Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

lekh, Veena_advani

समाज सेवा में भावना का स्थान नहीं , पर इंसान हैं हम भी

समाज सेवा में भावना का स्थान नहीं , पर इंसान हैं हम भी आज मेरी कलम कि चितकार खामोश हो …


समाज सेवा में भावना का स्थान नहीं , पर इंसान हैं हम भी

आज मेरी कलम कि चितकार खामोश हो गई दर्द में डूब कर इस कदर कि समझ नहीं आ रहा लिखूं तो क्या लिखूं , किस कदर लिखूं , क्यों कि आज खुद को ही मैं नाकाम पा रही , खुद को ही दोष दे रही की मैं कुछ ना कर पाई , मेरी सोच और मेरी वेदना के आंसू मुझे कोस रहे हैं । रोके ना रूक रहे आंसू मेरे और दर्द मुझे झकझोर रहा है । एक पल दिल को समझाती कि जितना हो सका तूने किया , किसी की जिंदगी और मौत के समय का चक्र तो उस भग्वान के हाथ में ही है । पर सिर्फ कुछ पल समझा पाती खुद को यहां -वहां मन भी बहलाती पर फिर घुमा-फिरा के दर्द मुझे अपने लपेटे में ही ले लेता । ब्लड कार्डिनेटर बन के बहुत कड़वे और कुछ मीठे अनुभव भी हुए । जिसके अंतर्गत हम सिर्फ कोशिश करते किसी मरीज को ब्लड दिलवाने की , कोशिश कामयाब भी हो जाती बहुत से केस में और अंतर्आत्मा तृप्त होती किसी की दुआएं पाकर या ये कह लें मरीज़ के परिचितों की दुआएं पाकर । एसे ही एक केस आया लखनऊ का जिसने मुझे दर्द से भर दिया जिसमें आंसू मेरे थम नहीं पाए केस के अंतर्गत , जिसमें बच्चे की उम्र मात्र तेरह साल थी । बच्चा ए-प्लास्टिक एनिमिया से जूंझ रहा था अठारह अगस्त को जब केस आया तब बच्चे की मां से मेरी बात हुई , जिसका रो-रो कर बुरा हाल था , वो कोई भी जानकारी देने में अस्मर्थ थी सिर्फ रोए जा रही थी और बस बार-बार गुहार लगा रही थी मैडम मेरे बचवा को बचा लो गांव की भाषा में , जब बच्चे के पिता के बारे में पूछा बोली वो घर पर हैं बहुत बीमार है , मां अकेले पड़ गई थी तब लखनऊ के पुलिस अधिकारी सब इंस्पेक्टर आदरणीय जितेंद्र सिंह से संपर्क किया , और इस केस में इतना दुखी हो गई की बस उनको जैसे हुकुम देते हुए कह दिया आप जाओ अभी बच्चे की मां कि मदद् करो , पुलिस अधिकारी जितेंद्र सिंह मेरी संवेदनाओं कि कद्र कर नाराज़ होने के बजाए पूरा सहयोग किये । निरंतर मां से संपर्क कर जितेन्द्र सर सहयोग करते रहे मां का , आर्थिक रूप से कमजोर मां को आर्थिक सहायता भी देनी चाही सर ने परंतु मां सिर्फ़ यही कही बच्चे के लिए ब्लड का बंदोबस्त कर दो , मेरे बच्चे को बचा लो । पूर्णतः मां के प्रयाओं को भी नमन जो अकेले यम से लड़ रही थी बच्चे की जान बख्शने के लिए , पर कहां उसके लिखे काल चक्र पर किसी का बस चलता है मां के साथ-साथ जितेन्द्र सर और दूसरे अधिकारी वर्ग और मैं भी हार गयी । सच हृदय दर्द से इतना भर गया कि रोए बिना न रह पाई । जितेन्द्र जी के द्वारा जब ये सूचना प्राप्त हुई तो जितेन्द्र जी का कंठ भी रूंआसा सा हो गया था , वो भी अपने आसूंओं जज़्बातों को दबा मुझे ही सांत्वना बंधाते रहे , सोचती हूं की मैं असहाय हूं मैं कुछ नहीं कर सकती और सोचा मैं ये सेवा का कार्य अब नहीं करूंगी । पर दिल ना माना और सोचा जैसे डाक्टर मरीज में मोह नहीं रखते अपना कर्म और प्रयास करते हर संभव सुविधा दिलवाते , ठीक उसी तरह हमें भी खुद को कड़ा दिल बनाना है , वरना एक के कारण सेवा का कार्य छोड़ दिया तो दूसरे लोगों कि मदद् ना कर मैं ज्यादा पाप की भागीदारी बनूंगी । यही सोच फिर सेवा के कार्य में जुट गई , पर दिल रूक-रूक कर उस मां कि करूणा भरी गुहार को जैसे मेरे कानों में गूंजा रहा था । दिल को कैसे समझाऊं नहीं समझ आ रहा पर समझाते हुए आगे बढ़ना भी जरूरी है । सच अनजानों संग , अनदेखे लोगों संग ना जाने क्यों दिल इतना जुड़ जाना कि बस दिल माने नहीं मानता । आज भी हमारे देश के जितेंद्र सिंह जैसे पुलिस अधिकारी, वीर सपूत हैं जो अपने घर के दायित्व के साथ-साथ , अपने देश के प्रति अपने पद् के प्रति दायित्व निर्वाह के साथ-साथ मानवता सेवा के लिए सदैव तत्पर रहते हैं । नमन देश के समस्त वीरों को , समाज सेवियों को जो किसी अनजाने के दर्द को अपना समझ पूरी तरह से निष्ठा से सेवा के लिए तत्पर रहते हैं ।

