Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, lekh

विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस 3 मई 2022 पर विशेष

विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस 3 मई 2022 पर विशेष लोकतंत्र के चौथे स्तंभ प्रेस/मीडिया की सरकार की ज़वाबदेही सुनिश्चित करने, …


विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस 3 मई 2022 पर विशेष

लोकतंत्र के चौथे स्तंभ प्रेस/मीडिया की सरकार की ज़वाबदेही सुनिश्चित करने, आम लोगों की आवाज प्रशासन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका .

विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस 2022 थीम – डिजिटल घेराबंदी के तहत पत्रकारिता 

कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र

वर्तमान डिजिटल युग में पत्रकारिता एक चुनौतीपूर्ण सेवा – एड किशन भावनानी

गोंदिया – लोकतंत्र के चार स्तंभ होते हैं यह हम सब जानते हैं। न्यायपालिका, कार्यपालिका, विधायका और प्रेस/मीडिया। लोकतंत्र के इस चौथे स्तंभ का विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस 3 मई 2022 को मनाया जा रहा है। प्रेस/मीडिया की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित करने, आम लोगों की आवाज़ प्रशासन तक पहुंचाने की है जो आज के युग में एक चुनौतीपूर्ण कार्य है!!हालांकि किसी भी देश की सरकारें शासन प्रशासन अपने कर्तव्यों अधिकारों का पालन संविधान, कानून, नियमों, विनियमों की प्रक्रिया के दायरे में ही करते हैं तथा देश के उद्योगपति, व्यवसाई, नागरिक भी अपना दैन्य जीवनकार्य शासन द्वारा बनाए नियमों की सीमाओं में ही करते हैं। परंतु कुछ इसके अपवाद भी हो सकते हैं जो इन कानूनों, मर्यादाओं को ताक पर रखकर अपने कर्तव्यों की अनदेखी कर अनधिकृत रूप से कार्यों को दिशा देते हैं। बस!! यही से प्रेस/मीडिया का कार्य शुरू होता है जो इतना जोख़िम भरी सेवा होंगी यह हम सब समझ सकते हैं।
साथियों बात अगर हम भारतीय प्रेस/मीडिया के स्वतंत्रता की करें तो भारतीय कानूनी प्रणाली द्वारा यह स्पष्ट रूप से संरक्षित नहीं किया गया है लेकिन यह संविधान के अनुच्छेद 19 (1) (क) के तहत संरक्षित है जिसमें कहा गया है कि सभी नागरिकों को वा एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार होगा। हालांकि प्रेस की स्वतंत्रता भी असीमित नहीं होती है। कानून इस अधिकार के प्रयोग पर केवल उन प्रतिबंधों को लागू करता है जो अनुच्छेद 19 (2) मौलिक अधिकारों पर प्रतिबंध के दायरे में आते हैं। वह हैं, भारत की संप्रभुता और अखंडता से संबंधित मामले, राज्य की सुरक्षा, विदेशी राज्यों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध, सार्वजनिक व्यवस्था शालीनता या नैतिकता या न्यायालय की अवमानना के संबंध में मानहानि या अपराध को प्रोत्साहन।
साथियों बात अगर हम प्रतिवर्ष प्रेस स्वतंत्रता दिवस मनाने की करें तो इसका उद्देश्य प्रेस/मीडिया की आजादी के महत्व के प्रति लोगों में जागरूकता फैलाना है परंतु वर्तमान डिजिटल युग में प्रेस मीडिया का कार्य चुनौतीपूर्ण हो गया है इस वर्ष 2022 की थीम – डिजिटल घेराबंदी के तहत पत्रकारिता, रखा गया है
साथियों बात अगर हम इस वर्ष 2022 की थीम की करें तो, पत्रकारों पर निगरानी और डिजिटल रूप से मध्यस्थता वाले हमलों और डिजिटल संचार में जनता के विश्वास पर इस सब के परिणामों से पत्रकारिता को खतरे में डालने वाले कई तरीकों पर प्रकाश डालती है। नवीनतम यूनेस्को वर्ल्ड ट्रेंड्स रिपोर्ट इनसाइट्स चर्चा पत्र थ्रेट्स दैट साइलेंस: ट्रेंड्स इन द सेफ्टी ऑफ जर्नलिस्ट्स पर प्रकाश डाला गया है कि कैसे निगरानी और हैकिंग पत्रकारिता से समझौता कर रहे हैं। निगरानी व्हिसल ब्लोअर सहित पत्रकारों द्वारा एकत्र की गई जानकारी को उजागर कर सकती है, और स्रोत सुरक्षा के सिद्धांत का उल्लंघन करती है, जिसे सार्वभौमिक रूप से मीडिया की स्वतंत्रता के लिए एक पूर्वापेक्षा माना जाता है और संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों में निहित है। निगरानी संवेदनशील निजी जानकारी का खुलासा करके पत्रकारों की सुरक्षा को भी नुकसान पहुंचा सकती है,जिसका इस्तेमाल मनमाने ढंग से न्यायिक उत्पीड़न या हमले के लिए किया जा सकता है।
साथियों बात अगर हम, विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस 2022 के वैश्विक सम्मेलन की करें तो 1993 से प्रतिवर्ष आयोजित, वैश्विक सम्मेलन पत्रकारों, नागरिक समाज के प्रतिनिधियों, राष्ट्रीय अधिकारियों, शिक्षाविदों और व्यापक जनता को स्वतंत्रता और पत्रकारों की सुरक्षा के लिए उभरती चुनौतियों पर चर्चा करने और समाधानों की पहचान करने के लिए मिलकर काम करने का अवसर प्रदान करता है। 2-5 मई 2022 को, यूनेस्को और उरुग्वे गणराज्य, पंटा डेल एस्टे, उरुग्वे में एक संकर प्रारूप में वार्षिक विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस वैश्विक सम्मेलन की मेजबानी कर रहे हैं। डिजिटल घेराबंदी के तहत पत्रकारिता विषय के तहत, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर डिजिटल युग के प्रभाव, पत्रकारों की सुरक्षा, सूचना तक पहुंच और गोपनीयता पर चर्चा की जानी है ।
सम्मेलन प्रासंगिक नीति निर्माताओं, पत्रकारों, मीडिया प्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं, इंटरनेट कंपनियों में नीति निर्माताओं, साइबर सुरक्षा प्रबंधकों, एआई शोधकर्ताओं और दुनिया भर के कानूनी विशेषज्ञों को फिर से एकजुट करेगा ताकि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और पत्रकारों की सुरक्षा, मीडिया व्यवहार्यता पर डिजिटल युग के प्रभाव का पता लगाया जा सके। और जनता का विश्वास।
साथियों बात अगर हम विश्व प्रेस स्वतंत्रता सूचकांक 2022 की करें तो 180 देशों के सूचकांक में भारत 142 में स्थान पर है जो पिछले 2 वर्षों से स्थिर है। जबकि 2020 में भी 140 वें क्रमांक पर था। भारत का अपने पड़ोसी देशों की तुलना में अपेक्षाकृत कम प्रदर्शन रहा है। इस सूचकांक में नेपाल को 106 वाँ, श्रीलंका को 127 वाँ और भूटान को 65 वाँ स्थान प्राप्त है, जबकि पाकिस्तान (145 वें स्थान) भारत के करीब है। जबकि इरीट्रिया, सूचकांक में सबसे निचले स्थान (180) पर है, इसके बाद चीन 177 वें, और उत्तरी कोरिया 179 वें और तुर्कमेनिस्तान 178 वें स्थान पर है।इस आर्टिकल की यह सब जानकारियां इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से ली गई है।
साथियों बात अगर हम 22 मार्च 2022 को लोकसभा में इस सूचकांक संबंधी सवाल पूछने की करें तो, लोकसभा में इसको लेकर लक्षद्वीप के सांसद ने सवाल पूछा कि क्या सरकार इस बात से अवगत है कि वर्ष 2021 में रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स द्वारा संकलित विश्व प्रेस स्वतंत्रता सूचकांक में सूचीबद्ध 180 देशों मे से भारत 142वें स्थान पर है, जो वर्ष 2020 की तुलना में दो स्थान नीचे है. और यदि हां, तो तत्संबंधी ब्यौरा क्या है?
इस सवाल का जवाब देते हुए केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री ने रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स की रिपोर्ट को मानने से ही इंकार कर दिया। लिखित जवाब में उन्होंने बताते हुए कहा कि , विश्व प्रेस स्वतंत्रता सूचकांक का प्रकाशन एक विदेशी गैर सरकारी संगठन रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स द्वारा किया जाता है। सरकार इसके विचारों और देश की रैंकिंग को नहीं मानती है।
आगे जवाब में कहा गया है, इस संगठन द्वारा निकाले गए निष्कर्षों से विभिन्न कारणों से सहमत नहीं है. जिसमें नमूने का छोटे आकार, लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों को बहुत कम या कोई महत्व नहीं देना, एक ऐसी कार्यप्रणाली को अपनाना जो संदिग्ध और गैर पारदर्शी हो, प्रेस की स्वतंत्रता की स्पष्टल परिभाषा का आभाव आदि शामिल है।
अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर उसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि, विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस 3 मई 2022 को हम मना रहे हैं। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ प्रेस/मीडिया की, सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित करने, आम लोगों की आवाज प्रशासन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका है। विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस 2022 की थीम – डिजिटल घेराबंदी के तहत पत्रकारिता रखी गई हैं वर्तमान डिजिटल युग में पत्रकारिता एक चुनौतीपूर्ण सेवा है

