Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem, Veena_advani

विश्वास जो टूटे | vishwas jo toote

विश्वास जो टूटे | vishwas jo toote जब कभी रिशतों के दरमियान विश्वास टूट जाता हैवो रिश्ता , रिश्ता नहीं …


विश्वास जो टूटे | vishwas jo toote

जब कभी रिशतों के दरमियान
विश्वास टूट जाता है
वो रिश्ता , रिश्ता नहीं सिर्फ
मजबूरी ही कहलाता है।।

तमाम कोशिशें करली कि
कभी वक्त सब बदल देगा
वक्त तो वक्त दे राज़ी था पर
इंसा ना सुधर पाता है।।

क्या हासिल कर लिया तुमने ?
रिश्तों को तोड़ जो पाना चाहते
रिश्तों को तोड़ , दर्द में छोड़
इंसा क्या मुस्कुरा पाता है।।

वक्त दर वक्त तो उम्र एक दिन
सबकी ढ़ल जानी है
क्या उम्र के उस पढ़ाव में अपनों
के साथ की उम्मीद ना चाहता है।।

तोड़ वीणा के तारों के बंधनों को
कब तक खुश कोई रह लेगा
खुशी के बंधन तेरे टूटें ये शब्द
सजा दुआ मांगना आता है।।

About author 

Veena advani

वीना आडवाणी तन्वी
नागपुर , महाराष्ट्र

दर्द – ए शायरा

Tags: poem on believe,  विश्वास पर कविता,  vishwas par kavita

Related Posts

तब और अब का अंतर!

August 5, 2022

तब और अब का अंतर! जब नहीं था हमारे पास अलार्म,स्वयं से याद रखते थे सारे काम,ना था मोबाइल फोन

जीवन की यात्रा!

August 5, 2022

जीवन की यात्रा! उम्मीद के दीए को जलाकर,दर्द और तकलीफ को भूलाकर,मुश्किलों को सुलझा कर,हिम्मत को खुद में समाकर,जीते जा

अब भी हिम्मत बाकी है!

August 5, 2022

अब भी हिम्मत बाकी है! मुसीबतों का भंडार है,हर तकलीफ का संहार है,अब भी तुझ में हिम्मत बाकी है,दृढ़ता तेरा

जाने के बाद।

August 5, 2022

जाने के बाद। कुछ हो जाने के बाद,उसके बारे में क्यों सोचना,कुछ खो जाने के बाद,उसे सोच कर क्यों रोना।

मन मेरा पुकारे…….

August 5, 2022

मन मेरा पुकारे……. मन मेरा पुकारे काना प्यारेकहाँ है ढिकाना हमको बता देकरनी है बातें तुझ से कब से हम

शीर्षक : लड़की और समाज

August 5, 2022

शीर्षक : लड़की और समाज लड़की का जीवनसिमटकर रह जाता है ,चौखट , चूल्हे , चौके तक । जन्म के

PreviousNext

Leave a Comment