Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, lekh

वाइब्रेंट बॉर्डर – विलेज़ टूरिज्म – टूरिज्म डेस्टिनेशन | vibrant border-Village tourism- tourism destination

 यह आर्टिकल वाइब्रेट बॉर्डर विलेज टूरिज्म-टूरिज्म डेस्टिनेशन। भारत की जी-20 अध्यक्षता देश के प्रत्येक हिस्से की विशिष्टताओं को दुनिया के …


 यह आर्टिकल वाइब्रेट बॉर्डर विलेज टूरिज्म-टूरिज्म डेस्टिनेशन

भारत की जी-20 अध्यक्षता देश के प्रत्येक हिस्से की विशिष्टताओं को दुनिया के सामने लाएगा।राज्यों केंद्र शासित प्रदेशों को वाणिज्य विनियोग और पर्यटन केंद्र के रूप में समृद्धि स्थापित करने का वर्ष 2023 एक सुनहरा अवसर है।

वाइब्रेंट बॉर्डर – विलेज़ टूरिज्म – टूरिज्म डेस्टिनेशन

भारत की जी-20 अध्यक्षता देश के प्रत्येक हिस्से की विशिष्टता को दुनिया के सामने लाएगा

राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को वाणिज्य, विनियोग और पर्यटन केंद्र के रूप में समृद्ध स्थापित करने का वर्ष 2023 एक सुनहरा अवसर – एडवोकेट किशन भावनानी

