Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

lekh, Priyanka_saurabh

वर्ष-भर चर्चित रहा नारनौल का मनुमुक्त ‘मानव’ मेमोरियल ट्रस्ट

नववर्ष विशेष अपनी सांस्कृतिक गतिविधियों के कारण वर्ष-भर चर्चित रहा नारनौल का मनुमुक्त ‘मानव’ मेमोरियल ट्रस्ट अपने आईपीएस बेटे मनुमुक्त …


नववर्ष विशेष

अपनी सांस्कृतिक गतिविधियों के कारण वर्ष-भर चर्चित रहा नारनौल का मनुमुक्त ‘मानव’ मेमोरियल ट्रस्ट

अपने आईपीएस बेटे मनुमुक्त मानव की असमय मृत्यु उपरांत दुनिया भर के युवाओं में मनु के अक्स को देखते हुए उन्हें ट्रस्ट के माध्यम से पुरस्कार प्रदान कर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते है ट्रस्टी कांता भारती और चीफ ट्रस्टी डॉ रामनिवास मानव।  दुनिया का एकमात्र ट्रस्ट जिसे अपने बेटे की याद में माता-पिता द्वारा संचालित किया जाता है और जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साहित्यिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए जाना जाता है। ट्रस्ट की समाज हितैषी गतिविधियों के कारण नारनौल का मनुमुक्त भवन 2022 में पूरा वर्ष सांस्कृतिक केंद्र के रूप में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का केंद्र बना रहा।

-प्रियंका सौरभ

इकलौते जवान आईपीएस बेटे कि मृत्यु मनुमुक्त के पिता देश के प्रमुख साहित्यकार और शिक्षाविद डॉ रामनिवास मानव और माँ अर्थशास्त्र की पूर्व प्राध्यापिका डॉ कांता के लिए किसी भयंकर वज्रपात से कम नहीं थी. ऐसे दिनों में कोई भी दम्पति टूटकर बिखर जाता मगर मानव दम्पति ने अद्भुत धैर्य का परिचय देते हुए न केवल असहनीय पीड़ा को झेला, बल्कि अपने बेटे मनुमुक्त की स्मृतियों को सहेजने, सजाने और सजीव बनाए रखने के लिए भरसक प्रयास भी शुरू कर दिए. उन्होंने अपने जीवन की संपूर्ण जमापूंजी लगाकर मनुमुक्त मानव मेमोरियल ट्रस्ट का गठन किया और नारनौल हरियाणा में मनुमुक्त मानव भवन का निर्माण कर उसमे लघु सभागार,संग्रहालय और पुस्तकालय की स्थापना की।

विगत पांच वर्षों की भांति, वर्ष-2022 में भी, अपनी महत्त्वपूर्ण सांस्कृतिक गतिविधियों के कारण मनुमुक्त ‘मानव’ मेमोरियल ट्रस्ट पूरे वर्ष चर्चित रहा। वर्ष-2022 में ट्रस्ट द्वारा छोटे-बड़े कुल इक्कीस कार्यक्रम आयोजित किये गये, जिनमें ‘विश्व हिंदी-दिवस समारोह’, ‘अंतरराष्ट्रीय नागरी लिपि सम्मेलन’, ‘अंतरराष्ट्रीय नव-संवत्सर समारोह’, ‘अंतर्राष्ट्रीय सेदोका-सम्मेलन’, ‘वैश्विक साहित्य-महोत्सव’, ‘अंतरराष्ट्रीय मातादीन-मूर्तिदेवी स्मृति-समारोह’, ‘अंतरराष्ट्रीय मनुमुक्त ‘मानव’ स्मृति कवि-सम्मेलन’, ‘सर्वोत्तम एनसीसी कैडेट सम्मान-समारोह’ और ‘अंतरराष्ट्रीर युवा सम्मान-समारोह’ के अतिरिक्त ‘वैश्विट परिदृश्य में जैन धर्म की प्रासंगिकता’, ‘सनातन धर्म-संस्कृति का पुनरुत्थान’ तथा ‘वैश्विक परिदृश्य में हिंदी की स्थिति’ जैसे विषयों पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय विचार-गोष्ठियां शामिल हैं।

उल्लेखनीय है कि मनुमुक्त मानव 2012 बैच और हिमाचल कैडर के परम मेधावी और ऊर्जावान युवा पुलिस अधिकारी थे. 23 नवम्बर 1983 को हिसार में जन्मे तथा पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ से उच्च शिक्षा प्राप्त मनुमुक्त एनसीसी के सी सर्टिफिकेट सहित तमात उपलब्धिया प्राप्त सिंघम अधिकारी थे। वह बहुत अच्छे चिंतक होने के साथ-साथ बहुमुखी कलाकार और सधे हुए फोटग्राफर थे, सेल्फी के तो वो मास्टर थे, तभी तो उनके सभी दोस्त उनके मुरीद थे। समाज सेवा के लिए वो बड़ी सोच रखते थे। वह छोटी से उम्र में अपने दादा-दादी कि स्मृति में अपने गाँव तिगरा (नारनौल) हरियाणा में एक स्वास्थ्य केंद्र और नारनौल में सिविल सर्विस अकादमी स्थापित करना चाहते थे। समाज के लिए उनके और भी बहुत सारे सुनहरे सपने थे, जिनको वो पूरा करने के बेहद करीब थे, मगर उनकी असामयिक मृत्यु ने उन सब सपनों को ध्वस्त कर दिया।

