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लेख- दीपावली मनाने की लोककथाये/विज्ञान – R.S. Meena

लेख- दीपावली मनाने की लोककथाये/विज्ञान दीवाली मनाने के पीछे कई पौराणिक कथाएं व मान्यताएं हैं। इसी अनुसार देश में विभिन्नता …


लेख- दीपावली मनाने की लोककथाये/विज्ञान

लेख- दीपावली मनाने की लोककथाये/विज्ञान - R.S. Meena

दीवाली मनाने के पीछे कई पौराणिक कथाएं व मान्यताएं हैं। इसी अनुसार देश में विभिन्नता पाई जाती हैं। आइए जानते हैं आखिर दिवाली क्यों मनाई जाती है-

1- भगवान राम अयोध्या लौटे थे

माना जाता है कि जब भगवान राम रावण को हराकर और चौदह वर्ष का वनवास पूरा कर अयोध्या लौटे तो नगरवासियों ने पूरे अयोध्या को रोशनी से सजा दिया और यहां से ही भारतवर्ष में दिवाली के त्योहार का चलन शुरू होना माना जाता है।

2 ऐसी मान्यता हैं कि बौद्ध धर्म के भगवान गौतम बौद्ध इसी दिन अपनी जन्मभूमि कपिलवस्तु में 18 वर्षो के पश्चात वापस लौटे थे। उनके वापस आने की खुशी में वहां के लोगो ने लाखो दीप प्रज्जवलित कर उनका भव्य स्वागत किया था।

उसी समय गौतम बुद्ध ने “अप्पो दीपो भवः” का उपदेश अपने शिष्यों को दिया था। तब से उसकी याद में दिवाली का त्यौहार बौद्ध धर्म में मनाया जाता है।

3 सम्राट अशोक का बौद्ध धर्म अपनाना कलिंग के भीषण युद्ध के पश्चात उन्होंने दिवाली के दिन ही हिंदू धर्म का त्याग कर बौद्ध धर्म को पूर्णतया अपना लिया था। इसके बाद उन्होंने जीवनभर देश-विदेश में बौद्ध धर्म का प्रचार और बौद्ध स्तूपों व मूर्तियों का निर्माण किया। सम्राट अशोक के द्वारा ही भारत व आसपास के देशो में बौद्ध धर्म का प्रचार-प्रसार किया गया जिस कारण यह विश्व का एक बड़ा धर्म उभरकर सामने आया। बौद्ध धर्म के अनुयायी इसी की याद में प्रमुखता से दिवाली का त्यौहार मनाते हैं।

,4 हिंदू धर्म और शास्त्रों के अनुसार यह कहा जाता है कि समुद्र मंथन के दौरान कार्तिक मास की अमावस्या के दिन समुद्र मंथन करते समय मां लक्ष्मी की उत्पत्ति हुई थी। इसीलिए दीपावली के दिन माता लक्ष्मी का जन्मदिन मनाया जाता है और उनकी पूजा की जाती है।

5भगवान विष्णु ने बचाया था माता लक्ष्मी को

भगवान विष्णु का पांचवां अवतार वामन अवतार है। हिंदू कथाओं में यह बहुत प्रसिद्ध कथा है जिसमें भगवान विष्णु के वामन अवतार ने माता लक्ष्मी को राजा बाली के गिरफ्त से बचाया था। इसीलिए इस दिन दीपावली को मां लक्ष्मी की पूजा करके श्रद्धा भाव से मनाया जाता है।

6कृष्ण ने नरकासुर का किया था वध

जब राक्षस राजा नरकासुर ने तीनों लोकों पर आक्रमण कर दिया था और वहां रहने वाले देवी-देवताओं पर अत्याचार कर रहा था तब श्री कृष्ण ने नरकासुर का वध किया था। उसका वध करके श्री कृष्ण ने 16,000 महिलाओं को उसके कैद से आजाद किया था। इस जीत की खुशी को 2 दिन तक मनाया गया था जिसमें दीपावली का दिन मुख्य है। दिपावली पर्व का दूसरा दिन नरक चतुर्दशी के नाम से भी जाना जाता है।

7 पांडवों की हुई थी वापसी

हिंदू धर्म के एक महाकाव्य महाभारत के अनुसार कार्तिक अमावस्या के ही दिन पांडव 12 साल के वनवास के बाद लौटे थे। उनके आने की खुशी में प्रजा ने उनका स्वागत दीयों को जलाकर किया था।

8 दीपावली के ही दिन विक्रमादित्य का हुआ था राज तिलक

बहु पराक्रमी राजा विक्रमादित्य का राजतिलक दीपावली के दिन ही हुआ था। राजा विक्रमादित्य को उदारता, साहस और वीरता के लिए जाना जाता है।

9- हिरण्यकश्यप का वध

एक पौराणिक कथा के अनुसार विष्णु ने नरसिंह रूप धारणकर हिरण्यकश्यप का वध किया था। दैत्यराज की मृत्यु पर प्रजा ने घी के दीये जलाकर दिवाली मनाई थी।

10 शक्ति ने धारण किया महाकाली का रूप

राक्षसों का वध करने के बाद भी जब महाकाली का क्रोध कम नहीं हुआ तब भगवान शिव स्वयं उनके चरणों में लेट गए। भगवान शिव के शरीर स्पस मात्र से ही देवी महाकाली का क्रोध समाप्त हो गया। इसी की याद में उनके शांत रूप लक्ष्मी की पूजा की शुरुआत हुई। इसी रात इनके रौद्ररूप काली की पूजा का भी विधान है।

