Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Jayshree_birmi, lekh

वैश्विक प्रश्नों में अपने देश की उपलब्धियां

वैश्विक प्रश्नों में अपने देश की उपलब्धियां भारत की वैश्विक रूतबा दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा हैं, इस बात में …


वैश्विक प्रश्नों में अपने देश की उपलब्धियां

जयश्री बिरमी अहमदाबाद
भारत की वैश्विक रूतबा दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा हैं, इस बात में कोई शक नहीं हैं।ये बात अभी आए हुए यूके के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन की दो दिन की मुलाकात से साबित हो रही हैं।वे पहले दिन गुजरात में पहुंचे तो,जैसे उनका स्वागत हुआ ये देख सराहना करतें हुए बोले कि उनका स्वागत हुआ तब उन्हे सचिन तेंदुलकर या अमिताभ बच्चन जैसी अनुभूति हो रही थी। समन्यत: कोई भी नेता आते हैं तो ताज महल या कोई दूसरी जगह जाते हैं किंतु उन्होंने कहीं और जाने के बजाय गुजरात में गांधी आश्रम की मुलाकात ली और चरखा भी चलाया और गुजरात में बूडोजर के उत्पादन के यूनिट का उद्घघाटन कर उसमे सवारी भी की।स्वामीनारायण मंदिर में पूजा आदि में हिस्सा लिया और संतो से बातचीत भी की, ये सब आजतक अपने देश में आने वाले किसी भी देश के प्रेसिडेंट या प्रधानमंत्री ने नहीं किया हैं।उनके साथ हुई बातों में जो जानने को मिल रहा हैं वह हैं – वे आतंकवाद को अपने देश में पनपने नहीं देंगे। और उनके देश में भी एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड की रचना करेंगे, विजय माल्या और निरव मोदी का प्रत्यार्पण के बारे में भी बात की और कहा कि उनके देश के कानून का फायदा उठा कर कोई भी गुनेगार सरक्षण नहीं पा सकेगा।
वैसे देखें तो हिंद महासागर में एक खास बेइज देखने मिलता हैं –डियागो गर्सिया– जो फूली पावर्ड बेइज़ हैं जहां आम आदमी का जाना मना हैं।जिसमे बड़े बड़े रनवेज, बंकर और ऑयल आदि के संग्रह की व्यवस्था हैं,ये अमेरिका का महत्वपूर्ण बेइस हैं जहां उनके तीनों बॉम्बर को और टॉप के हथियार को रखा हुआ हैं।इसकी महत्ता ये हैं कि यही वो जगह हैं जहां से चीन के उपर दबाव डाला जा सकता हैं ये सेंटर प्वाइंट हैं।यहां एक विवाद हैं जो इसके अस्तित्व के लिए प्रश्न उठता हैं।ये मॉरीसियस का हिस्सा हैं किंतु यूके ने जब मोरिसियस को आजाद करने से पहले अमरीका को दिया था जिसको पाने के लिए आंतर राष्ट्रीय कोर्ट के साथ सभी संस्थाओं में ये बात कही हैं और उसे इस मामले में सफलता मिली हैं।यहां सब कुछ सही चल रहा था कि मॉरिशस के पक्ष में आया चुकादा आने से हिंदमहासागर से हटा तो चीन का व्याप बढ़ेगा और चीन की नीतियों से सब वाकिफ ही हैं।जब मॉरिशस के प्रधानमंत्री भी बोरिस जॉनसन के साथ अपने देश में हाजिर हैं तब इस मामले में समझौता होना संभावित लग रहा हैं।ये मामला शायद प्रधानमंत्री मोदी की मध्यस्थि से हल हो जाएं।जिसका हल ये हो सकता हैं कि यू.के. आंतरराष्ट्रीय कोर्ट का चुकादा मान लें और फिर मोरिसियस को समझाया जाएं कि इसे वह अमेरिका को 99 सालों तक लीज पर दे दे जिसके बदलें में एक तय रकम उन्हें अमेरिका दे दिया करेगा।
अभी यूक्रेन का प्रश्न ज्वलंत ही हैं और रशिया का दूसरे यूरोपीय देशों के साथ भी रिश्ते खराब होते जा रहे हैं।पश्चिमी देशों से प्राप्त आयुधों से रशिया का सामना कर तबाही मचा रहे यूक्रेन के इन्ही शस्त्रों के जाखिरों पर ही हमला कर उन्हे नष्ट कर रहे हैं रूसी सैनिक। युद्ध के हालातों में भी मोदी जी का यूरोप का दौरा जरूर कुछ परिणाम लायेगा। वहां प्रधानमंत्री फ्रांस और जर्मनी का दौरा करेंगे।ये अपने लिए गर्व की बात हैं कि इस युद्ध के हालातों में प्रधानमंत्री जी की मध्यस्ता को मान्यता दे अपना भरोसा जता चुके हैं।ब्रिटन की यूक्रेन हथियार देने वाली नीति से नाराज रूस अब ब्रिटन को धमकियां दे रहा हैं। कीव में रह रहें विदेशी अफसरों के निवास्थान पर भी हमला करने की चेतावनी रूस दे चुका हैं,वहीं पुतिन का व्यक्तव्य जिसमे कह रहें हैं कि युद्ध का अंत आपसी बातचीत से भी हो सकता हैं।वैसे ये भी उल्लेखनीय हैं कि ये तीन दिन की अपने प्रधानमंत्री की यात्रा का इस युद्ध पर क्या असर करती हैं।

जयश्री बिरमी
अहमदाबाद


Related Posts

लव जिहाद-आंखों पर पट्टीयां ना बांधों प्यार की बेटियों

November 26, 2022

आंखों पर पट्टीयां ना बांधों प्यार की बेटियों- लव जिहाद Love jihad जी हां , आज जब खुद से ही

तबस्सुम| Tabassum

November 25, 2022

तबस्सुम तबस्सुम| Tabassum  एक ऐसी कलाकारा जिसको भूल पाना मुश्किल होगा,हालाकि वह उतनी मशहूर नहीं थी। न ही बिग बैनर

फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफ़टीए)| Free Trade Agreement (FTA)

November 25, 2022

फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफ़टीए)| Free Trade Agreement (FTA) अर्थव्यवस्था को गति देने में मुक्त व्यापार समझौता मील का पत्थर साबित

क्या आत्महत्या ही एक मात्र रास्ता?

November 25, 2022

क्या आत्महत्या ही एक मात्र रास्ता? |Is suicide the only way? Is suicide the only way? क्या आत्महत्या ही एक

जलकुक्ड़ा – ज़लनखोरी| jalkukda-jalankhori

November 25, 2022

जलकुक्ड़ा – ज़लनखोरी दूसरों के साथ जलनखोरी या इर्ष्या रखने वाले जीवन में कभी सफलता प्राप्त नहीं करते ईर्ष्या में

वर्तमान चुनौतियों से निपटने के लिए मजबूत औद्योगिक नीति की जरूरत।Strong industrial policy needed to meet the current challenges.

November 25, 2022

वर्तमान चुनौतियों से निपटने के लिए मजबूत औद्योगिक नीति की जरूरत। देश का सन्तुलित विकास करने कि लिए संसाधनों को

PreviousNext

Leave a Comment