Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, lekh

वक्त कभी किसी का सगा नहीं!!

वक्त कभी किसी का सगा नहीं! वक्त का पहिया कैसे करवट बदल लेता है – हम खुद अपने पुराने और …


वक्त कभी किसी का सगा नहीं!

कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र
वक्त का पहिया कैसे करवट बदल लेता है – हम खुद अपने पुराने और आज के वक्त का विश्लेषण करें!!

वक्त का पहिया हमेशा एक जैसा नहीं रहता – कितना भी पकड़ लो फिसलता ज़रूर है, यह वक्त है साहब बदलता ज़रूर है – एड किशन भावनानी

गोंदिया – खूबसूरत सृष्टि की रचना करने वाली कुदरत ने खूबसूरत मानवीय जीवन के साथ वक्त का एक ऐसा पहिया संलग्न कर दिया है कि मानवीय जीवन चक्र के साथ वक्त का पहिया भी घूमता रहता है! जो किसी का सगा नहीं है!! बस मानवीय जीवन को ही अपनी बुद्धि के बल पर परिस्थितियों के अनुसार कुशाग्र बुद्धि से वक्त का सकारात्मक उपयोग कर ऐसा कार्य करना चाहिए कि हमारा नाम सदियों, पीढ़ियों तक टिमटिमाते तारों की तरह इस सृष्टि में जगमगाता रहे!! क्योंकि वक्त हमेशा एक सा नहीं रहता वक्त का पहिया कैसे करवट बदल देता है,पताही नहीं चलेगा!! क्योंकि वक्त अपनी गति से चलता रहेगा वक्त का पहिया हमेशा एक जैसा नहीं रहता कितना भी पकड़ लो फिसलता ज़रूर है!! यह वक्त है साहब बदलता जरूर है!!
साथियों बात अगर हम वक्त के तकाज़े की करें तो हम खुद अपने पुराने और आज के वक्त का ही विश्लेषण कर ले कि कुछ साल या दशक पूर्व हम क्या थे और अब क्या हैं, तो हमें पता चल ही जाएगा कि वक्त कभी एक सा नहीं रहता!! इतना ही नहीं अगर हम अपने ही समाज या पीढ़ियों का विश्लेषण करें तो हमें अंदाज लग जाएगा कि वक्त का पहिया कैसे घूमकर बदलते रहता है इसलिए ही बड़े बुजुर्गों का कहना हैं, समय-समय की बात है आज तुम्हारा समय है कल हमारा समय भी आएगा!!
साथियों बात अगर हम हमारे शहर जिले राज्य या राष्ट्र की करें तो हमें ऐसे कई उदाहरण मिल जाएंगे!! अपने को बड़े शहंशाह, तीरंदाज कहने मानने वाले लोगों को भी हमने लाचार, तारतार होते देखा होगा, जिनके पास बेशुमार दौलत पावर था और सबकुछ खरीद सकते थे परंतु वक्त का पहिया ऐसा फिसला कि उनका पैसा, पावर सब कुछ जमींदरोज़ हो गया और पैसे पैसे को मोहताज हो गए!!हमने सुना ही नहीं अपनी आंखों से देखा भी जरूर होगा या फिर हमें यह अपने उम्र के बढ़ते चढ़ाव पर देखने को जरूर मिल जाएगा!! साथियों बात अगर हम वक्त के पहिए की करें तो यह किसी का सगा नहीं है!! बड़े से बड़े उद्योगपति, राजनीतिज्ञ अधिकारी, मंत्री, उच्च पदस्थ व्यक्ति यहां तक कि कभी उनके पास उद्योग,सत्ता, शासन-प्रशासन पावर की चाबी उनके हाथ में रहने वालों के वक्त के पहिए ने भी कैसे करवट बदल ली है कि उनका हाथ आज खाली है! जिनकी तूती बोलती थी आज उनकी बोलती बंद है!! इसलिए कहते हैं साहब यह वक्त है बदलता ज़रूर है इसलिए समय रहते कुछ ऐसा काम करो कि वक्त को भी तुम्हारे पास रुकने पर मजबूर होना हो जाना पड़े!!
साथियों बात अगर हम कुछ सालों से वक्त के पहिए की करवट बदलने की करें तो कैसे हम खुशहाल थे, फिर कोरोना महामारी आई, वैक्सीनेशन ड्राइव चला,आज करीब-करीब नियंत्रित है, सत्ता के बदलाव, कुछ चिन्हित उद्योगपतियों द्वारा बैंक घोटाला, देश के बाहर और भगोड़े घोषित इत्यादि यह सब बातें हमने राष्ट्रीय,अंतरराष्ट्रीय सत्तापरिवर्तन, नब्बे दिन से चले आ रहे हैं रूस यूक्रेन युद्ध सहित अनेक व्यवहार देखें जिसके आधार पर हम कह सकते हैं कि वक्त किसी का सगा नहीं करवट जरूर बदलता है। साथियों बात अगर हम वक्त के पहिए की करें तो, जीवन में सबसे अनमोल चीज है वक्त जिसका चक्र निरंतर रूप से चलते रहता है। इसे कोई रोक नहीं सकता जैसे रेत को कितनी भी जोर से मुट्ठी में बांधके रखो वह फिसलती रहती है। उसी तरह वक्त भी सबको अवसर देता है अगर उस अवसर को समय रहते पहचान कर उसका लाभ ना उठाएं तो वह मौका और वक़्त दोनों हाथ से निकल जाता है। इसीलिए कहते हैं मनुष्य चाहे तो सब कुछ नियंत्रण कर सकता है सिवाय वक्त के! वह एक बार चला गया तो लाख कोशिश कर लो वह कभी वापस नहीं आ सकता।
साथियों बात अगर हम वक्त शब्द की करें तो, वक़्त अर्थात समय ये सिर्फ बोलने के लिए तीन शब्द है किंतु इसमें मनुष्य का संपूर्ण जीवन समाहित है। मनुष्य के जीवन में वक्त का बड़ा ही महत्व है। हमारा पूरा जीवन समाप्त हो जाता है किंतु वक्त का ना कोई प्रारंभ है और ना कोई अंत। वह अपने गति के अनुसार चलते ही रहता है। वक्त किसी के लिए नहीं रूकता और ना ही कोई उसे रोक सकता है। यह वक्त सबके लिए समान गति से चलता है फिर चाहे वह राजा हो या रंक, वक्त के आगे किसी की नहीं चलती।
साथियों बात अगर हम वक्त के महत्व की करें तो, वक़्त और धन की दौड़ में हमेशा वक़्त की जीत होती है। पैसा कमाना आपको अमीर बना देगा लेकिन वक़्त को जीतना आपको सफल बनाएगा। वक़्त फिर कभी लौट कर नहीं आता, आपको इसका उपयोग करने का केवल एक ही मौका मिलता है। यदि आप उस समय वक़्त का सदुपयोग करते हैं, तो यह आपको कल लाभकारी परिणाम देगा। वक़्त बहुत कीमती है और इसे अच्छे कामों में खर्च करने की ज़रूरत है। वक़्त के मूल्य को समझना महत्वपूर्ण है क्योंकि यह बदलता रहता है। वक़्त फिर कभी किसी के जीवन में एक जैसा नहीं हो सकता। जो व्यक्ति वक़्त के महत्व को जानता है और उसका सम्मान करता है, वह चतुर और बुद्धिमान माना जाता है। वह व्यक्ति अपने जीवन में सभी सफलता प्राप्त करने वाला होता है। क्योंकि यह जिंदगी, वक़्त और अपना अनुभव यही सिखाता है कभी उदासी की आग है जिंदगी, कभी खुशियों का बाग है जिंदगी, हंसना और रुलाना राग है जिंदगी, कड़वे-मीठे अनुभवों का स्वाद है जिंदगी, इसलिए हमारा दिल चाहता कुछ और है और होता कुछ और है परंतु एक बात तो निश्चित है वक़्त जरूर बदलता है और जिंदगी में उतार-चढ़ाव, सुख-दु:ख दो पहलू हैं जो हर एक की जिंदगी में आते ही हैं।
किसी के बुरे वक्त पर हंसना नहीं साथियों
यह वक्त है चेहरे याद रखता है साथियों
कितना भी समेट लो हाथों से
फिसलता जरूर है साथियों
यह वक्त है बदलता जरूर है साथियों
अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर उसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि वक्त कभी किसी का सगा नहीं रहा!!वक्त का पहिया कैसे करवट बदल लेता है हम खुद अपने पुराने और आज के नए वक़्त का विश्लेषण करके महसूस कर सकते हैं!!वक्त का पहिया हमेशा एक जैसा नहीं रहता कितना भी पकड़ लो फिसलता जरूर है यह वक्त है साहब बदलता जरूर है!!