-संकलनकर्ता लेखक – कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र


Related Posts

आओ परिस्थितियों से लड़कर इतिहास रचें

November 27, 2022

हिम्मत-ए-मर्दां मदद-ए-ख़ुदा आओ परिस्थितियों से लड़कर इतिहास रचें जो खुद में स्थिर होते हैं, हर परिस्थितियों से लड़ते हैं, वही

किताबी शिक्षा बनाम व्यवहारिक शिक्षा

November 27, 2022

किताबी शिक्षा बनाम व्यवहारिक शिक्षा डिग्रीयां तो पढ़ाई के खर्चे की रसीदें है – ज्ञान तो वही है जो किरदार

आओ अपनी काबिलियत का लोहा मनवाएं|let’s prove our ability

November 27, 2022

आओ अपनी काबिलियत का लोहा मनवाएं आओ अपने व्यक्तित्व को अपनी पहचान बनाकर इतिहास रचें व्यक्तित्व निर्माण एक सतत प्रक्रिया

लव जिहाद-आंखों पर पट्टीयां ना बांधों प्यार की बेटियों

November 26, 2022

आंखों पर पट्टीयां ना बांधों प्यार की बेटियों- लव जिहाद Love jihad जी हां , आज जब खुद से ही

तबस्सुम| Tabassum

November 25, 2022

तबस्सुम तबस्सुम| Tabassum  एक ऐसी कलाकारा जिसको भूल पाना मुश्किल होगा,हालाकि वह उतनी मशहूर नहीं थी। न ही बिग बैनर

फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफ़टीए)| Free Trade Agreement (FTA)

November 25, 2022

फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफ़टीए)| Free Trade Agreement (FTA) अर्थव्यवस्था को गति देने में मुक्त व्यापार समझौता मील का पत्थर साबित

Leave a Comment