गोंदिया – वैश्विक स्तरपर बढ़ती भारत की प्रतिष्ठा में एक दिसंबर 2022 से एक और अध्याय जुड़ चुका है कि हम जी-20अंतर्राष्ट्रीय मंच के अध्यक्ष हुए हैं,जो हर भारतीय के लिए गर्व की बात है। अब हमें इस सुनहरे एक वर्ष को स्वर्णिम काल के रूप में परिवर्तित कर सदियों तक इसकी खनक पूरी दुनिया के सामने रखना है कि बौद्धिक क्षमता में समृद्ध हो तो भारतीय जैसा! जो कि किसी भी अवसर को अपने हाथों में आते ही उसे स्वर्णिम बना देता है। चूंकि वर्ष 2023 में पूरे भारत में 200 से अधिक सभाएं होगी बड़े-बड़े अंतरराष्ट्रीय नेताओं सहित मीडिया उद्योग पर्यटन से जुड़े ज़ाब से अतिथियों सहित अनेक बौद्धिक वर्ग भी इस बहाने भारत की यात्रा करना चाहेंगे और भारत में विनियोग वाणिज्य और पर्यटन के विस्तार की संभावना को देखते हुए उनके मन में अनेक प्लानिंग भी हो सकती है जिसके लिए अब हमें तैयार रहना होगा। सभी राज्यों को अपने यहां पर्यटन स्थलों को सुदृढ़ और प्रभावी रखना होगा ताकि आने वाले विदेशियों के कानों में उनकी खनक,भनक लगे और वे वहां आए जिससे उसकी चमक-दमक अंतरराष्ट्रीय स्तरपर होगी जहां से उन्नति समृद्धि का मार्ग खुलेगा। इस बात की हिंट दिनांक 9 दिसंबर 2022 को माननीय पीएम द्वारा देश के सभी राज्यों के सीएम, राज्यपालों केंद्र शासित प्रदेशों और राज्यपालों के साथ एक वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए मीटिंग की है। इसलिए आज हम मीडिया में उपलब्ध जानकारी के सहयोग से इस आर्टिकल के माध्यम से चर्चा करेंगे, वाइब्रेंट बॉर्डर-विलेज-टूरिज्म-टूरिज्म डेस्टिनेशन।
साथियों बात अगर हम माननीय पीएम द्वारा दिनांक 9 दिसंबर 2022 को सभी राज्यों के सीएम राज्यपालों उपराज्यपालों की वीडियो कांफ्रेंसिंग से मीटिंग की करें तो उन्होंने, यह देश की ताकत प्रदर्शित करने का अवसर है। साथ ही उन्होंने टीम वर्क के महत्व पर जोर दिया,साथ ही उन्होंने जी-20 के विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन में राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों से सहयोग मांगा। उन्होंने कहा कि भारत की जी-20 अध्यक्षता के दौरान काफी लोग भारत आएंगे और इंटरनेशनल मीडिया का हमारे देश पर फोकस रहेगा। ऐसे में केंद्र शासित और राज्यों के पास इस अवसर का लाभ उठाकर अपने आपको बिजनेस के लिए अच्छी जगह, इन्वेस्टमेंट के लिए आकर्षित करना और टूरिज्म डेस्टिनेशन के तौर पर स्थापित करने का मौका होगा।उन्होंने दावा किया कि इस प्रकार का आयोजन हमारे देश के प्रत्येक हिस्से की विशिष्टता को दुनिया के सामने लायेगा। जी-20 जुड़े इवेंट में समाज के लोग हिस्सा ले इसकी भी कोशिश की जाए, कई राज्यों के सीएम, राज्यपाल और उपराज्यपाल ने मीटिंग के दौरान आइडिया दिए। उन्होंने बताया कि साथ ही भारत को एक ‘ब्रांड’ के रूप में विकसित भी करना है। इससे हम महसूस कर सकते हैं कि पद मिलते ही भारत ने अपनी तैयारियों में काफी तेजी ला दी है और 200 से अधिक सभाओं की रूपरेखा तैयार की जा रही है बस जरूरत है हमें टीम वर्क के रूप में मिलकर कार्य करने की जिसमें आज छत्तीसगढ़ के सीएम ने ट्वीट कर जानकारी दी कि उन्हें सितंबर 2023 में छत्तीसगढ़ में सभा होने की जानकारी दी है।
साथियों बात अगर हम देश के प्रत्येक हिस्से की विशिष्टता को दुनिया के सामने लाने की करें तो हमें सभी राज्यों को मिलकर एक टीम वर्क के रूप में कार्य करना होगा अपने अपने पर्यटन स्थलोंको अंतरराष्ट्रीय स्तरकी साख सुविधाओं से समृद्ध कर विदेशी सैलानियों को आकर्षित करने की रणनीति बनानी होगी जिससे राज्यों में वाणिज्यिक, विनियोग और पर्यटन के बल पर रोजगार में वृद्धि और जनता की समृद्धि में विकास होगा तो सरकार की साख भी बढ़ेगी, जनता के दिलों में राज करेंगे और आने वाले चुनाव में दोबारा जीतने की राह बनेगी, क्योंकि काम खुद बोलता है उसे दिखाने बताने की जरूरत नहीं होती है जो हमने अभी दिल्ली एमसीडी, गुजरात और हिमाचल प्रदेश के परिणामों में देखे हैं।
साथियों बात अगर हम वाइब्रेट बॉर्डर की करें तो यह देश के सुदूर इलाकों के गांव जो अंतरराष्ट्रीय सीमा से जुड़े हुए हैं उनको विकसित कर उन्हें टूरिज्म डेस्टिनेशन बनाने की दिशा में तेजी से काम करना होगा ताकि वहां पर भी जी-20 सभाओंं के समय विदेशी सैलानी जाएं और वह गांव समृद्ध होंगे वहां रोजगार बड़े, इसके इन्वेस्टमेंट आए वाणिज्यिक गतिविधियां बड़े जिससे गांव से पलायन में भारी कमी आएगी और बॉर्डर से जुड़े पड़ोसी और विस्तारवादी देश पर भी असर पड़ेगा। क्योंकि कहा जाता है कि बॉर्डर से जुड़े गांव कान और आंख का काम करते हैं। इसीलिए ही हमारे माननीय पीएम ने एक बैठक में वाइब्रेट बॉर्डर पर कहा है कि स्नेह मिलन और वाइब्रेंट बॉर्डर टूरिज्म पर फोकस करना चाहिए। उन्होंने कहा कि काशी- तमिल संगम की तर्ज पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए। इससे देश की भाषा और संस्कृति का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार होगा और एकजुटता को भी बढ़ावा मिलेगा, और वाइब्रेंट बॉर्डर टूरिस्ट को बढ़ावा देने की भी बात कही, उनका मानना है कि सुदूर बॉर्डर इलाके मुख्यधारा से जुड़े रहें और वहां के लोगों से सभी का संपर्क बना रहे, इसको लेकर भी प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने जी-20 की अध्यक्षता भारत को मिलने पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि इसमें सभी को प्रयास करना चाहिए कि वे अपनी अधिक से अधिक सहभागिता कर सकें।उन्होंने कहा कि वाइब्रेंट बॉर्डर और विलेज टूरिज्म के तहत गांव के लोगों के साथ सीधे संबंध और पारंपरिक रूप से मिलने का कार्यक्रम रखें।
साथियों बता दे कि केंद्र सरकार विलेज टूरिज्म पर भी फोकस कर रही है। इसके तहत सरकार देश के ग्रामीण इलाकों में पर्यटन को बढ़ावा देने की योजना पर काम कर रही है। इससे ना सिर्फ ग्रामीण युवाओं का शहरों में पलायन रुकेगा बल्कि शहरों पर बढ़ रहा दबाव भी कुछ हद तक कम रहेगा। यही वजह है कि केंद्र सरकार इन योजनाओं पर खास फोकस कर रही है। उत्तराखंड में भारत-चीन सीमा पर बसे उन गांवों को देखें तो, वीरान हो चुके हैं। सीमा पर बसे गांवों को देश की आंख-कान और नाक माना जाता है। वीरान हो चुके 500 से ज्यादा गांवों को सरकार दोबारा बसा रही है। इन गांवों को फिर से रहने लायक बनाने, पलायन रोकने और पर्यटकों को सीमा के आखिरी गांवों की सैर कराने के लिए सरकार एक नयी योजना पर काम कर रही है, जिसका नाम है वाइब्रेंट बॉर्डर विलेज इन गांवों में नागरिक प्रहरी नियुक्त किए जाएंगे।
साथियों बता दें कि वित्तीय वर्ष 2022-23 के बजट में सरकार ने वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम का ऐलान किया था, जिसमें सीमा पर बसे गांवों में इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास करने पर फोकस किया जाएगा। खासकर चीन सीमा से लगते गांवों पर सरकार का खास फोकस है.

