Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Jayshree_birmi, lekh

विवाह/mariage

विवाह बहुत दिनों बाद अपनी सखी के घर गई थी मैं,बेटी की शादी की बधाई भी देनी थी और मौसीजी …


विवाह

बहुत दिनों बाद अपनी सखी के घर गई थी मैं,बेटी की शादी की बधाई भी देनी थी और मौसीजी के सेहत भी पूछ लेने के आशय से चार बजे पहुंची तो तीनों पीढ़ी एक साथ बैठी थी।नानी,मां और बेटी,साथ बैठ चाय पी रही थी। मैंने पूछा,“ बड़ी देर से आई हो पग फेरे के लिए सिया?“ सब थोड़ी देर चुप रही किंतु मौसीजी आदतन बोल गई,“कहां का पग फेरा,ये तो वापस आईं हैं,लड़का नालायक था एकदम।“मैं सुन के चुप हो गई लेकिन आश्चर्य हुआ कि अभी तो दो महीने भी पूरे नहीं हुए थे शादी हुए,और वापिस?बताया था कि लड़के के किसी और लड़की से भी गलत संबंध थे। मैं बैठी काफी देर के लिए,उधर उधर की बातें कर चाय के साथ कुछ नमकीन लिया और मौसिजी से इजाजत ले लिफ्ट में जा खड़ी हुई।
घर आके रसोई में गई, शाम के खाने की तैयारी में लग गई।रात का खाना खा थोड़ी देर इनके और बच्चों के साथ बैठी।रात के दस बज गए तो बच्चें अपने काम ले बैठ गए।हम दोनों अपने कमरे में आएं तो मैंने उन्हें मीना की बेटी सिया की बात बताई तो हैरान रह गए।कुछ देर बात कर सो गए,लेकिन मैं सो नहीं पाई,क्योंकि मीना भी ऐसे ही तीन बच्चों को ले कर घर आई थी और मौसीजी के सहारे और अपनी काबिलियत से अपना कारोबार शुरू किया था और बहुत नाम भी कमाया था।बाद पिछले साल अपने छोटे बेटे को कारोबार सौंप वह बड़े बेटे के पास दुबई घूमने चली गई थी।कुछ महीने बाद रिया की शादी कर शायद बिल्कुल की निवृत्त हो जाना था लेकिन आज फिर से बेटी की जिम्मेवारी आई थी उसके सर।
बेटी की शादी का टूटना कुछ आश्चर्य चकित कर रहा था।उसने लव मैरिज की थी,उस लड़के से जो उसका सहध्यायी था।उसके साथ वह लिवइन संबंध भी थे उसके तो इसे कामइच्छा की वजह से शादी की ये भी नहीं कह सकते, सामान्यत:युवाओं में जातीय आकर्षण भी शादी या लव मैरेज की वजह होती हैं किंतु इस शादी को क्या नाम दें? वैसे तो युवां लोगों में ये भावना का आना आम बात हैं,और बुरी भी नहीं हैं लेकिन एक बात जरूर हैं कि जिस पात्र का चयन कर रहें हो उसका पारिवारिक प्रतिष्ठा को देखना अति आवश्यक होता हैं।
अपने देश में विवाह एक संस्कार हैं, न की कानूनी अनुबंधन,विवाह के कईं रूप हैं जिसमे एक प्रचलित रीत हैं जो परिवार द्वारा आयोजित होते हैं।अरेंज्ड मैरेज,जिस में परिवार द्वारा अच्छे परिवार का अच्छा लड़का ढूंढने की कोशिश की जाती हैं।लड़का अच्छा होने का मतलब ये होता हैं कि वह लड़की का आर्थिक,भावनात्मक,सामाजिक आदि तरीकों से ध्यान रख सके।समाज में अपनी पत्नी का मान बढ़ा सके,अपने परिवार में सम्मानजनक स्थान दिला सके इसी लिए परिवार वाले अच्छे घर का लड़का पसंद करते हैं।अगर खुद से भी पसंद किया जाएं तो भी परिवार के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त कर लेनी चाहिए।
विवाहों के कईं प्रकार हुआ करते थे,स्वयंवर,गंधर्व विवाह,आयोजित विवाह आदि।जिसमे शकुंतला और दुष्यंत का गंधर्व विवाह प्रचलित हैं।सीता जी और द्रौपदी का स्वयंवर के बारे में हम जानते हैं।
लेकिन एक प्रश्न आम हैं,जिन देशों में प्रेमलग्न की रीत हैं वहां लग्नविच्छेद के किस्से भी बहुत ज्यादा होते हैं।वहां शादी का महत्व हाथ मिला कर अभिनंदन से ज्यादा नहीं हैं,दो सेकंड में हाथ छूट जाता हैं,साथ भी वैसे ही छूट जाता हैं।ऐसी शादियां अपने सामाजिक ढांचे को डगमगा देता हैं।विवाह का महत्व घाटा देता हैं।वहां के लोग विवाह का प्रदर्शन जाहिर में प्यार जाता कर,डार्लिंग आदि शब्दो से करते हैं किंतु कुछ ही दिनों में उनके लग्नविच्छेद की खबर भी मिल जाती हैं,किंतु अपने देश में चाहे आपस में लड़ भी लेंगे लेकिन एक नहीं सात जन्मों का साथ लेने की कसम खाईं और निभाईं भी जाती हैं।सनातन धर्म में विवाह का स्थान अपने सोलह संस्कारों में से एक हैं जिसका पूरी दुनियां में मान सम्मान किया जा रहा हैं।सुख में साथ दुःख में अलायदा होने का संस्कार हमें कभी भी नहीं दिया गया हैं। हां आजकल पाश्चात्य प्रणाली में लिप्त युवाओं और युवतियों में ये प्रवृत्ति ज्यादा देखने मिलती हैं किंतु उसका जो परिणाम हैं वह मानसिक,आर्थिक कौटुंबिक और सामाजिक विद्वंस से ज्यादा कुछ नहीं हैं

