Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, poem

विश्व माता पिता दिवस पर कविता |

1 जून 2023 को भारत में विश्व माता पिता दिवस बड़ी धूमधाम से मनाया गया। माता-पिता बूढ़े बुजुर्गों का अनेक …


1 जून 2023 को भारत में विश्व माता पिता दिवस बड़ी धूमधाम से मनाया गया। माता-पिता बूढ़े बुजुर्गों का अनेक कार्यक्रमों में स्वागत किया गया सम्मान दिया गया उनके सम्मान में यह मेरी में स्वयं रचित लिखित रचना समर्पित है

भावनानी के भाव

सृष्टि में माता-पिता से बढ़कर कोई नहीं

विश्व माता पिता दिवस पर कविता | poem on world parents day

सृष्टि में माता-पिता से बढ़कर कोई नहीं
हम क्या जाने हमारे लिए हमारी मां
कितने दिन कितनी रातें सोई नहीं
माता-पिता से बढ़कर दुनिया में कोई नहीं

माता-पिता को ठेस पहुंचाने तुल्य कोई पाप नहीं
माता-पिता की सेवा कर ख़ुश रहने जैसा पुण्य नहीं
जिनके हृदय में माता-पिता का मूल्य नहीं
सृष्टि में वह मानवता के तुल्य नहीं

माता-पिता की सेवा तुल्य कोई पुण्य नही
मां पृथ्वी से बड़ी पिता आकाश से ऊंचा है
माता-पिता से बढ़कर कोई तीर्थ देवता गुरु नहीं
माता-पिता से मिले संस्कार की तुलना नहीं

About author

कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र
कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट 
किशन सनमुख़दास भावनानी 
गोंदिया महाराष्ट्र

Related Posts

शोहरतों का परचम- सुधीर श्रीवास्तव

May 9, 2022

 शोहरतों का परचम शोहरतों के परचम  लहराने का गर इरादा है तो कुछ ऐसा कीजिए जो अलग हो औरों से

ज़िंदगी- सुधीर श्रीवास्तव

May 9, 2022

 ज़िंदगी वाह री जिंदगी तू भी कितनी अजीब जाने क्या क्या गुल खिलाती है कभी हंसाती, कभी रुलाती है और

कविता – ख्वाब – सिद्धार्थ गोरखपुरी

May 9, 2022

 कविता – ख्वाब  ये ख्वाब न होते तो क्या होता? झोपड़ी में रहने वाले लोग जब थोड़े व्यथित हो जाते

जलियांवाला बाग-

May 9, 2022

 जलियांवाला बाग बैशाखी का पावन दिन तारीख तेरह अप्रैल उन्नीस सौ उन्नीस एक सभा हो रही थी रौलेट एक्ट का

छात्रों को एक साथ दो डिग्रियों के अवसर!!

May 8, 2022

छात्रों को एक साथ दो डिग्रियों के अवसर!! एक छात्र एक ही समय में दो स्नातक, स्नातकोत्तर या डिप्लोमा पाठ्यक्रम

क्यों एक ही दिन मां के लिए

May 8, 2022

क्यों एक ही दिन मां के लिए मोहताज नहीं मां तुम एक खास दिन कीतुम इतनी खास हो कि शायद

Leave a Comment