सब्र। सब्र पर कविता| kavita -sabra
सब्र। जब आंखें नम हो जाती है, जब आत्मा सहम जाती है, उम्मीद जिंदा नहीं रहती, जिंदगी गम से भर …
Related Posts
जानना – चन्दानीता रावत
January 7, 2022
।।जानना ।। सृष्टि पर आये हो तो जानना सीखोजान जाओ परिस्थियो कोपरिवेश को तुम जानना सीखो सीख जाओगे तू जिन्दगी
नए साल में नई शुरुआत-डॉ. माध्वी बोरसे!
January 7, 2022
नए साल में नई शुरुआत! नया-नया सा साल, नई नई सी बातें,नया नया सब कुछ है, नई नई सौगातें,नए-नए से
वह एक ही परम शक्ति-डॉ. माध्वी बोरसे!
January 7, 2022
वह एक ही परम शक्ति! किस बात का गुरूर है तुझे इंसान,तू इतना भी हे नहीं महान,करने वाला वह, कराने
INDIA-Dr. Madhvi Borse
January 7, 2022
INDIA India is the fastest growing country, India has given calculus, algebra, zero and trigonometry. India is a great Nation,With
गुणगान ( गुरु)- तेज देवांगन
January 7, 2022
गुणगान( गुरु) कितना करूं गुणगान इनका,मेरे अल्फाज कम पड़ जाएंगे,अगर पीरों भी लूं इन्हे तारो में,मेरे साज कम पड़ जाएंगे.कितना
अकेला!-डॉ. माध्वी बोरसे
January 7, 2022
अकेला! दुख में हमेशा इंसान अकेला होता है, सुख में दुनिया उसके साथ होती है! उत्साह के लिए इंसान हमेशा