Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Laxmi Dixit, lekh

शरद पूर्णिमा एक वैज्ञानिक दृष्टिकोण

शरद पूर्णिमा एक वैज्ञानिक दृष्टिकोण हिंदू कैलेंडर में सभी व्रत त्यौहार चंद्रमा की कलाओं के अनुसार निर्धारित तिथियों पर मनाए …


शरद पूर्णिमा एक वैज्ञानिक दृष्टिकोण

शरद पूर्णिमा एक वैज्ञानिक दृष्टिकोण

हिंदू कैलेंडर में सभी व्रत त्यौहार चंद्रमा की कलाओं के अनुसार निर्धारित तिथियों पर मनाए जाते हैं। चंद्रमा का महत्व खगोलशास्त्र, ज्योतिषशास्त्र, अध्यात्म,आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा में है। ऐसा कहते हैं कि एक सामान्य मनुष्य में 6 से 7 कलाएं होती हैं। पशुओं में चार से पांच जबकि चंद्रमा में 16 कलाएं होती हैं। जो हैं अमृत, मनदा (विचार), पुष्प (सौंदर्य), पुष्टि (स्वस्थता), तुष्टि( इच्छापूर्ति), ध्रुति (विद्या), शाशनी (तेज), चंद्रिका (शांति), कांति (कीर्ति), ज्योत्सना (प्रकाश), श्री (धन), प्रीति (प्रेम), अंगदा (स्थायित्व), पूर्ण (पूर्णता अर्थात कर्मशीलता) और पूर्णामृत (सुख)। अमावस्या से पूर्णिमा तक के बढ़ती हुई कलाओं के समय को शुक्ल पक्ष कहा जाता है। जबकि इसके विपरीत पूर्णिमा से अमावस्या तक के घटती हुई कलाओं के दिनों को कृष्णपक्ष कहा जाता है। ज्यादातर त्यौहार पूर्णिमा के दिन मनाए जाते हैं। पूर्णिमा के क्षण में, सूर्य और चंद्रमा पृथ्वी के विपरीत दिशा में होते हैं, और चंद्रमा का प्रकाशित भाग पृथ्वी के रात्रि पक्ष की ओर होता है। वर्ष में कुल 12 पूर्णिमा होती हैं जिनमें शरद पूर्णिमा सबसे विशेष है क्योंकि इस रात्रि को चंद्रमा पृथ्वी से सबसे करीब होता है। चंद्रमा को मन का कारक कहा जाता है। मतलब इसका प्रभाव मन, भावनाओं और मस्तिष्क पर पड़ता है। शरद पूर्णिमा की रात्रि को खुले आसमान के नीचे खीर रखने और इसे सुबह अमृतवेला में खाने की परंपरा है।

इसका वैज्ञानिक दृष्टिकोण यह है कि आश्विन मास में दिन गर्म होते हैं जबकि रात ठंडी जिससे कि शरीर में पित्त(एसिडिटी) की अधिकता हो जाती है दूध में लैक्टिक अम्ल होता है। यह किरणों से अधिक मात्रा में शक्ति को सोखता है। प्रवरं जीवनियानां क्षीरमुक्तं रसायनम– चरक संहिता। चावल में स्टार्च होने के कारण यह प्रक्रिया और भी आसान हो जाती है। मिश्री भी पित्त को कम करती है।इससे पित्त का समन होता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। वैज्ञानिक शोधों के अनुसार इस दिन दूध से बने उत्पाद का चांदी के पात्र में सेवन करना चाहिए। चांदी में प्रतिरोधक क्षमता अधिक होती है। इससे विषाणु दूर रहते हैं। इस रात्रि व्यक्ति को कम से कम 30 मिनट तक शरद पूर्णिमा का स्नान करना चाहिए। 16 कलाओं से परिपूर्ण चंद्रमा की शीतल किरणों से शरीर का ओज (सात प्रकार के धातुओं का सार- चरक संहिता) बढ़ता है और व्यक्ति युवा और स्फूर्तिवान महसूस करता है।इस दिन बनने वाला वातावरण दमा के रोगियों के लिए विशेषकर लाभकारी माना गया है। त्वचा की एलर्जी और नेत्र विकार भी इस रात्रि चंद्रमा की शीतल किरणों से शांत होते हैं। इस प्रकार प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति में शरद पूर्णिमा का विशेष महत्व है।

एक अध्ययन के अनुसार शरद पूर्णिमा पर औषधियों की स्पंदन क्षमता अधिक होती है। यानी औषधियों का प्रभाव बढ़ जाता है रसाकर्षण के कारण जब अंदर का पदार्थ सांद्र (कंसंट्रेटेड) होने लगता है, तब रिक्तिकाओं (वेकुओल) से विशेष प्रकार की ध्वनि उत्पन्न होती है। भगवान श्री कृष्ण ने गीता में कहा है- पुष्णामि चौषधिः सर्वाः सोमो भूत्वा रसात्यमकः।। अर्थात “मैं रसस्वरूप अर्थात अमृतमय चंद्रमा होकर सम्पूर्ण औषधियों को, वनस्पतियों को पुष्ट करता हूँ।”

© लक्ष्मी दीक्षित

About author 

Laxmi Dixit
लक्ष्मी दीक्षित
(लेखिका, आध्यात्मिक गाइड)

Related Posts

दोगलेपन का शिकार समाज

May 25, 2022

 “दोगलेपन का शिकार समाज” ताज्जुब की बात है 21वीं सदी का पढ़ा लिखा, अंग्रेजी झाड़ने वाला, आधुनिक समाज एक औरत

हमें सुनिश्चित करना होगा कि लड़कियां स्कूल न छोड़ें।

May 25, 2022

 हमें सुनिश्चित करना होगा कि लड़कियां स्कूल न छोड़ें। -सत्यवान ‘सौरभ’ भारतीय महिलाओं ने ओलंपिक खेलों में अब तक भारत

चिंता का सबब बनता गिरता हुआ रुपया

May 25, 2022

चिंता का सबब बनता गिरता हुआ रुपया -सत्यवान ‘सौरभ’ रुपये के मूल्यह्रास का मतलब है कि डॉलर के मुकाबले रुपया

बड़े बुजुर्ग हमारे थिंक टैंक हैं

May 24, 2022

 बड़े बुजुर्ग हमारे थिंक टैंक हैं जनरेशन गैप की वर्तमान में बढ़ती समस्या- समाधान आपस में ढूंढना ज़रूरी  बच्चों और

मैं मैं का भाव मानवीय विकारों में से एक

May 24, 2022

 मैं मैं का भाव मानवीय विकारों में से एक मैं – मेरी प्रतिभा – मेरा नेतृत्व सर्वोपरि हैं अभिमान का

पारंपरिक और आधुनिक शिक्षा प्रणाली के बीच खाई

May 24, 2022

 पारंपरिक और आधुनिक शिक्षा प्रणाली के बीच खाई?!! भारतीय प्राचीन विरासत अद्भुत कृतियों से भरी हुई है जिसे संरक्षित प्रिलेखित

Leave a Comment