Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Dr-indu-kumari, poem

शहीदों के वैलेंटाइन डे- डॉ इंदु कुमारी मधेपुरा बिहार

शहीदों के वैलेंटाइन डे। वैलेंटाइन डे तो सब मनाते हैं पर कारवां कुछऐसे कर जाते हैंमानस पटल पर छविअंकित हो …


शहीदों के वैलेंटाइन डे।

शहीदों के वैलेंटाइन डे- डॉ इंदु कुमारी मधेपुरा बिहार

वैलेंटाइन डे तो
सब मनाते हैं
पर कारवां कुछ
ऐसे कर जाते हैं
मानस पटल पर छवि
अंकित हो जाती है
त्याग बलिदान की
मिसाल कायम
कर जाती है
प्यार मोहब्बत का
असली पाठ पढ़ाते
पवित्रता और निश्छलता
सिखलाते हैं
प्रेम पथिक को राह दिखाते हैं
वैलेंटाइन डे तो सब मनाते हैं
अपनी माशूका के लिए
अपने शीश चढ़ाते हैं
ऐसी कारिस्तानी किया है
भारत के वीर जवानों ने
अपनी धरती से प्रेम किया
खून से होली खेली है
सपनों से श्रृंगार कर
त्याग का महल बनाते हैं
प्रेम निद्रा के अखंड प्यार में
चिर निद्रा सो जाते हैं
भारतीय सपूत सिखलाते हैं
प्रेम के पाठ पढ़ाते हैं
सच्चा प्यार दिखाते हैं।

डॉ इंदु कुमारी
मधेपुरा बिहार


Related Posts

मृत्यु कविता-नंदिनी लहेजा

December 22, 2021

मृत्यु क्यों भागता हैं इंसान तू मुझसे इक अटल सत्य हूँ मैंजीवन का सफर जहाँ ख़त्म है होतावह मंजिल मृत्यु

चिंतन के क्षण- डॉ हरे कृष्ण मिश्र

December 22, 2021

चिंतन के क्षण रोम रोम में बसी है यादें,बचा नहीं कुछ अपना है,तेरे मेरे अपने सारे सपने,बिखर गए सारे के

बेरोजगारी का एक पहलू यह भी- जितेन्द्र ‘कबीर’

December 22, 2021

बेरोजगारी का एक पहलू यह भी आजकल लोगों कोघर का काम करने के लिएईमानदार और मेहनती लोग नहीं मिलते,जमीन का

रूठे यार को मनाऊं कैसे-अंकुर सिंह

December 21, 2021

रूठे यार को मनाऊं कैसे रूठे को मैं कैसे मनाऊं, होती जिनसे बात नहीं,यादों में मैं उनके तड़पूउनको मेरा ख्याल

संवेदना- डॉ इंदु कुमारी

December 21, 2021

संवेदना मानव हम कहलाते हैं क्या हमने अंतस् मेंकभी झांककर देखा हैस्वार्थ में सदा जीते रहेपर पीड़ा कभी देखा हैअगर

सफर-डॉ. माध्वी बोरसे!

December 20, 2021

सफर! बहुत समय से बैठे हैं, घर के अंदर, चलो करें, शुरू एक नया सफर,घूमे गांव और अलग-अलग शहर,महसूस करें,

Leave a Comment