीन इनकी साहित्य गतिविधियां,
अनेकों इनकी प्रसिद्धिया!

सच्ची देशभक्त और क्रांतिकारी वीरांगना,
हम सभी के लिए आदर्श का प्रतीक और प्रेरणा,
डट कर किया ब्रिटिश शासन के खिलाफ सामना,
आजाद भारत की थी उनकी अंत तक कामना!

कभी कविताएं,कभी संगीत,
गांधी जी के विचारों से प्रभावित,
कभी साहित्यिक तो कभी राजनीतिक,
12 वर्ष की उम्र में उन्होंने पास कर ली मैट्रिक!

प्रथम महिला अध्यक्ष और राज्यपाल,
सरोजिनी जी ने आंदोलन की बागडोर को संभाल,
जोशीली कविता से बदल दिया देश का हाल,
जागरूकता और महिला सशक्तिकरण की हे यह मिसाल!!

डॉ. माध्वी बोरसे!
(स्वरचित व मौलिक रचना)
राजस्थान (रावतभाटा)


Related Posts

मन- डॉ.इन्दु कुमारी

December 8, 2021

 मन रे मन तू चंचल घोड़ासरपट दौड़ लगाता हैलगाम धरी नहीं कसकेत्राहि त्राहि मचाने वाली जीवन की जो हरियालीपैरों तले

मेरा एक सवाल- विजय लक्ष्मी पाण्डेय

December 8, 2021

मेरा एक सवाल…!!! पढ़े लिखे काका भैया से,मेरा एक सवाल।माँ -बहनों की गाली से ,कब होगा देश आजाद.?? अरे !

उलझे-बिखरे सब”- अनीता शर्मा

December 8, 2021

उलझे-बिखरे सब” कितने उलझे-उलझे हुए सब , कितने बिखरे-बिखरे हुए सब। बनावटी दुनिया में उलझे हुए सब, दिखावटी सब सज-धज

चल चला चल राही तू-डॉ माध्वी बोरसे!

December 4, 2021

चल चला चल राही तू! चल चला चल राही तू, मुसाफिर तू कभी रुकना ना,रुकना ना, कभी झुकना ना,तेरेते रह

ऐ उम्मीद -सिद्धार्थ गोरखपुरी

December 3, 2021

ऐ उम्मीद ऐ उम्मीद! मैं तुमसे छुटकारा चाहता हूँ। क्योंकि मैं खुश रहना ढेर सारा चाहता हूँ।तुम न होती तो

बेमानी- जयश्री बिरमी

December 3, 2021

बेमानी उम्रभर देखी हैं ये दुनियां की रस्मेंन ही रवायतें हैं निभाने की कसमेंजब भूले गए थे वादे और तोड़ी

Leave a Comment