11- प्रकट हुए लक्ष्मी, धन्वंतरि व कुबेर

पौराणिक ग्रंथों के अनुसार दीपावली के दिन ही माता लक्ष्मी दूध के सागर, जिसे केसर सागर के नाम से जाना जाता है, से उत्पन्न हुई थीं। साथ ही समुद्र मन्थन से आरोग्यदेव धन्वंतरि और भगवान कुबेर भी प्रकट हुए थे

12 भगवान विष्णु ने बचाया था माता लक्ष्मी को

भगवान विष्णु का पांचवां अवतार वामन अवतार है। हिंदू कथाओं में यह बहुत प्रसिद्ध कथा है जिसमें भगवान विष्णु के वामन अवतार ने माता लक्ष्मी को राजा बाली के गिरफ्त से बचाया था। इसीलिए इस दिन दीपावली को मां लक्ष्मी की पूजा करके श्रद्धा भाव से मनाया जाता है।

13 आर्य समाज के लिए है बेहद खास है यह दिन

भारतीय इतिहास में इस दिन 19वीं सदी के विद्वान महर्षि दयानंद ने आज के ही दिन निर्वाण को प्राप्त किया था। महर्षि दयानंद को हम आर्य समाज के संस्थापक के तौर पर जानते हैं। उन्होंने इंसानियत और भाईचारे को बढ़ावा दिया था।

14 जैन के लिए है एक विशेष दिन

दीपावली के दिन ही जैन धर्म के संस्थापक महावीर तीर्थंकर ने निर्वाण प्राप्त किया था। एक तपस्वी बनने के लिए उन्होंने अपने शाही जिंदगी और परिवार का त्याग किया था। व्रत और तप को अपनाकर उन्होंने निर्वाण को प्राप्त किया था। यह कहा जाता है कि 43 की उम्र में उन्होंने ज्ञान प्राप्त कर लिया था और जैन धर्म को विस्तार दिया था।

15 सिखों के लिए दीपावली का है बहुत महत्व

सिखों के तीसरे गुरु अमर दास ने दीपावली के दिन को एक विशेष दिन का दर्जा दिया था जब सारे सिख उनके पास आकर उनका आशीर्वाद लेते थे। दीपावली के दिन ही 1577 में पंजाब के अमृतसर जिले में स्वर्ण मंदिर का शिलान्यास हुआ था। दीपावली का दिन सिखों के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि 1619 में उनके छठवें गुरु हरगोविंद को मुगल शासक जहांगीर ने 52 राजाओं के साथ ग्वालियर किले से आजाद किया था।

16 पोप जॉन पॉल की दीपावली स्पीच

1999 में दीपावली के शुभ अवसर पर पोप जॉन पॉल ने भारत के एक चर्च में eucharist का प्रबंध किया था। जिस दिन उन्होंने अपने माथे पर तिलक लगाकर अपने भाषण में दीपों के त्योहार दीपावली पर भाषण दिया था।

17 पांडवों की हुई थी वापसी

हिंदू धर्म के एक महाकाव्य महाभारत के अनुसार कार्तिक अमावस्या के ही दिन पांडव 12 साल के वनवास के बाद लौटे थे। उनके आने की खुशी में प्रजा ने उनका स्वागत दीयों को जलाकर किया था।

18 दीपावली मनाने की पीछे विभिन्न धर्मों की विभिन्न ऐतिहासिक कहानियां हैं । मगर विज्ञान की कहानी….

दीपावली – रोशनी का त्योहार ,अंधकार पर प्रकाश की जीत का प्रतिनिधित्व करता है ।

“दीप प्रतिपदा उत्सव’ जिसे दीपावली के नाम से जाना जाता है,दीपा का अर्थ है दीपक, प्रतिपदा का अर्थ है दीक्षा और उत्सव का अर्थ है त्योहार। यह एक दिन का त्योहार नहीं है । ठंड से पहले गर्मी और बारिश का मौसम गुजर चुका होता है। गर्मी में धूल-हवा के कारण घर गंदा हो जाता है। बारिश के कारण घरों में सीलन, पानी का जमाव होने लगता है। कीट-पतंगों से बीमारियां बढऩे की आशंका होती है। इसलिए साफ सफाई की जाती है । दरअसल, चूने और डिस्टेम्पर में कैल्शियम हाइड्रो ऑक्साइड होता है। यह कीटों को मारता है। इस कारण रंग-रोगन किया जाता है, गोबर में एंटी बैक्टीरियल होता है। इसकी लिपाई करने से कीटाणु प्रवेश नहीं करते हैं। आंगन में इसी कारण लीपा जाता है। गोबर में जीवाणु और विषाणुनाशक शक्ति होती है। यह फिनाइल से भी अच्छा काम करता है। ओर महत्वपूर्ण बात फसलें काट ली जाती है ,दो पैसा आने पर घर की साफ सफाई और नये कपड़े खरीदे जाते हैं ।”
ओर खुशियां मनाई जाती हैं ।। खैर जो भी हो हर घर मे 
खुशी का माहौल ओर एक दूजे के हाल चाल पूछना ।
बहुत अच्छा है ।। सभी देश प्रेमियों को हैप्पी दीपावली…..

R.S Meena INDIAN✍️


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