About author

veena-advani

वीना आडवाणी तन्वी
नागपुर, महाराष्ट्र


Related Posts

परमाणु युद्धकाल!!!

March 3, 2022

परमाणु युद्धकाल!!! परमाणु हथियारों का उपयोग मानवता और दुनिया के लिए आपदा – मानव प्रजातियों को विलुप्तता से बचाने सामूहिक

ऑपरेशन गंगा – दुनिया के लिए एक मिसाल!!!

March 3, 2022

ऑपरेशन गंगा – दुनिया के लिए एक मिसाल!!! युद्ध भूमि में फंसे छात्रों को भारत लाने की मज़बूत रणनीति –

वैश्विक अर्थव्यवस्था पर विपरीत असर पड़ेगा

March 3, 2022

वैश्विक अर्थव्यवस्था पर विपरीत असर पड़ेगा!!! युद्ध मानवता के लिए बहुत बड़ी त्रासदी, इसकी मानवीय और वित्तीय कीमत चुकानी पड़ेगी

अंतर्राष्ट्रीय मंचों नाटो, यूएनओ, ईयू के रहते युद्ध!!!

February 28, 2022

अंतर्राष्ट्रीय मंचों नाटो, यूएनओ, ईयू के रहते युद्ध!!! भारत की नैतिक मनोदृष्टि का विश्व में डंका- आक्रमण रोकने यूक्रेन ने

भारतीय भाषाएं अनमोल रत्न

February 24, 2022

भारतीय भाषाएं अनमोल रत्न!! डिजिटल प्रौद्योगिकियों के विकास ने हमें अपनी भाषाओं और संस्कृति विरासत को संरक्षण और विकास के

अत्यधिक मूल्यवान है ज्ञान

February 24, 2022

अत्यधिक मूल्यवान है ज्ञान! हर्तुर्याति न गोचरं किमपि शंपुष्णाति यत्सर्वदाह्यर्थिभ्यः प्रतिपाद्यमानमनिशं प्राप्नोति वृद्धिं पराम् ।कल्पान्तेष्वपि न प्रयाति निधनं विद्याख्यमन्तर्धनयेषां तान्प्रति

Leave a Comment