Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Dr_Madhvi_Borse, poem

वजह-बेवजह रूठना

वजह-बेवजह रूठना। वजह-बेवजह क्यों बार-बार रूठना,छोटी-छोटी बातों पर बंधनों का टूटना,क्यों ना जीवन में समझदारी दिखाएं,शिष्टाचार, प्रेम और स्वाभिमान के …


वजह-बेवजह रूठना।

वजह-बेवजह क्यों बार-बार रूठना,
छोटी-छोटी बातों पर बंधनों का टूटना,
क्यों ना जीवन में समझदारी दिखाएं,
शिष्टाचार, प्रेम और स्वाभिमान के साथ हो हमारा उठना।

जीवन में बहुत से कार्य और कर्म है,
जिम्मेदारियों के साथ जी रहे हम हैं,
क्यों हर बात पर शिकायत जताए,
यह जिंदगी तो सिर्फ एक भ्रम है।

खफा ना रहे हर वक्त अपनों के साथ,
आक्रोश में ना करें हर वक्त बात,
हर एक से शिकवा गिला रखकर
क्यों बिगाड़े हर पल के हालात।

बार-बार नाराजगी जताना बंद करें,
स्वयं की मानसिक तनाव से थोड़ा लड़े,
हर वक्त लोग और हालात बुरे नहीं होते,
कभी-कभी हम होते हैं खुशहाली से परे।

स्वीकृति अपने जीवन में लाएं,
सभी को दिल खोलकर अपनाएं,
कभी कभी रूठना मनाना चलता है,
हर बात पर आंसू ना बहाए
और बात बात पर आवेश में ना आए।।

About author             

dr madhvi borse

डॉ. माध्वी बोरसे!
( स्वरचित व मौलिक रचना)
राजस्थान (रावतभाटा)


Related Posts

प्रधानमंत्री ( एक व्यक्तित्व )-डॉ हरे कृष्ण मिश्र

November 27, 2021

 प्रधानमंत्री  ( एक व्यक्तित्व ) मोदी जी पर कविता लिखना, बहुत सरल है सरलता उनकी, बाल काल से कर्मयोगी बन

कैसे पल्लवित होंगी प्रतिभाएं?- जितेन्द्र ‘कबीर’

November 27, 2021

 कैसे पल्लवित होंगी प्रतिभाएं? पलायन करती हैं यहां से प्रतिभाएं, क्योंकि उनको सहेजने, प्रोत्साहित व सम्मानित करने के स्थान पर

खुद से ना दूर करो- अंकुर सिंह

November 24, 2021

 *खुद से ना दूर करो* रूठना हक तुम्हारा, मानना फर्ज हमारा।  माफ कर दो अबकी, बिन तुम्हारे मैं हारा।। तुम

सुनियोजित अभियान- जितेंद्र कबीर

November 23, 2021

 सुनियोजित अभियान एक आठवीं फेल नौजवान  इतिहास के एक अध्यापक से बहस के दौरान देकर पूरे इतिहास को झूठा और

बड़े चालाक हो मेरे प्रभु – सिद्धार्थ गोरखपुरी

November 23, 2021

 बड़े चालाक हो मेरे प्रभु  बड़े चालाक हो मेरे प्रभु हर गुत्थी सुलझाए रखते हो। बस हमे ही जीवन मृत्यु

मिलन – अनीता शर्मा

November 23, 2021

 मिलन हो रहा है मधुर मिलनसुदूर गगन धरा का यूँगोधूली की क्षितिज बेला में। गवाह चाँद सितारे हैंगगन ने झुक

Leave a Comment