Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, lekh

विनम्र होकर भारतीय संस्कृति और परंपरा का परिचय दें

आओ विनम्र होकर भारतीय संस्कृति और परंपरा का परिचय दें जीवन में कुछ बनने के लिए विनम्र होना ज़रूरी- बीज …


आओ विनम्र होकर भारतीय संस्कृति और परंपरा का परिचय दें

विनम्र होकर भारतीय संस्कृति और परंपरा का परिचय दें
जीवन में कुछ बनने के लिए विनम्र होना ज़रूरी- बीज को भी पेड़ बनने जमीन के नीचे दबना पड़ता है

वैश्विक मानवीय गुणों में से एक विनम्रता- यह मानव जीवन का बहुमूल्य श्रंगार, श्रेष्ठ गुणवत्ता अस्त्र- एडवोकेट किशन भावनानी गोंदिया

गोंदिया- वैश्विक मानवीय जीवन छैली को अगर हम देखें तो आधुनिकता का भाव कूट-कूट कर भरा है। वर्तमान डिजिटलाइजेशन और वैज्ञानिक युग में वैश्विक स्तरपर पुरानी परंपराओं, पौराणिक मान्यताओं, रीति-रिवाजों की सोच, आज वैश्विक स्तर पर वैज्ञानिक सोच ने इनका स्थान ग्रहण लिया है। स्थिति आज ऐसी हो गई है कि यदि कोई इन रीति-रिवाजों, मान्यताओं, पौराणिक धार्मिकता, पर अपनी बात करेगा तो उसे पुरानी सोच, दकियानूसी बातें, हो गया पुराना जमाना, कह कर हंसी का पात्र बना दिया जाता है।
बात अगर हम भारत की करें तो कुछ स्तर पर यहां भी ऐसी सोच पाश्चात्य देशों की तर्ज पर स्थापित होती जा रही है। परंतु यह भारतीय मिट्टी इसे सिरे से खारिज करने में अदृश्य अनमोल रोल अदा कर रहीं है।
साथियों बात अगर मानवीय गुणों की करें तो भारतीय मानवीय गुण विश्व में सर्वाधिक प्रसिद्ध है। मानवीय गुणों की श्रेष्ठता में भारत प्रथम रैंक में आएगा ऐसा मेरा मानना है। साथियों, मानवीय गुणों में अनेक ज्ञानात्मक, क्रियात्मक, विचारात्मक, संस्कार, आत्मक गुण, शामिल होते हैं। हम आज विनम्रता गुण पर चर्चा करेंगे। मेरा मानना है कि भारतीय मिट्टी में विनम्रता का गुणा कूट-कूट कर भरा है। बस इसे ग्रहण करने की जरूरत है। विनम्रता गुण जिसने ग्रहण किया उसमें आध्यात्मिकता, सहिष्णुता की भावना, कर्मवाद, विश्वबंधुत्व उच्च संस्कार, आशावादिता, अतिथि देवो भव वाले विचार, स्वभावरूपी आभूषण, बहुमूल्य सिंगार, अपने आप समाहित हो जाते हैं। आज भारत में जन्मा प्रवासी भारतीय या मूल भारतीय व्यक्ति आज विश्व के कोने-कोने में अपनी एक विशेष उपस्थिति दर्ज कराते हुए मिलेगा। चाहे वह विदेशों में मजदूरी का काम करता है या किसी देश का संसद, उपराष्ट्रपति, उद्योगपति, डॉक्टर, इंजीनियर, प्रोफेशनल हो तो उसे उस देश के प्रशासक प्राथमिकता देगें क्योंकि वह अपेक्षाकृत अधिक मेहनती, विनम्र, और योग्य है। उसमें अनेक मानवीय गुण अपेक्षाकृत अधिक समाए हुए हैं और विनम्रता का भाव अधिक है इसीलिए उसका सम्मान होता है। और वह श्रेष्ठमानव की श्रेणी में आता है। विनम्रता के कारण मानव किसी को भी जल्दी संप्रेषण कर आसानी से उसे संतुष्ट कर सकता है। सभको अपना बना लेता है, समाज में श्रेष्ठस्थान पाता है। विनम्रता एक ऐसी खान है जिसमें सहनशीलता, दया, परोपकार, प्रसन्नता, प्यार, वाणी, सुव्यवहार, स्वभाव, आचरण, रूपी अनेक अस्त्र समाहित होते हैं जिससे कोई भी जंग जीतना आसान हो जाता है। क्योंकि उस खान में इतने अस्त्रों से सम्मानित व्यक्ति किसी भी जंग में हार नहीं सकता। इसलिए ही कहा गया है बिना मूल्य मनुष्य का बहुमूल्य आभूषण और शृंगार उसकी नम्रता का गुण है।
साथियों अगर हम गंभीरता से देखें तो एक व्यक्ति के व्यक्तित्व को जानने की पहली सीढ़ी उसकी विनम्रता रूपी गुण होती है। तभी आगे व अन्य मानवीय गुणों को प्राप्त करेगा। आज के आधुनिक युग में मानवीय गुणों की विलोप्ता तेजी से बढ़ी है और धनबल का अस्तित्व बढ़ रहा है, परंतु यहां भारतीय संस्कार और भारत की मिट्टी अपना प्रभाव दिखाकर भारत में विनम्रता के विस्तार में अग्रसर है, क्योंकि व्यक्ति की परवरिश में परिवार के संस्कार और देश की संस्कृति का असर तो होता ही है। फलस्वरुप उसके व्यवहार में विनम्रता का गुण पनपता है, जिसका श्रेय ही भारत की मिट्टी, धरोहर को जाता है। विनम्रता एक ऐसा मानवीय गुण है जो धन बल से खरीदा नहीं जा सकता। विनम्रता का गुण बड़ी-बड़ी समस्याओं, विपत्तियों, विपरीत परिस्थितियों, दुखों, का निवारण इस विनम्रता रूपी अस्त्र से किया जा सकता है और अंतिम जीत विनम्रता की ही होती है। विनम्रता गुस्से, कटुता, की काट है। क्योंकि विनम्रता का पलड़ा अहंकार, गुस्से, और ज्ञान के पलड़े से भारी होता है। कोई व्यक्ति कितना भी शिक्षाप्रद, बड़ा अधिकारी, बड़ा मंत्री, क्यों ना हो विनम्रता के बिना उसका यह अस्तित्व व्यर्थ है, उसके सामने एक निरीह, अनपढ़, और विनम्रता से ओतप्रोत मानव सफल, सचेत, और मूल्यवान माना जाएगा और अंतिम जीत विनम्रता धारक व्यक्ति की ही होगी। जीवन तनावमुक्त, प्रेम, प्रसन्नता, सौदाहर्यता, जीवन में सुखशांति, रिश्तो में माधुर्यता प्राप्त करना है तो मानवीय गुणों के इस विनम्र भाव को अपनाना होगा, क्योंकि जीवन में कुछ करने के लिए विनम्र होना जरूरी है जैसे एक बीज को भी जमीन के नीचे दबना पड़ता है उसके बाद ही अंकुरित होकर विशालकाय पेड़ का स्वरूप लेता है। इसलिए ही वैश्विक मानवीय गुणों में एक विनम्रता, यह मानव जीवन का बहुमूल्य श्रृंगार और श्रेष्ठ गुणवत्ता अस्त्र है।

