Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, poem

व्यंग्य कविता-मेरी ऊपर तक पहुंच है| meri upar tak pahunch hai

व्यंग्य कविता-मेरी ऊपर तक पहुंच है अच्छों अच्छों को अपने झांसे में लाता हूं जो सियानें बनते हैं उनको ठगियाता …


व्यंग्य कविता-मेरी ऊपर तक पहुंच है

अच्छों अच्छों को अपने झांसे में लाता हूं
जो सियानें बनते हैं उनको ठगियाता हूं
अपनी सुपरपोजिशन दिखियाता हूं
मेरी ऊपर तक पहुंच है बोलता हूं

सभी उम्मीदवारो पर पासा फेकता हूं
जो झांसे में आए हरे गुलाबी लेता हूं
घुमा फिराकर बातूनी पटकनीं देता हूं
मेरी ऊपर तक पहुंच है बोलता हूं

ऊपर वाले से फोन कर बात करवाता हूं
वह मेरा ही फंटर है राज़ नहीं बताता हूं
उम्मीदवारी सहित जीत पक्की सपने दिखाता हूं
मेरी ऊपर तक पहुंच है बोलता हूं

शासकीय काम घर बैठे करवाता हूं
ठास्के से हरे गुलाबी अधिक मात्रा में लेता हूं
सबसे ऊपर नहीं सिर्फ ऊपर फुटाने तुल्य देता हूं
मेरी ऊपर तक पहुंच गए दिखाता हूं

सबसे ऊपर की पहुंच हर ऑफिस में बोलता हूं
उनके लेवल की फाइल आगे बढ़वाता हूं
उसके आगे पहुंच की धौंस दिखाता हूं
मेरी ऊपर तक पहुंच है बोलता हूं

About author

Kishan sanmukh

-संकलनकर्ता लेखक – कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र


Related Posts

व्याकुल अंतर- डॉ हरे कृष्ण मिश्र

January 13, 2022

व्याकुल अंतर प्रीत निभाती रात गई बित , जोड़ जोड़ कर सपने-अपने,बंद आंखों में मिलन यामिनी ,हुई भोर तो साथ

कान्हा तू काहे करत मनमानी -सरस्वती मल्लिक

January 13, 2022

कविता : कान्हा तू काहे करत मनमानी कान्हा तू काहे करत मनमानी बार -बार समझाया तुझकोफिर भी एक न मानीनित

प्रेरणा- सुधीर श्रीवास्तव

January 13, 2022

प्रेरणा कहने सुनने में छोटा सा शब्द मगर भाव बड़ा है, किसी की अंधेरे में डूबती जिंदगी मेंउम्मीद की किरण

बता रहा है धुआँ – सिद्धार्थ गोरखपुरी

January 7, 2022

शीर्षक – बता रहा है धुआँ आदमी अंदर और बाहर उड़ा रहा है धुआँ तिल -तिल फेफड़ों को सड़ा रहा

कितनी हैरानी की बात है!- जितेन्द्र ‘कबीर

January 7, 2022

कितनी हैरानी की बात है! कितनी हैरानी की बात हैकि भौतिक जीवन की सार हीनता औरमृत्यु को सहज भाव से

नशा एक परछाई-जयश्री बिरमी

January 7, 2022

नशा एक परछाई क्यों चाहिए तुम्हे वो नशाजो तुम्हे और तुम्हारे प्यारोंको करता बरबाद हैं नशा करों अपने काम काया

Leave a Comment