Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, lekh

लोकतंत्र के महापर्व पर महायुद्ध का असर

लोकतंत्र के महापर्व पर महायुद्ध का असर!!! यूक्रेन-रूस युद्ध में फ़ीके हुए लोकतंत्र के महापर्व चुनावीरण सहित अंतिम सातवां चरण …


लोकतंत्र के महापर्व पर महायुद्ध का असर!!!

लोकतंत्र के महापर्व पर महायुद्ध का असर
यूक्रेन-रूस युद्ध में फ़ीके हुए लोकतंत्र के महापर्व चुनावीरण सहित अंतिम सातवां चरण ?

10 मार्च को लोकतंत्र के महापर्व में ऐतिहासिक जीत दर्ज कराने वाले विजेता फोड़ेंगे खुशियों के बम!!! – एड किशन भावनानी

गोंदिया – वैश्विक स्तरपर प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया पर प्राथमिकता से मुख्य कवरेज और बड़े-बड़े नेताओं का ध्यान प्राथमिक स्तरपर खींचने में यूक्रेन-रूस महायुद्ध कामयाब रहा है!!! क्योंकि शुरू से ही ऐसे कयास लगाए जा रहे थे कि तीसरे विश्वयुद्ध और परमाणु महायुद्ध का प्राथमिक पहिया यही युद्ध है!! जिसके कारण हर देश अपने-अपने स्तर पर रणनीतिक रोडमैप बनाए बैठा है कि उन्हें उत्पन्न अगली परिस्थितियों में क्या, कब और कैसे करना है!! हालांकि संयुक्तराष्ट्र, नाटो, ईयू, जी-7, जी-20, क्वाड इत्यादि से संलग्न देश ऊपरी तौर पर अभी शांत बैठे हैं!! हालांकि रूस पर अनेक कड़े प्रतिबंध लगाए जा चुके हैं और तीसरे विश्वयुद्ध व परमाणु महायुद्ध की संभावना अपेक्षाकृत कम है!! फ़िर भी एक बात माननी पड़ेगी कि वैश्विक स्तरपर अनेक ऐसी घटनाएं, पर्व, महापर्व, त्यौहार सहित अनेक इवेंट्स फीके पड़ते दिखाई दिए हैं!! क्योंकि सारे विश्व की जनता और छोटे से लेकर टॉप स्तर के नेताओं, डिप्लोमेसी, ब्यूरोक्रेसी का ध्यान उधर लगा हुआ है!!
साथियों बात अगर हम भारतीय लोकतंत्र के सबसे बड़े महापर्व पांच राज्यों के चुनाव में यूपी के पांचवें चरण से यूक्रेन-रूस युद्ध पर शाब्दिक बाण शुरू हो गए थे और अभी सातवें चरण के चुनाव प्रचार समाप्ति तक चुनाव पर रूस-यूक्रेन युद्ध के प्रभाव की करें तो, जिस तरह से युद्ध के पूर्व हर दिन हर पल की छोटी से छोटी चुनावीरण की खबरें छन छन कर टीवी चैनलों पर प्रिंट मीडिया, सोशल मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर आ रही थी, जो युद्ध शुरू होने से अचानक विलुप्त सी हो गई!!! और बहुत कमस्तर पर दिखाया जाने लगा जबकि अधिकतम फोकस युद्ध की पल-पल बदलती परिस्थितियों पर रही है!!! अनेक टीवी चैनलों, प्रिंट मीडिया, सोशल मीडिया के प्रतिनिधि यूक्रेन,पोलैंड, माल्दोवा, हंगरी, स्लोवाकिया इत्यादि देशों से ग्राउंड रिपोर्टिंग कर रहे हैं, अनेक डिबेट भी दस दिनों से युद्ध पर ही हो रहे हैं। मीडिया का अधिकतम ध्यान युद्ध की ओर ही लगा हुआ है!!!
सारे भारत देश की जनता सहित चुनावीरण वाले क्षेत्र की जनता का ध्यान भी युद्ध पर बटा हुआ है!! माननीय पीएम महोदय भी युद्ध पर पैनी नज़र बनाए हुए हैं और यूक्रेन, रूस, पोलैंड, फ्रांस, अमेरिका इत्यादि देशों से ऑपरेशन गंगा के तहत भारतीय विद्यार्थियों के सफल भारत लाने के प्रयास में लगातार व्यस्त हैं यानेदिनांक 5 मार्च 2022 को देर रात तक लगातार पांचवीं हाई लेवल मीटिंग कर रहे थे। सभीका अधिकतम ध्यान युद्ध और उससेजुड़ी परिस्थितियों गतिविधियों पर लगा हुआ है!!
मैं जिस समय भी टीवी ऑन कर अनेक चैनलों पर घुमा कर देखता हूं तो हर चैनल पर युद्ध से जुड़ी चर्चा ही मिलती है सारा दिन बदलती स्थितियों, परिस्थितियों, अपडेट, तुरंत दिखाए जा रहे हैं जिसके कारण यूपी के पांचवें चरण से लोकतंत्र का महापर्व फ़ीका दिखाई पड़ रहा है,और शनिवार को सातवें चरण का चुनाव प्रचार भी समाप्त हो गया जहां 7 मार्च 2022 को मतदान हो रहा हैं।अब 10 मार्च को ही जो उम्मीदवार ऐतिहासिक जीत दर्ज करेगें उसके व सहयोगीयों और पार्टी कार्यालयों पर खुशियों के बम फूटते हुए दिखाई देंगे!!! उम्मीद है कि 10 मार्च 2022 को सारा दिन इस लोकतंत्र के महापर्व के रिजल्ट पर सभी टीवी चैनलों पर चर्चा हो रही होगी और बीच-बीच में युद्ध के अपडेट दिखाएं जा सकते हैं ऐसा मेरा मानना है।
साथियों बात अगर हम भारतीय छात्रों को यूक्रेन से निकालने ऑपरेशन गंगा में सरकार, जनता और नेताओं के ध्यान की करें तो चार मंत्री माल्दोवा, हंगरी, स्लोवाकिया और पोलैंड इन 4 देशों में गए हैं। सारी जनता, नेताओं, मंत्रियों, सरकार का ध्यान उन्हें वापस लाने पर लगा हुआ है चुनावी महापर्व से ध्यान बंटने का एक अन्य भी सशक्त कारण है।
साथियों बात अगर हम यूपी चुनाव के पांचवें चरण से यूक्रेन रूस-युद्ध की एंट्री और शाब्दिक बाणों की करें तो यूपी में अब में विधानसभा चुनाव के 6 चरण बीत चुके हैं, अब बारी आज 7 मार्च को अंतिम सातवें चरण की है, लेकिन चुनावी प्रचार में भी पांचवे चरण से 5 हजार किलोमीटर दूर चल रहे रूस-यूक्रेन युद्ध की एंट्री हुई है, हालांकि यूपी के चुनावी मैदान में रूस-यूक्रेन का मुद्दा दबे पांव घुसकर गूंजने लगा ह था, दरअसल यूक्रेन पर संकट छाया तो यूपी के चुनाव में राष्ट्रवाद, आतंकवाद, देशभक्ति, के मुददे भी उछाले जाने लगे, यूक्रेन संकट ने इन हमलों को एक नई धार दे दी!!!
साथियों बात अगर हम यूपी चुनाव के अंतिम सातवें चरण की करें तो आज सोमवार 7 मार्च 2022 को वोटिंग है और उसके नतीजे 10 मार्च 2022 को सुबह गिनती के बाद आने शुरू हो जाएंगे। मेरा अनुमान है कि हमारे देश की मीडिया का कुछ ध्यान वापस 8 से 10 मार्च तक 5 राज्यों के अंदेशआत्मक नतीजे, प्री-पोल, एग्जिट पोल विभिन्न एजेंसियों के साथ करना शुरू हो जाएगा!! और 10 मार्च को लोकतंत्र के महापर्व की ऐतिहासिक जीत दर्ज कराने वाले विजेता खुशियों के बम फोड़ेंगे!!! और 10 मार्च को शायद युद्ध से कुछ हद तक ध्यान हटकर पांच राज्यों के चुनावी नतीजों पर होगा ऐसा मेरा मानना है!!!
अतः अगर हम उपरोक्त विवरण का अध्ययन कर उसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि लोकतंत्र के महापर्व पर महायुद्ध का असर दिखा!!! यूक्रेन-रूस युद्ध में फ़ीके हुए लोकतंत्र के महापर्व में चुनावीरण का आज अंतिम सातवां चरण है। 10 मार्च को लोकतंत्र के महापर्व में ऐतिहासिक जीत दर्ज कराने वाले विजेता फोड़ेंगे खुशियों के बम!!!

