Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, poem, vyan

व्यंग्य कविता-क्योंकि मैं शासन का जँवाई राजा हूं| kyuki Mai shashan ka jawai raja hun

यह व्यंग्यात्मक कविता शासकीय कर्मचारियों का शासन पद चेयर में अभूतपूर्व सम्मान हरे गुलाबी की बारिश जनता पर ठस्का समाज …


यह व्यंग्यात्मक कविता शासकीय कर्मचारियों का शासन पद चेयर में अभूतपूर्व सम्मान हरे गुलाबी की बारिश जनता पर ठस्का समाज में तुत्वर शासन और जनता के जवाई की हैसियतपर आधारित है।

व्यंग्य कविता-क्योंकि मैं शासन का जँवाई राजा हूं

शासन का ठस्के वाला कर्मचारी हूं
जनता पर धौंस खुलेआम जमाता हूं
अपने पद का दुरुपयोग करता हूं
क्योंकि मैं शासन का जँवाई राजा हूं

गया जमाना जब जनतासेवक थाअब जमाई हूं
अच्छे अच्छों के काम लटकाता हूं
मिलीभगत से पद की सुरक्षा पाता हूं
क्योंकि मैं शासन का जँवाई राजा हूं

प्रक्रिया में डिस्क्रीएशनरी पावर रखता हूं
ठाठ बाट ऐश एयाशी से रहता हूं
जनता से बहुत जीहुजूरी मस्कापॉलिश पाता हूं
क्योंकि मैं शासन का जँवाई राजा हूं

किसी की इज्जत करतानहीं वल्कि करवाता हूं
सेठ लोगों से हरे गुलाबी जुगाड़ करता हूं
गरीबों मीडियम क्लास को चकरे खिलाता हूं
क्योंकि मैं शासन का जँवाई राजा हूं

ऊपर मलाई पहुंचाके जवाई का रुतबा पाता हूं
शासन को ससुराल और पद को माल सूतो यंत्र
और चेयर से रुतबे की लाठी चलाता हूं
क्योंकि मैं शासन का जमाई जँवाई राजा हूं

About author

Kishan sanmukh

-संकलनकर्ता लेखक – कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र


Related Posts

हे प्रभु हमें दो शक्ति – बच्चों की प्रेरक प्रार्थना कविता

हे प्रभु हमें दो शक्ति – बच्चों की प्रेरक प्रार्थना कविता

December 31, 2025

हे प्रभु, हमें दो शक्ति प्यारी, सच्चे राह पर चलने की जोड़ी, दूसरों के दिलों में प्यार बढ़ाएं, हर काम

आम फल का राजा – बच्चों के लिए प्यारी बाल कविता

आम फल का राजा – बच्चों के लिए प्यारी बाल कविता

December 31, 2025

आम फलों का राजा है, मीठा-मीठा ताजा है। गर्मी में यह आता है, सबके मन को भाता है। पीला, हरा,

नीम का पेड़ – बच्चों के लिए प्रेरक बाल कविता

नीम का पेड़ – बच्चों के लिए प्रेरक बाल कविता

December 31, 2025

हमारे आंगन में है एक पेड़, नीम का पेड़, बड़ा ही गढ़। छांव देता, हवा भी ठंडी, उसके नीचे लगे

कुएँ की खामोशी

कुएँ की खामोशी

December 15, 2025

मन करता है मैं उसी कुएँ से नहाऊँ, पानी भरूँ जहाँ कभी परिवार के सभी लोग हँसी के छींटों में

रसेल और ओपेनहाइमर

रसेल और ओपेनहाइमर

October 14, 2025

यह कितना अद्भुत था और मेरे लिए अत्यंत सुखद— जब महान दार्शनिक और वैज्ञानिक रसेल और ओपेनहाइमर एक ही पथ

एक शोधार्थी की व्यथा

एक शोधार्थी की व्यथा

October 14, 2025

जैसे रेगिस्तान में प्यासे पानी की तलाश करते हैं वैसे ही पीएच.डी. में शोधार्थी छात्रवृत्ति की तलाश करते हैं। अब

Next

Leave a Comment