विनम्रता मानव आचरण का।
एक भाव है।।
जग को ऐसे मानव।
से लगाव है।।
भारत का नाम रोशन।
करने का भाव है।।

About author

kishan bhavnani

कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट 

किशन सनमुख़दास भावनानी 

Related Posts

मन की प्रसन्नता

September 1, 2022

मन की प्रसन्नता प्रसन्नता हमारा ऐसा अनमोल ख़जाना है, जितना लुटाएंगे उतना बढ़ता चला जाएगा मन की प्रसन्नता अनेक मानसिक,

राष्ट्रीय पोषण सप्ताह 1 से 7 सितंबर 2022 पर विशेष

August 31, 2022

राष्ट्रीय पोषण सप्ताह 1 से 7 सितंबर 2022 पर विशेष स्वास्थ्य ही धन है कुपोषण को हराने राष्ट्रीय पोषण सप्ताह

बड़वा में हैं अंग्रेजों के जमाने की शानदार चीजें।

August 31, 2022

बड़वा में हैं अंग्रेजों के जमाने की शानदार चीजें। “गगनचुंबी हवेलियां, मनमोहक चित्रकारी, कुंड रुपी जलाशय, हाथीखाने, खजाना गृह, कवच

‘भारत’ नाम से कैसे रुकेगी फर्टिलाइजर की चोरी?

August 31, 2022

 ‘भारत’ नाम से कैसे रुकेगी फर्टिलाइजर की चोरी? वन नेशन, वन फर्टिलाइजर से किसानों को तेजी से खाद की डिलीवरी

पहाड़ी अंजीर – बेडू पाको बारमासा

August 30, 2022

पहाड़ी अंजीर – बेडू पाको बारमासा भारत को प्रकृति का वरदान प्राप्त औषधि वनस्पतियों आयुर्वेद संजीवनी की गाथा औषधि वनस्पतियों

अपराध और ड्रग्स के बीच संबंध हज़ारों है।

August 30, 2022

अपराध और ड्रग्स के बीच संबंध हज़ारों है। नशीली दवाओं के दुरुपयोग के प्रमुख कारण है- साथियों द्वारा स्वीकार किया

Leave a Comment