Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Dr. Alpa. H. Amin, poem

सच जिंदगी बोलती हैं. |Sach zindagi bolti hai

 सच जिंदगी बोलती हैं…..  Sach zindagi bolti hai  ध्यान से सुनो जिंदगी बोलती हैं   कभी हँसती कभी रोती हैं नई …


 सच जिंदगी बोलती हैं….. 

Sach zindagi bolti hai
Sach zindagi bolti hai 

ध्यान से सुनो जिंदगी बोलती हैं  

कभी हँसती कभी रोती हैं

नई नई सीख देकर पढ़ाती हैं

सच जिंदगी बोलती हैं 

सिंचन संस्कार उत्तम देती हैं

सच्चाई का तजुर्बा लिए जिंदगी खिलती हैं

सौम्यता की सौगात देकर जीना सिखाती है

सच जिंदगी बोलती हैं 

कई सुरों का संगम बांटती हैं  

कभी धून, कभी लय में नचाती है

संगीत के आलाप स्वरूप सजती है

उमंग की रंगत भर्ती है

सच जिंदगी बोलती है 

दर्द से बिलखती भी है

लड़खड़ाकर चलती भी है

हौसले की पंख धायल है

पर उचाई को छूना कैसे है

ऐसी उम्दा उम्मीद कायम करती है

सच जिंदगी बोलती है 

जीवन तो गहरा सागर है

विशाल अंबर जैसा तन्हा है

बंधन की गरिमा निभानी है

रिश्तों में ‘जान’ भरनी हैं

अपनों के खातिर संघर्ष करना हैं

सारी जिम्मेदारी बखूबी सिखाती हैं

सच जिंदगी बोलती हैं

 मुझमें फैली हैं तुझमें फैली है

अरे संसार की हर रचना उससे खिली हैं

वो कायनात से जुड़ी है

रब की बनाई रब ने संवारी हैं

करती जादूगरी हैं

सचमुच ऐ जिंदगी बोलती हैं 


डॉ.अल्पा. एच.अमीन

अहमदाबाद,  

गुजरात,.


Related Posts

मीठी जुबान का ऐसा कमाल है

January 19, 2023

मीठी जुबान का ऐसा कमाल है मीठी जुबान का ऐसा कमाल है कड़वा बोलने वाले का शहद भी नहीं बिकता

जाने क्यों लोग ज़लनखोरी किया करते हैं

January 19, 2023

जाने क्यों लोग ज़लनखोरी किया करते हैं साहित्यकारों लेखकों चिंतको के आर्टिकल छपते हैं गलत नीतियों कामों पर व्यंग्य कसते

zindagi par kavita | बोलती जिंदगी

January 19, 2023

बोलती जिंदगी  बोलती जिंदगी ,मौन होकर के सुन || सप्त स्वर सुन मचलने लगे सब के दिल, किस की पायल

कविता -भारतीयता के भाव और कट्टरता

January 19, 2023

भारतीयता के भाव और कट्टरता  कट्टरता का भाव गलत है,मेल न खाता भारत से।। जाग-जाग ओ सोये भारत, यह खिलबाड़

कविता-सवांद हर समस्या को सुलझाने का मंत्र है

January 15, 2023

कविता-सवांद हर समस्या को सुलझाने का मंत्र है संवाद हर समस्या का उपचार है विश्वास रखोे मिलेगा फ़ल देर सही

कविता-मैं तुम्हारी मीरा हूं| mai tumhari Meera hun.

January 15, 2023

कविता-मैं तुम्हारी मीरा हूं जहर का कटोरा पीने की हिम्मत हो,तभी कहना कि हे कृष्ण मैं तुम्हारी मीरा हूं।अगर प्यार

PreviousNext

Leave a Comment