About author

कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र
कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र

 


Related Posts

मीडिया की अनमोल उपलब्धियां

February 24, 2022

मीडिया की अनमोल उपलब्धियां!!! मीडिया का कमाल- मानव पलभर में जान रहा चुनाव- 2022 और दुनिया का हाल!!! महामारी के

New india saksharta yojna

February 24, 2022

न्यू इंडिया साक्षरता योज़ना प्रौढ़ शिक्षा के लिए वित्त वर्ष 2022-27 के लिए एक नई योज़ना – प्रौढ़ शिक्षा का

हमारे लिए कितना प्रासंगिक हैं वेलेंटाइन डे?

February 16, 2022

हमारे लिए कितना प्रासंगिक हैं वेलेंटाइन डे? क्यों किसी भी बात पर हम दिनों को तय कर उसे मानते हैं।जैसे

Vidhvanshak mahayuddh

February 16, 2022

विध्वंसक महायुद्ध रूस यूक्रेन युद्ध संभावना से यूरोप सहित विश्व में खलबली- भारत सतर्क – एडवाइजरी जारी महायुद्ध से वैश्विक

Sashakt maa, sashakt vishwa

February 16, 2022

सशक्त मां, सशक्त विश्व! अत्यंत बुरे अनुभवों में से एक जो एक बच्चा देख सकता है, वह परिवार या समाज

Bharat samriddh sanskritik virasat ki bhumi hai

February 16, 2022

भारत समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की भूमि है भारत मानव सभ्यता की शुरुआत से ही समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की भूमि रही

Leave a Comment