Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, poem

विश्व परिवार दिवस 15 मई 2020 पर विशेष कविता

 विश्व परिवार दिवस 15 मई 2020 पर विशेष  कविता प्रथम गुरु है माता पिता जिस परिवार में माता-पिता हंसते हैं  …


 विश्व परिवार दिवस 15 मई 2020 पर विशेष

 कविता प्रथम गुरु है माता पिता

विश्व परिवार दिवस 15 मई 2020 पर विशेष कविता

जिस परिवार में माता-पिता हंसते हैं 

उनके आंगन में भगवान बसते हैं 

प्रथम गुरु माता-पिता होते हैं 

अच्छी सीख परिवार में देते हैं 

परिवार है फूलों की माला यह सिखाते हैं 

इस माला के हम सब फूल यह बताते हैं 

प्रेम सद्भाव से रहना सिखाते हैं 

भारतीय संस्कृति की यही पहचान बताते हैं 

परिवार वृक्ष हम शाखाएं हैं यह बताते हैं 

यह सब को सुख सुविधा आराम दिलाते हैं 

कहने को परिवार घर दीवार छत है परंतु 

यह खुशियों का अनमोल खजाना बताते हैं 

परिवार से बड़ा कोई धन नहीं 

पिता से बड़ा कोई सलाहकार नहीं 

मां के आंचल से बड़ी कोई दुनिया नहीं 

भाई से बड़ा कोई भागीदार नहीं 

बहन से बड़ा कोई शुभचिंतक नहीं 

परिवार से बड़ा सृष्टि में कोई लोक नहीं 

माता पिता से बड़ा सृष्टि में कोई अपना नहीं

प्रथम गुरु हैं माता पिता से बड़ा कोई नहीं

लेखक – कर विशेषज्ञ स्तंभकार साहित्यकार कानूनी लेखक चिंतक कवि एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र


Related Posts

Jhootha aadambar kyu by Jitendra Kabir

October 7, 2021

 झूठा आडंबर क्यों? जिस इंसान ने अपने दुश्मनों से भी कभी नफरत नहीं की, अपनी तरफ से की जिसने भरसक

Maa ki apeksha by Anita Sharma

October 7, 2021

 “माँ की अपेक्षा” माँ की अपेक्षा बेटी का भविष्य उज्जवल हो। जो जीवन माँ ने जिया, कभी बेटी न जिये।

Aisa jamana ab aa gaya by Jitendra Kabir

October 7, 2021

 ऐसा ज़माना अब आ गया है अच्छी हो या कि हो फिर बुरी ही, माता-पिता व बुजुर्गों की बात चुपचाप

Hindi divsh by Anita Sharma

October 7, 2021

 विषय-हिन्दी दिवस अभिव्यक्ति की पूर्णता जिस भाषा में होती….. हृदय के उद्गार जिस भाषा में उपजे….. भावनाओं की अभिव्यक्ति जिन

Mai kya likh du by vijay Lakshmi Pandey

October 7, 2021

 मैं क्या लिख दूँ.!!! प्रस्तुत कविता में हो रहा संवाद हमारे और हमारे बेटे के बीच का  है…!! तूनें कहा

Tum kaho to by vijay Lakshmi Pandey

October 7, 2021

 तुम  कहो  तो…!!! तुम  कहो तो महकूँ मैं और चुन लूँ  जिंदगी के चार पल या ख़ुशी से मौन जो

Leave a Comment