About author

Jayshree birimi
जयश्री बिरमी
अहमदाबाद (गुजरात)

Related Posts

हमारी भाषाई विविधता हमारी शक्ति है

January 16, 2022

हमारी भाषाई विविधता हमारी शक्ति है हर भारतीय भाषा का गौरवशाली इतिहास, समृद्धि, साहित्य, भाषाई विविधता हमारी शक्ति है भारतीय

हिंसा करना, मारपीट ही नहीं है-डॉ. माध्वी बोरसे

January 16, 2022

हिंसा करना, मारपीट ही नहीं है! जी, बहुत से घर में हम देखते हैं, जहां किसी का बहुत ज्यादा अपमान

परीक्षा पे चर्चा 2022-किशन सनमुखदास भावनानी

January 15, 2022

परीक्षा पे चर्चा 2022 परीक्षाओं की वजह से पैदा होने वाले तनाव को दूर करने एक अनूठा संवादात्मक कार्यक्रम परीक्षाओं

अश्रु- जयश्री बिरमी

January 15, 2022

अश्रु बहते है अश्क ही आंखो के द्वार सेखुशी हो तो भी बहेंगे येगम में तो बहने का दस्तूर ही

हालात- जयश्री बिरमी

January 15, 2022

हालात मिलाना हाथ मुश्किल हैं बहुतगले लगाने की बात ही न कीजिएघूमने की ख्वाहिश बहुत हैंमगर बाहर निकलने की बात

विरोध किसका संस्कृति का?- जयश्री बिरमी

January 15, 2022

 विरोध किसका संस्कृति का? क्यों हमारे समाज में कोई भी प्रश्न नहीं होने के बावजूद प्रश्नों को उठाया जाता हैं?

Leave a Comment