Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kanchan chauhan, poem

सफलता सांझी है | safalta saanjhi hai

सफलता सांझी है मत भूल सफलता सांझी है,कुछ तेरी है, कुछ मेरी है ।मां -बाप और बच्चे सांझे है,कुछ रिश्ते …


सफलता सांझी है

सफलता सांझी है | safalta saanjhi hai

मत भूल सफलता सांझी है,
कुछ तेरी है, कुछ मेरी है ।
मां -बाप और बच्चे सांझे है,
कुछ रिश्ते -नाते सांझे हैं।

कुछ जिम्मेदारी सांझी है ,
कुछ हिस्सेदारी सांझी है।
मेहनत जो तुमने की है तो,
इंतज़ार मैंने भी किया तेरा।
कुछ लम्हें तन्हा काटे हैं,
कुछ तुम बिन फ़र्ज़ निभायें हैं।
मेहनत तेरी तभी रंग लाई है,
जिम्मेदारी जब तेरी, मैंने निभाई है।
इसलिए सफलता सांझी है,
कुछ तेरी है, कुछ मेरी है।
मत भूल सफलता सांझी है,
कुछ तेरी है, कुछ मेरी है।
तुम से पूर्ण रूप मेरा,
और मुझसे हो सम्पूर्ण तुम।
मैं और तुम दोनों हम हैं,
हम दोनों से ये दुनिया है।
जो कुछ भी है,सब दोनों का,
फिर लाभ हो या फिर हानि है।
कुछ तेरी जिम्मेदारी है,
कुछ मेरी जिम्मेदारी है।
इसलिए सफलता सांझी है,
कुछ तेरी है, कुछ मेरी है।

कंचन चौहान


Related Posts

क्यों एक ही दिन मां के लिए

May 8, 2022

क्यों एक ही दिन मां के लिए मोहताज नहीं मां तुम एक खास दिन कीतुम इतनी खास हो कि शायद

सोता हूँ माँ चैन से, जब होती हो पास

May 8, 2022

सोता हूँ माँ चैन से, जब होती हो पास  मां शब्द का विश्लेषण शायद कोई कभी नहीं कर पाऐगा, यह दो

मातृ दिवस पर कहो कैसे कह दूँ की मैं कुछ भी नहीं

May 7, 2022

“मातृ दिवस पर कहो कैसे कह दूँ की मैं कुछ भी नहीं” जिस कोख में नौ महीने रेंगते मैं शून्य

माँ तेरे इस प्यार को

May 7, 2022

माँ तेरे इस प्यार को तेरे आँचल में छुपा, कैसा ये अहसास ।सोता हूँ माँ चैन से, जब होती हो

बीते किस्से

May 7, 2022

बीते किस्से अपनी जिंदगी के कुछ नायाब किस्से मैं सुनाती हूंलोग कहते मुझे पागल , मैं तो कलम कि दीवानी

कविता-दर्द ने दस्तक दी

May 6, 2022

दर्द ने दस्तक दी आज फिर दर्द ने मेरे दिल पर दस्तक दे दी हमें यू ना रुलाओ… 2मैं इस

PreviousNext

Leave a Comment