 इस वर्ष भारत सहित दस देशों की विभिन्न क्षेत्रों की शताधिक प्रतिष्ठित विभूतियों ने ट्रस्ट के कार्यक्रमों में सहभागिता की, जिनमें नेपाल के त्रिलोचन ढकाल और डॉ पुष्करराज भट्ट (काठमांडू), डॉ कपिल लामिछाने (भैरहवा) तथा हरीशप्रसाद जोशी (महेंद्र नगर), जापान की डाॅ रमा पूर्णिमा शर्मा (टोक्यो), न्यूजीलैंड के रोहितकुमार ‘हैप्पी’ (आॅकलैंड), माॅरीशस की कल्पना लालजी (वाक्वा) और अंजू घरभरन (मोका), रूस की श्वेतासिंह ‘उमा’ (मास्को), जर्मनी की डाॅ योजना शाह जैन (बर्लिन) तथा अमेरिका की डाॅ कमला सिंह (सैंडियागो) के नाम उल्लेखनीय हैं।

भारत से पधारी प्रमुख हस्तियों में ओमप्रकाश यादव, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री, हरियाणा सरकार, चंडीगढ़, अजय कुमार उपायुक्त, आईएएस, उपायुक्त, नूंह, डॉ लवलीन कौर, IRS, आयकर उपायुक्त, रोहतक मंडल, रोहतक, डॉ जयकृष्ण आभीर, आईएएस, उपायुक्त जिला महेंद्रगढ़, नारनौल, डॉ उमाशंकर यादव, कुलपति, सिंघानिया विश्वविद्यालय, पचेरी बड़ी (राजस्थान), डॉ खेमसिंह डहेरिया, कुलपति, अटलबिहारी वाजपेई हिंदी विश्वविद्यालय, भोपाल (मध्य प्रदेश), डॉ जवाहर कर्णावट, निदेशक, हिंदी-भवन, भोपाल (मध्य प्रदेश), नारायण कुमार, मानद निदेशक, अंतरराष्ट्रीय संबंध परिषद्, नई दिल्ली प्रमुख रहे।

 डॉ नूतन पांडेय, नामित निदेशक, विवेकानंद सांस्कृतिक केंद्र, भारतीय दूतावास, रंगून (म्यांमार), डॉ दीपक पांडेय, सहायक निदेशक, केंद्रीय हिंदी निदेशालय, भारत सरकार, नई दिल्ली, डॉ प्रेमचंद पतंजलि, अध्यक्ष, नागरी लिपि परिषद्, नई दिल्ली, डॉ शहाबुद्दीन शेख, कार्यकारी अध्यक्ष, नागरी लिपि परिषद्, अहमदनगर (महाराष्ट्र), डॉ हरिसिंह पाल, सदस्य, हिन्दी सलाहकार समिति, गृह मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली, डीपीएस चौहान, आईपीएस, पूर्व पुलिस महानिरीक्षक, ओडिशा, हामिद अख्तर, आईपीएस, उपमहानिरीक्षक, राज्य अपराध शाखा, पंचकूला, कर्नल आदित्य नेगी, कमांडिंग ऑफिसर,16वीं एनसीसी बटालियन, हरियाणा, रोहतक, विपिन शर्मा, नोडल अधिकारी, हरियाणा बाल-कल्याण समिति, चंडीगढ़, महिला सशक्तिकरण की पहचान युवा लेखिका प्रियंका सौरभ की उपस्थिति अहम रही।

 डॉ पुष्पा देवी, अध्यक्ष, हिंदी-विभाग, महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक, भीमसिंह सुथार, प्राचार्य, श्रीश्याम स्नातकोत्तर महिला महाविद्यालय, भादरा (राजस्थान), कृतीश कुमार, मुख्यमंत्री के सुशासन सहयोगी, नारनौल, भारती सैनी और कमलेश सैनी, चेयरपर्सन, नगर परिषद्, नारनौल, अमित शर्मा, जिला समाज-कल्याण अधिकारी, नारनौल आदि के नाम शामिल हैं। डॉ पशुपतिनाथ उपाध्याय (अलीगढ़), डॉ कृष्णगोपाल मिश्र (होशंगाबाद), अविनाश शर्मा (जयपुर), विकेश निझावन (अंबाला) आदि साहित्यकारों के अतिरिक्त शिक्षाविद एवं स्वतंत्र पत्रकार. कवि डाॅ सत्यवान सौरभ (सिवानी मंडी), पर्वतारोही डाॅ आशा झांझड़िया (रेवाड़ी), नेशनल यूथ अवार्डी अभिषेक (हिसार) और निहारिका (सोनीपत) ने भी इस वर्ष ट्रस्ट के कार्यक्रमों की शोभा बढ़ाई।

