Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Jayshree_birmi, poem

शहरों की शान

शहरों की शान आज गुजर रहा था सड़क परएक वृद्ध को गाड़ी से होती टक्करसब भागे जा रहे थे अपने …


शहरों की शान

आज गुजर रहा था सड़क पर
एक वृद्ध को गाड़ी से होती टक्कर
सब भागे जा रहे थे अपने पथ पर
तब लगा मुर्दों के शहर में रहता हूं मैं

चार रास्ते पर भीख मांगती लड़की
दिखा के अपने जिस्म और अंग को
देख कर सब भीख दे रहे थे तब
लगा मुझे मुर्दों के शहर में रहता हूं मैं

शादी के पंडाल के बाहर लगा था
जूठे खाने का भंडारा उनके लिए
जो गरीब बच्चे लूट लूट खा रहे थे तब
लगा मुझे मैं मुर्दों के शहर में रहता हूं

सारे आम किसी लड़की को छेड़ते
लड़कों को देख अपने अपने रास्ते
जातें हुएं लोगों को देख कर
लगा मुझे मैं मुर्दों के शहर में रहता हूं

देश की संपत्ति को जला कर नुकसान
कर के अपनी मांगे रखने वालें युवान
को देख दिल जला रहा था सोचो युवा
अपना किस रास्ते जा रहा था
लगा मैं मुर्दों के शहर में रहता हूं

छोड़ वृद्ध माता पिता को बच्चे
जब क्लब और पार्टियों में चले
जाते हैं मां बाप जब उन्हें बोझ
लगने लगते हैं तब
लगा मुझे मैं मुर्दों के शहर में रहता हूं

About author

Jayshree birimi
जयश्री बिरमी
अहमदाबाद (गुजरात)

Related Posts

कविता–मनुष्य | manushya par kavita

January 11, 2023

कविता–मनुष्य मनुष्य रंग बदलता मनुष्य,ढ़ंग बदलता मनुष्य। चाल बदलता मनुष्य, ढ़ाल बदलता मनुष्य। पल में फिरता मनुष्य, पल में विफरता

Hindi Divas par kavita

January 9, 2023

मातृभाषा हिन्दी भाषा कोई भी हो चाहे वो अंग्रेजी या फ्रांसीसी ,जब भी बोली जाती है आधार बनाएगी हिन्दी,अक्षर क्षर

कविता–कृष्ण की व्यथा| krishna ki vyatha

January 9, 2023

कविता–कृष्ण की व्यथा क्या कृष्ण की कोई व्यथा नहीं थी? उनकी पीड़ा की कोई गाथा नहीं थी? छोड़ा गोकुल मैया

कविता – ‘रूह’ | kavita rooh

January 9, 2023

कविता – ‘रूह’ मैं अजर हूँ मैं अमर, जीवन मृत्यु से हूँ परे।रहती हूँ प्राणी के तन में मैं,दिए में

Ayurved par kavita | आयुर्वेद पर कविता

January 8, 2023

आयुर्वेद और मधुकवि हर दिन हर घर आयुर्वेद।। दूर करे तन मन के खेद।। नस नाड़ी को पुष्ट बनाता।। त्रिविध

Kashmir par kavita | कश्मीर पर कविता

January 8, 2023

अपना कश्मीर और मधुकवि अब तो सोए हुए भारती जाग जा|| देखले अपने भारत की क्या है दशा|| आज हिन्सा

PreviousNext

Leave a Comment