-संकलनकर्ता लेखक – कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र


Related Posts

15 मई – परिवारों का अंतर्राष्ट्रीय दिवस

May 14, 2022

15 मई – परिवारों का अंतर्राष्ट्रीय दिवस International Day of Families 2022 टूट रहे परिवार हैं, बदल रहे मनभाव ।प्रेम

कविता-डिजिटल युग का नया डॉक्टर

May 11, 2022

कविता-डिजिटल युग का नया डॉक्टर चिंतक कवि, एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र आजकल कृत्रिम बुद्धिमता की लहर छाई है

मुस्कराना खूबसूरत जिंदगी का इम्यूनिटी बूस्टर!

May 11, 2022

मुस्कराना खूबसूरत जिंदगी का इम्यूनिटी बूस्टर!! मुस्कराना खूबसूरत जिंदगी का इम्यूनिटी बूस्टर! हमेशा ऐसे हंसते मुस्कुराते रहो कि आपको देखकर

क्यूँ हम अच्छे नहीं बन सकते

May 11, 2022

“क्यूँ हम अच्छे नहीं बन सकते”  भावना ठाकर ‘भावु’  मानव में मनुष्यता के गुण विलुप्त होते जा रहे है, वहशीपन

हेलमेंट और पत्नी दोनों सुरक्षा कवच!

May 10, 2022

 हेलमेंट और पत्नी दोनों सुरक्षा कवच!!  स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी  हेलमेंट और पत्नी दोनों का स्वभाव एक जैसा –

अतीत की यादों में समांए तालाब व बावड़ी के लिए वरदान साबित होंगे अमृत सरोवर

May 10, 2022

 अतीत की यादों में समांए तालाब व बावड़ी के लिए वरदान साबित होंगे अमृत सरोवर (पूर्वजों की देन व पानी

Leave a Comment