Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, lekh

लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 147 वीं जयंती एकता दिवस पर विशेष/iron man sardar vallabhbhai patel 147 birth anniversary special

लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 147 वीं जयंती एकता दिवस पर विशेष/iron man sardar vallabhbhai patel 147 birth anniversary …


लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 147 वीं जयंती एकता दिवस पर विशेष/iron man sardar vallabhbhai patel 147 birth anniversary special 

लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 147 वीं जयंती एकता दिवस पर विशेष/iron man sardar vallabhbhai patel 147 birth anniversary special

रन फॉर यूनिटी (Run for unity)

भारत को आजादी मिलने के बाद लौह पुरुष की पूरे राष्ट्र को एकता के सूत्र में पिरोने में महत्वपूर्ण भूमिका 

भारत की खुशहाली में अपना जीवन समर्पित करने वालों की देशभक्ति, शिक्षा और मूल्यों को सम्मान प्रदान करने सभी नागरिकों की सक्रिय हिस्सेदारी ज़रूरी – एडवोकेट किशन भावनानी 

गोंदिया – वैश्विक स्तरपर अपने राष्ट्र, मानवीय कल्याण मानवता के लिए मिसाल बनने के लिए सदियों से सृष्टि की इस धरा पर अनेकों व्यक्तित्वों का जन्म हुआ है। वैसे राष्ट्र माननीय कल्याण के कार्य कर जनता के हृदय में विशेष स्थान बनाना कोई आसान काम नहीं है, क्योंकि पूरा जीवन उनके लिए समर्पित करना होता है और बिना फल चाहत के सेवा के मूल्यों को समझकर रात दिन एक करके सेवा कर लक्ष्यों को प्राप्त करना होता है और वह सटीकता से अपना काम कर जीवन मरण के बंधनों से मुक्त होकर अमर हो जाते हैं। भले ही उनका शरीर नहीं रहता परंतु हर पल उनकी याद पीढ़ी दर पीढ़ी रोशनी की तरह जगमगाती रहती है। वैसे विश्व सहित भारत में भी अनेकों ऐसे महान व्यक्तित्व हैं, परंतु चूंकि 31 अक्टूबर 2022 को लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 147 वीं जयंती है, जिसे एकता दिवस के रूप में भी मनाते हैं, इसलिए आज हम इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में उपलब्ध जानकारी के सहयोग से इस आर्टिकल के माध्यम से चर्चा करेंगे कि भारत को आजाद कराने और उसके बाद पूरे राष्ट्र को एकता के सूत्र में पिरोने में लौह पुरुष ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 

साथियों बात अगर हम लौह पुरुष जयंती के कार्यक्रमों की करें तो भारत सरकार ने जयंती को एकता दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया है जिसमें अनेकों राज्यों द्वारा अनेकों कार्यक्रमों के अलावा 31 अक्टूबर 2022 को सुबह 7 से 8 तक रन फॉर यूनिटी कार्यक्रम किया गया है जिसमें विद्यालय प्रधानाचार्य प्रधानाध्यापक या वरिष्ठ अध्यापक, विद्यार्थी जो लौह पुरुष के राष्ट्रीय एकता में उनकी भूमिका भी बताएंगे। एकता दौड़ में विद्यार्थियों के माता-पिता व स्थानीय समुदाय को शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया गया है। दूसरी ओर अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषदऔर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने सभी उच्च शिक्षण संस्थानों और उनके संबद्ध कॉलेजों और संस्थानों से 25 से 31 अक्टूबर 2022 तक लौह पुरुष के जीवन पर एक विशेष प्रदर्शनी आयोजित करने का आग्रह किया है। साथ ही ये भी आग्रह किया गया है कि संभव हो तो ये प्रदर्शनी क्षेत्रीय भाषाओं में अयोजित की जाए।

