Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

सपने- सुधीर श्रीवास्तव

सपने सपने देखिये सपने देखना अच्छी बात है,पर सपनों को पंख भी दीजिएउड़ने के लिए खुला आकाश दीजिए। सपनों को …


सपने

सपने- सुधीर श्रीवास्तव
सपने देखिये

सपने देखना अच्छी बात है,
पर सपनों को पंख भी दीजिए
उड़ने के लिए खुला आकाश दीजिए।

सपनों को दायरे में न बाँधिए
खुलकर परवाज करने दीजिये,
सपने भी हकीकत बनते हैं
बस! उन्हें फलने फूलने का
आधार तो दीजिये।

कौन कहता है
सपने सिर्फ सपने होते हैं
हकीकत से मीलों दूर होते हैं,
सपनों को खुली आँँखों से
देखना तो सीखिये।

एक बार सिर्फ़ और सिर्फ़
सपनों को हकीकत में
सच करने का जुनून तो कीजिए।
रक्तदान, नेत्रदान, अंगदान ही नहीं
देहदान का सपना तो पालिए,
सपने सच हो जायेंगे

मेरी तरह आप भी बस एक बार
तनिक हौसला तो कीजिये,
मरकर भी जीवित रहने का
फैसला भर कीजिये।
विश्वास कीजिए
सपने हकीकत बन जायेंगे,

मरने के बाद भी आप
संसार में जिंदा रह जायेंगे,
सूक्ष्म शरीर से ही सही
नाम ही नाम कमायेंगे
आपके गुण गाये जायेंगे।

सुधीर श्रीवास्तव
गोण्डा, उ.प्र.
8115285921
©मौलिक, स्वरचित


Related Posts

मेरे किस्से -सतीश सम्यक

February 7, 2022

मेरे किस्से- सतीश सम्यक तुम्हें पता थाकिमैं तुम्हें पसंद करता हूँ।तभी तो तुम ,मुझे जलाने की खातिरनाम लिया करती थी

बेरोजगार हूं-दीप मदिरा

February 7, 2022

बेरोजगार हूं कभी कट्टर हिंदूवादी हूं कभी कट्टर भाजपा समर्थक हूं कभी कट्टर मोदी समर्थक हूं कभी कट्टर योगी समर्थक

जाति -पाति- -सिद्धार्थ गोरखपुरी

February 6, 2022

जाति -पाति जाति-पाति में मत उलझो ,रहना है हमें हर ठाँव बराबर।सिर के ऊपर सूरज तपता ,तो पाँव केनीचे छाँव

नब्ज/नेता- सधीर श्रीवास्तव

February 6, 2022

नब्ज/नेता मैं नेता हूं मगर मैं दूसरे किस्म का नेता हूंगली गली नहीं भटकताजनता की नब्ज नहीं टटोलता,क्योंकि मुझे खुद

गाँधी जी तुम्हें प्रणाम- सुधीर श्रीवास्तव

February 6, 2022

गाँधी जी तुम्हें प्रणाम हे बापू हे राष्टृपिता संत साबरमती केपुजारी अहिंसा केतुम्हें नमन हैकोटि कोटि प्रणाम है।देश में आज

दोस्तों के नाम की शाम-सुधीर श्रीवास्तव

February 6, 2022

दोस्तों के नाम की शाम आइए!कुछ करते नहीं तो बस इतना करते हैं,एक शाम दोस्तों के नाम करते हैं,मौज मस्ती

Leave a Comment