Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem, Veena_advani

लेखिका वीना कह बुलाए दुनिया

लेखिका वीना कह बुलाए दुनिया कलम प्रखरव नहीं थी मेरी इसे प्रखरव बनाया है।।हर गहरा ज़ख़्म मेरा शब्दों में ज़हर …


लेखिका वीना कह बुलाए दुनिया

कलम प्रखरव नहीं थी मेरी इसे प्रखरव बनाया है।।
हर गहरा ज़ख़्म मेरा शब्दों में ज़हर घोल पाया है।।

चोट किया इतना दिल पर मेरे ज़ालिम दुनिया ने
आज मोम भरा दिल मेरा पत्थर का बनाया है।।

मुस्कान भरे चेहरे पर , हर वक्त रहे अब क्रोध रस
ये क्रोध काग़ज़ ही है जो सहन कर लिख पाया है।।

सत्य कह कर बनी बुरी हर दम़ मैं ही हर ओर
समझे ना कोई मुझे यही तो दर्द मेरा गहराया है।।

तोड़ना चाहते मिल कर दुनिया संग , मेरे अपने ही
मेरे अपनों में ही ज़ालिम चेहरों ने नकाब लगाया है।।

छटपटाहट मेरी देखो , मेरी कलम ही ना देख पाती
मेरी कलम ने ही मेरा हर पल लिख साथ निभाया है।।

जब-जब टूटी टुकड़ों में बिखर जाती चहूओर मैं
मेरी कलम ने ही जोड़ मुझको , चलना सिखाया है।।

अनगिनत घात-प्रतिघात हुए अक्सर मुझे पर देखो
अब तो आंसू भी सूख गये इनने साथ ना निभाया है।।

आदत हो गई वक्त के साथ सब सहने की अब तो
अब फर्क ना पड़े हमें दर्द से , यही तो बतलाया है।।

पहचान नहीं थी मेरी , अपनी सुनों दुनिया वालों
आज दुनिया वालों ने लेखिका वीना हमें बुलाया है।।

About author

Veena advani
वीना आडवाणी तन्वी
नागपुर, महाराष्ट्र

Related Posts

जीवन जीने की कला| jeevan jeene ki kala

February 9, 2023

जीवन जीने की कला। जीवन जीने की कला,जिसने सीखी, वही आगे चला,उत्कृष्ट व्यवहार एवं विनम्रता,रखने वाला ही जीवन को सही

कविता –यादो का दुशाला | yadon ka dushala

February 8, 2023

कविता -यादो का दुशाला अद्भुत और अनोखा है ..तुम्हारी यादों का दुशाला, हमेशा टंगा रहता है कांधे पर, ठंड लगती

Bharat desh par kavita

February 7, 2023

कविता भारत देश महान, मेरी आन बान शान भारत देश महान, मेरी आन बान शानधर्मनिरपेक्षता हैं, भारत की पहचानहर धर्म

मां लक्ष्मी के अष्ट लक्ष्मी स्वरूप| maa laxmi ke ast swaroop

February 7, 2023

कविता मां लक्ष्मी के अष्ट लक्ष्मी स्वरूप धर्म ग्रंथों और पुराणों में मां लक्ष्मी के अष्ट स्वरूपों का वर्णन है

एक नया भारत बनाना है | ek naya bharat banana hai

February 5, 2023

भावनानी के भाव एक नया भारत बनाना है इसानियत को जाहिर कर स्वार्थ को मिटाना हैबस यह बातें दिल में

Kasam kavita| कसम कविता

February 4, 2023

कसम कोई कहे कसम मुझे,कोई कहता हैं वादा।कोई कहता मुझे वचन,पर न हर कोई, मुझे निभाता।मैं प्रण हूँ,मैं हूँ शपथ।मैं

PreviousNext

Leave a Comment