साथियों लौह पुरुष के जीवन और योगदान का जश्न मनाने के लिए इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र और भारतीय ऐतिहासिक अनुसंधान परिषद ने संयुक्त रूप से सरदार पटेल–द आर्किटेक्ट ऑफ यूनिफिकेशन का आयोजन किया। यह प्रदर्शनी महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थानों जैसे बैंकों, डाकघरों, सरकारी भवनों, शैक्षणिक संस्थानों और कई अन्य स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी।पत्र में यह भी कहा गया है कि 25 से 31 अक्टूबर तक चलने वाले कार्यक्रम में राष्ट्रीय सेवा योजना और नेहरू युवाकेंद्र केस्वयंसेवकों की सक्रिय हिस्सेदारी से साइकिल और मोटरसाइकिल रैलियां भी आयोजित की जा सकती हैं। इसके साथ ही उच्च शिक्षण संस्थानों एवं कालेजों में लौह पुरुष पर विशेष सत्र, वाद-विवाद, क्विज और अन्य प्रतिस्पर्धाओं का आयोजन भी किया जा सकता है। रन फॉर यूनिटी के लिए एक माइक्रोसाइट तैयार की गई है और एकता दौड़ में हिस्सा लेने वाले सेल्फी लेकर इस पर अपलोड कर सकते हैं।केंद्रीय गृह मंत्रालय 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री के विशेष अभियान पदक-2022′ की घोषणा करेगा। इसे लेकर इस सप्ताह की शुरुआत में गृह मंत्रालय के पुलिस डिवीजन- I ने एक आंतरिक आदेश भी जारी किया था। ये पदक पुलिस सेवा में बेहतर कार्य और उत्कृष्टता को बढावा देने और तनावपूर्ण स्थितियों तथा कठिन इलाकों में अच्छा काम करने वालों को दिया जाता है। 31 अक्तूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के मौके पर बड़े पैमाने पर देश भर में ‘रन फॉर यूनिटी’ कार्यक्रम मनाया जाएगा। 

साथियों बात अगर हम लौह पुरुष के हितकारी कार्यों और उनकी जीवनी की करें तो सरदार बल्लभ भाई पटेल ने देश हित में कई लोक हितकारी कार्य किए थे जिनका शब्दों में बयान करना संभव नहीं है, लेकिन फिर भी हम लौह पुरुष के द्वारा देश हित में जो कार्य किया गया था उसकी चर्चा करेंगे उनका सबसे महत्वपूर्ण काम देश का एकीकरण करना था जैसा कि हम लोग जानते हैं कि जब देश 1947 में आजाद हुआ तो देश में सभी रियासतें अलग अलग थी और कई रियासतें भारत में मिलने के लिए राजी भी नहीं हो रही थी इसकी सबसे प्रमुख वजह थी कि उनमें से अधिकांश मुस्लिम रियायत पाकिस्तान में सम्मिलित होना चाहती थी क्योंकि अंग्रेजों ने जब भारत का बंटवारा किया तो उन्होंने कहा कि जो रियासत भारत के साथ रहना चाहती हैं वह भारत के साथ जा सकती हैं और जिन्हें पाकिस्तान जाना है वह पाकिस्तान जा सकती हैं। ऐसे में भारत के हैदराबाद के निजाम ने पाकिस्तान जाने का फैसला किया और साथ में जूनागढ़ का भी लेकिन लौह पुरुष ने अपनी राजनीतिक सूझबूझ और कूटनीतिक का इस्तेमाल करते हुए दोनों रियासतों को भारत में विलय करने के लिए मजबूर किया और हैदराबाद और जूनागढ़ को पाकिस्तान में सम्मिलित होने से रोका I इसके अलावा कश्मीर में जिस प्रकार पाकिस्तान कब्जा करना चाहता था I उसे रोकने का काम भी सरदार बल्लभ भाई पटेल ने किया था नहीं तो आज कश्मीर पाकिस्तान के अंदर सम्मिलित होता I सरदार वल्लभ भाई पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को गुजरात के नडियाद में हुआ। लंदन जाकर उन्होंने बैरिस्टर की पढ़ाई की और वापस आकर अहमदाबाद में वकालत करने लगे। महात्मा गांधी के विचारों से प्रेरित होकर उन्होंने भारत के स्वतंत्रता आन्दोलन में भाग लिया। स्वतंत्रता आंदोलन में सरदार पटेल का पहला और बड़ा योगदान 1918 में खेड़ा संघर्ष में था। उन्होंने 1928 में हुए बारदोली सत्याग्रह में किसान आंदोलन का सफल नेतृत्त्व भी किया। लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल भारत के पहले उपप्रधानमंत्री और गृहमंत्री थे। बारडोली सत्याग्रह आंदोलन के सफल होने के बाद वहां की महिलाओं ने वल्लभभाई पटेल को सरदार की उपाधि प्रदान की थी। किसी भी देश का आधार उसकी एकता और अखंडता में निहित होता है और सरदार पटेल देश की एकता के सूत्रधार थे। इसी वजह से उनके जन्मदिन को राष्ट्रीय एकता दिवस के तौर पर मनाया जाता है। लौह पुरुष जी का निधन 15 दिसंबर, 1950 को मुंबई में हुआ था। सन 1991 में सरदार पटेल को मरणोपरान्त ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया गया था। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद देशी रियासतों का एकीकरण कर अखंड भारत के निर्माण में उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है। उन्होंने 562छोटी-बड़ी रियासतों का भारतीय संघ में विलीनीकरण करके भारतीय एकता का निर्माण किया। महात्मा गांधी ने सरदार पटेल को लौह पुरुष की उपाधि दी थी। गुजरात में नर्मदा के सरदार सरोवर बांध के सामने सरदार वल्लभभाई पटेल की 182 मीटर (597 फीट) ऊंची लौह प्रतिमा (स्टैचू ऑफ यूनिटी) का निर्माण किया गया। यह विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा है। इसे 31 अक्टूबर 2018 को देश को समर्पित किया गया। स्टेचू ऑफ लिबर्टी की ऊंचाई केवल 93 मीटर है।

अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर उसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 147 वीं जयंती एकता दिवस पर विशेष है। रन फॉर यूनिटी, भारत को आजादी मिलने के बाद लौह पुरुष ने पूरे राष्ट्र को एकता के सूत्र में पिरोने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। भारत की खुशहाली में अपना जीवन समर्पित करने वालों की देशभक्ति शिक्षा और मूल्यों को सम्मान प्रदान करने सभी नागरिकों की सक्रिय हिस्सेदारी ज़रूरी है।

About author

Kishan sanmukh

-संकलनकर्ता लेखक – कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र


Related Posts

अप्सेंट रहता हूं पर हाजिरी लगती है| absent rahta hun par haziri lagti hai

December 10, 2022

यह व्यंग्यात्मक कविता शासकीय ऑफिस में कर्मचारी ड्यूटी पर होकर भी राउंड के बहाने कैसे घूमते फिरते, बाहरगांव जाते, ऑफिस

व्यंग्य कविता-अभी-अभी भ्रष्टाचार केस में सस्पेंड हुआ हूं| abhi abhi bhrastachar case me suspend hua hun

December 10, 2022

 यह व्यंग्यात्मक कविता भ्रष्टाचार में सस्पेंड होने के बाद फ़िर हरे गुलाबी के दम पर वापिस पदासीन होने और मिलीभगत

व्यंग्य कविता-नियमों कानूनों की धौंस बताता हूं niyamo kanoono ki dhaus batata hun

December 10, 2022

यह  व्यंग्यात्मक कविता हर शासकीय कार्यालय में लटकाने, भटकाने और माल चटकाने की प्रथा पर व्यंग्यात्मक कटाक्ष पर आधारित है 

मैंने भी भूमि संपादन की मलाई खाई| maine bhi bhumi sampadan ki malai khai

December 10, 2022

 यह व्यंग्यात्मक कविता भूसंपादन की स्थिति में सामान्य पड़ित ज़मीन को ओलित सिंचित या एनए करवाकर डबल से दस गुना

व्यंग्य कविता-क्योंकि मैं शासन का जँवाई राजा हूं| kyuki Mai shashan ka jawai raja hun

December 10, 2022

यह व्यंग्यात्मक कविता शासकीय कर्मचारियों का शासन पद चेयर में अभूतपूर्व सम्मान हरे गुलाबी की बारिश जनता पर ठस्का समाज

मूलभूत साक्षरता में सामुदायिक जुड़ाव और माता-पिता की भागीदारी

November 28, 2022

 मूलभूत साक्षरता में सामुदायिक जुड़ाव और माता-पिता की भागीदारी हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि स्कूलों के लिए सीधे फंड

Leave a Comment