Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Jitendra_Kabir, poem

शक्ति का झूठा दंभ

 शक्ति का झूठा दंभ जितेन्द्र ‘कबीर’ उसने हमला किया… इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं कि वह बहुत बड़ा शूरवीर या …


 शक्ति का झूठा दंभ

जितेन्द्र 'कबीर'
जितेन्द्र ‘कबीर’

उसने हमला किया…

इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं

कि वह बहुत बड़ा शूरवीर

या बहादुर है,

बहादुरी एवं शूरवीरता

हथियारों के बल पर 

नहीं दिखाई जा सकती कभी,

उसने हमला किया…

क्योंकि वह मन ही मन

डर रहा है तुमसे,

वह अपने अस्तित्व पर

खतरा महसूस करता है

जब तुम अपनी बुलंद आवाज में

उसके गलत कार्यों का

प्रतिकार करते हो,

वह जानता है कि वह तुमसे

प्रेम, धैर्य, तर्क एवं न्याय में

जीत नहीं सकता

और इसी डर के चलते वह

हथियारों से तुम पर हमला करता है,

लेकिन वह नहीं जानता

कि एक निहत्थे इंसान से

यूं हथियार लेकर लड़ने जाना ही

दुनिया की सबसे बड़ी कायरता है,

वह डरता है कि उसकी कमजोरी

दुनिया के सामने आ गई

तो उसकी झूठी शान का शीशमहल

चकनाचूर हो जाएगा

और इसी डर के कारण वह

तुम पर हमला करने के सौ बहाने

एवं दलीलें गढ़ता है,

मगर वह नहीं जानता

कि खुद को सही साबित करने के लिए

उसका यूं छटपटाना ही

उसकी सबसे बड़ी हार है,

मृत्यु के अंतिम क्षणों में

जब उसकी स्मृतियां वापस दौड़ेंगी

उसके छुपे हुए डर की पटरियों पर

तब वह हमलावर जान जाएगा

कि शक्तिशाली एवं निडर होने का 

उसका दंभ

दुनिया का सबसे बड़ा झूठ था।

                               जितेन्द्र ‘कबीर’                              

यह कविता सर्वथा मौलिक अप्रकाशित एवं स्वरचित है।

साहित्यिक नाम – जितेन्द्र ‘कबीर’

संप्रति – अध्यापक

पता – जितेन्द्र कुमार गांव नगोड़ी डाक घर साच तहसील व जिला चम्बा हिमाचल प्रदेश

संपर्क सूत्र – 7018558314


Related Posts

पिता जिनके पास है उसकी बुलंद तकदीर खास हैपिता जिनके पास है उसकी बुलंद तकदीर खास है

June 17, 2023

पिता दिवस 18 जून 2023 के उपलक्ष में सभी बच्चों के सुपर हीरो उनके पिता है, बच्चों को प्रोत्साहित करने

कविता –रक्तदान महादान kavita – raktdan mahadan

June 13, 2023

विश्व रक्तदाता दिवस 14 जून 2023 के उपलक्ष में मानव को रक्तदाता बनने के लिए प्रेरित करने पर आधारित यह

विश्व रक्तदाता दिवस 2023 | vishwa raktdata divas 2023

June 13, 2023

विश्व रक्तदाता दिवस 2023 रक्त ना हो अग़र तन में भला कैसे जिए कोई,है अचरज क्या रक्तवीरों को ईश्वर जो

कविता –हलचल| kavita halchal

June 13, 2023

शीर्षक-हलचल हलचल हिय में हो रही ,जैसे नदी तरंग ।आकुल मैं नवयौवना,पुलकित है हर अंग।। जाने कब होंगे मुझे, उस

मेरी आवाज़ ऊपर तक पहुंचे

June 13, 2023

मेरी आवाज़ ऊपर तक पहुंचे देश के कानून के अंतर्गत नियम नया लाना हैज्यादा कुछ नहीं थोड़ा उलट फेर कर

भ्रष्टाचार के कुदरती भयंकर नतीजे महसूस किया हूं

June 11, 2023

भावनानी के व्यंग्यात्मक भाव भ्रष्टाचार के कुदरती भयंकर नतीजे महसूस किया हूं बेटा बेटी पत्नी को बीमारी ने घेर लिया

PreviousNext

Leave a Comment