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kishan bhavnani, poem

विश्व माता पिता दिवस पर कविता |

1 जून 2023 को भारत में विश्व माता पिता दिवस बड़ी धूमधाम से मनाया गया। माता-पिता बूढ़े बुजुर्गों का अनेक …


1 जून 2023 को भारत में विश्व माता पिता दिवस बड़ी धूमधाम से मनाया गया। माता-पिता बूढ़े बुजुर्गों का अनेक कार्यक्रमों में स्वागत किया गया सम्मान दिया गया उनके सम्मान में यह मेरी में स्वयं रचित लिखित रचना समर्पित है

भावनानी के भाव

सृष्टि में माता-पिता से बढ़कर कोई नहीं

विश्व माता पिता दिवस पर कविता | poem on world parents day

सृष्टि में माता-पिता से बढ़कर कोई नहीं
हम क्या जाने हमारे लिए हमारी मां
कितने दिन कितनी रातें सोई नहीं
माता-पिता से बढ़कर दुनिया में कोई नहीं

माता-पिता को ठेस पहुंचाने तुल्य कोई पाप नहीं
माता-पिता की सेवा कर ख़ुश रहने जैसा पुण्य नहीं
जिनके हृदय में माता-पिता का मूल्य नहीं
सृष्टि में वह मानवता के तुल्य नहीं

माता-पिता की सेवा तुल्य कोई पुण्य नही
मां पृथ्वी से बड़ी पिता आकाश से ऊंचा है
माता-पिता से बढ़कर कोई तीर्थ देवता गुरु नहीं
माता-पिता से मिले संस्कार की तुलना नहीं

About author

कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र
कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट 
किशन सनमुख़दास भावनानी 
गोंदिया महाराष्ट्र

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