सब्र। सब्र पर कविता| kavita -sabra
सब्र। जब आंखें नम हो जाती है, जब आत्मा सहम जाती है, उम्मीद जिंदा नहीं रहती, जिंदगी गम से भर …
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गणतंत्र दिवस के उपलक्ष में…
January 24, 2022
गणतंत्र दिवस के उपलक्ष में…. नन्हीं कड़ी में…. आज की बात जीना चाहता हूँ… (कविता…) मैं भी किसी के आँख का तारा
हिंदू राष्ट्र-दीप मदिरा
January 24, 2022
हिंदू राष्ट्र मैं हिंदू राष्ट्र का समर्थक हूं। अगर तुम देने को तैयार हो समानताकिसी को नहीं बता रहे हो
आगे बढ़ते हैं!-डॉ. माध्वी बोरसे!
January 24, 2022
आगे बढ़ते हैं! वक्त बीत गया, समा बदल गया, चलो सब भूल कर आगे बढ़ते हैं,दिल में लाए दया,अब और
यही कुछ फर्क है!- डॉ. माध्वी बोरसे!
January 24, 2022
यही कुछ फर्क है! जब नहीं था हमारे पास अलार्म, स्वयं से याद रखते थे सारे काम,ना था मोबाइल फोन
खुशियों की बहार-डॉ. माध्वी बोरसे!
January 24, 2022
खुशियों की बहार! लाए खुशियों की बहार, चाहे परेशानियां हो हजार,जिंदगी तो है कुछ पलों की,लड़े कैसा भी हो प्रहार!
IMPORTANCE OF EXPRESSING EMOTIONS AND IT’S POSITIVE IMPACT ON MENTAL HEALTH.
January 24, 2022
IMPORTANCE OF EXPRESSING EMOTIONS AND IT’S POSITIVE IMPACT ON MENTAL HEALTH. Ear to hear, is such an incredibly amazing platform,