-संकलनकर्ता लेखक- कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र


Related Posts

पढ़ाई के लिए हाॅस्टल सही या घर/ padhai ke liye hostal sahi ya ghar

July 24, 2022

 “पढ़ाई के लिए हाॅस्टल सही या घर”/padhai ke liye hostal sahi ya ghar प्राचीन काल में बच्चों को गुरूकुलों में

स्वयं के जीवन के निर्णय स्वयं से लीजिए!/swayam ke jeevan ke nirnay swayam se lijiye

July 23, 2022

 स्वयं के जीवन के निर्णय स्वयं से लीजिए!/swayam ke jeevan ke nirnay swayam se lijiye  हम सभी को आम तौर

Draupadi murmu ka mayurganj se rastrpati bhawan tak ka safar

July 22, 2022

द्रौपदी मुरमू का मयूर गंज से राष्ट्रपति भवन तक का सफर यशवंत सिन्हा का एक टीवी चैनल पर साक्षात्कार सुना

हार न मानने की जिद ने पैदा किया कवि और पायी परिस्थितियों पर जीत।

July 21, 2022

हार न मानने की जिद ने पैदा किया कवि और पायी परिस्थितियों पर जीत। ‘तितली है खामोश’ से सत्यवान ‘सौरभ’

एक मजबूत, शक्तिशाली और विकासशील भारत।/ek majboot shaktishali aur vikassheel bharat

July 19, 2022

 एक मजबूत, शक्तिशाली और विकासशील भारत। (उदीयमान प्रबल शक्ति के बावजूद भारत अक्सर वैचारिक ऊहापोह में घिरा रहता है. यही

अत्यधिक ऑनलाइन गेमिंग बच्चों की शिक्षा और सोच पर डाल रही हानिकारक प्रभाव।

July 18, 2022

 अत्यधिक ऑनलाइन गेमिंग बच्चों की शिक्षा और सोच पर डाल रही हानिकारक प्रभाव। सरकार बच्चों के लिए ऑनलाइन गेमिंग घंटे

Leave a Comment