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शुक्रिया- नाचीज बीकानेरी

शुक्रिया शुक्रिया-ए-अल्लाह-शुक्रिया । तूने जो हमें इंसान बनाया ।। तेरी तारीफ कैसे करूँ । अल्फ़ाज़ देने वाला तू हैं ।। …


शुक्रिया

शुक्रिया- नाचीज  बीकानेरी

शुक्रिया-ए-अल्लाह-शुक्रिया ।
तूने जो हमें इंसान बनाया ।।
तेरी तारीफ कैसे करूँ ।
अल्फ़ाज़ देने वाला तू हैं ।।
इज्ज़त-रिज़्क देने वाला तू है ।
जिंदगी-मौत का मालिक तू है ।।
तेरी रहमतों का तलबगार मैं हूँ ।
तेरे दरबार से सब कुछ पाता हूँ ।।
मुझको क्या- क्या न अत्ता किया तूने ।
शुक्र-गुजार हूँ तेरा सब कुछ दिया तूने।।
ए-अल्लाह हर ग़ज़ब-अजाब से बचाना ।
सीधी राह चलाना हमें बुराइयों से बचाना।।
ए-अल्लाह जीने का सलीका अत्ता कर ।
नेक राह चलें हमें हक-परस्ती अत्ता कर ।।
ए-अल्लाह मख़लूक़ को अज़ाब से बचा ।
गुनाहों से तौबा करते हैं तूअज़ाब से बचा।
मुझे यकीं हैं हमारी फरियाद सुनेंगे आका ।
इस अज़ाब से सबक जरूर लेंगे आका।।

नाचीज बीकानेरी


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