डॉ एस अनुकृति, वरिष्ठ अर्थशास्त्री, विश्वबैंक, वाशिंगटन डीसी (अमेरिका), प्रो सिद्धार्थ रामलिंगम, कंसल्टेंट, बीसीजी, वाशिंगटन डीसी (अमेरिका) और त्रिलोचन ढकाल, पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री, नेपाल सरकार, काठमांडू के नारनौल आगमन की भी खूब चर्चा हुई। ट्रस्ट द्वारा इस वर्ष देश-विदेश की लगभग डेढ़ सौ विख्यात विभूतियों को, विभिन्न क्षेत्रों में उनकी उल्लेखनीय उपलब्धियों के दृष्टिगत, विशिष्ट विश्व हिंदी-सेवी सम्मान, मातादीन-मूर्तिदेवी स्मृति-सम्मान, डॉ मनुमुक्त ‘मानव’ स्मृति-सम्मान, विशिष्ट लघुकथा-पुरस्कार, विशिष्ट युवा-पुरस्कार, विशिष्ट युवा-सम्मान, सर्वोत्तम एनसीसी कैडेट पुरस्कार आदि पुरस्कारों और सम्मानों से भी नवाजा गया। उल्लेखनीय है कि ट्रस्ट की इन गतिविधियों के कारण नारनौल का मनुमुक्त भवन भी पूरा वर्ष सांस्कृतिक केंद्र के रूप में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का केंद्र बना रहा।

ट्रस्ट द्वारा मनुमक्त मानव की स्मृति में हर साल अढ़ाई लाख का एक अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार, एक लाख का राष्ट्रीय पुरस्कार, इक्कीस-इक्कीस हज़ार के दो और ग्यारह-ग्यारह हज़ार के तीन राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किये जा रहें है। मनुमुक्त भवन में साहित्यिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम भी नियमित रूप से चलते रहते है। मात्र पांच वर्ष की अल्पावधि में ही अपनी उपलब्धियों के साथ नारनौल का मनुमुक्त भवन अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक केंद्र के रूप में प्रतिष्ठित हो रहा है। आईपीएस मनुमुक्त मानव युवा शक्ति के प्रतिक ही नहीं, प्रेरणा स्त्रोत भी थे। उनकी मृत्यु के बाद भी उनकी यादें वैसी की वैसी है, हर वर्ष इनको बड़े सम्मान के साथ याद किया जाता है। उनके परिवार ने मनुमुक्त भवन की गतिविधयों को मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से उनकी प्रेरक स्मृतियों को जीवंत रखा हुआ है। इस कार्य में उनकी बड़ी बहन और विश्व बैंक वाशिंगटन की अर्थशास्त्री डॉ एस अनुकृति भरसक प्रयास करती रहती है।

About author 

प्रियंका सौरभ रिसर्च स्कॉलर इन पोलिटिकल साइंस, कवयित्री, स्वतंत्र पत्रकार एवं स्तंभकार

प्रियंका सौरभ
रिसर्च स्कॉलर इन पोलिटिकल साइंस,
कवयित्री, स्वतंत्र पत्रकार एवं स्तंभकार
facebook – https://www.facebook.com/PriyankaSaurabh20/
twitter- https://twitter.com/pari_saurabh



Related Posts

पर्यावरण को बचाने के लिए पंचामृत मंत्र

November 16, 2022

  भारत ने अपनी जलवायु प्रतिबद्धताओं पर मजबूत प्रगति की है और बढ़ती महत्वाकांक्षा और कम कार्बन वाले भविष्य की

भेद सारे चूर कर दो|

November 16, 2022

माँ वीणा वादिनी मधुर स्वर दो,हर जिह्वा वैभवयुक्त कर दो ।मन सारे स्नेहमय हो जाए,ऐसे गुणों का अमृत भर दो

G-20 -one world one family

November 16, 2022

भारत के विकास की नई गाथा भारत के विकास की नई गाथा में आधुनिक बुनियादी ढांचा निर्माण के साथ आम

International day of tolerance

November 16, 2022

आओ मिलकर सहिष्णुता के भाव को मज़बूत करें सहिष्णुता हमारी दुनिया की संस्कृतियों की समृद्ध विविधता, अभिव्यक्ति के रूपों और

सावधान हर वर्ग के लोग हो सकते हो हनी ट्रैप का शिकार

November 13, 2022

सावधान हर वर्ग के लोग हो सकते हो हनी ट्रैप का शिकार आनलाईन गेम़ के दौरान बीच-बीच में चैटिंग कि

आओ दयालुता का भाव अपनाने का संकल्प करें|Let’s resolve to embrace kindness

November 13, 2022

आओ दयालुता का भाव अपनाने का संकल्प करें|Let’s resolve to embrace kindness प्रत्येक व्यक्ति को अद्वितीय मानव सिद्धांतों में से

Leave a Comment