Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel
लघुकथा -बेड टाइम स्टोरी | bad time story

लघुकथा -बेड टाइम स्टोरी | bad time story

लघुकथा -बेड टाइम स्टोरी “मैं पूरे दिन नौकरी और घर को कुशलता से संभाल सकती हूं तो क्या अपने बच्चे …


लघुकथा -बेड टाइम स्टोरी

लघुकथा -बेड टाइम स्टोरी | bad time story

“मैं पूरे दिन नौकरी और घर को कुशलता से संभाल सकती हूं तो क्या अपने बच्चे को अकेली नहीं संभाल सकती? आधुनिक जमाने की आधुनिक मां हूं और बच्चे की देखभाल की सभी आधुनिक पद्धतियों से परिचित हूं। पूरे दिन की थकान के बाद भले ही अपने बच्चे को कहानियां नहीं सुना सकती, पर दिखा तो सकती हूं। बेड टाइम स्टोरीज के कितने ऐप मोबाइल में हैं। आज की वेब पीढ़ी के बच्चे कहानियां सुनने के लिए नानी-दादी की राह नहीं देखते।”
कावेरी के इस उलाहने को समझने वाले विनोद ने हमेशा की तरह उसकी इस बात का जवाब देना उचित नहीं समझा। उसका ध्यान कावेरी पर नहीं, सामने बेड पर मम्मी के मोबाइल में बेड टाइम स्टोरी देख-सुन रहे आपने छह साल के बच्चे पर था। जैसे ही मोबाइल पर आवाज आनी बंद हु, उसने मोबाइल बच्चे से छीन कर गंभीरता से कहा, “देखू तो कौन सी स्टोरी सुन रहे हो?”
शीशे में बाल ठीक कर रही कावेरी का ध्यान इस ओर बिलकुल नहीं था। बच्चे के हाथ से मोबाइल ले कर स्कीन पर नजर पड़ते ही विनोद गुस्से में बोला, “जाओ दादी के पास, वह तुम्हें स्टोरी सुनाएंगी।”
पापा का क्रोधित चेहरा देख कर मासूम दादी के बेडरूम की ओर भागा। कावेरी की सहनशीलता चरमसीमा पर पहुंच गई। चेहरा गुस्से से लालपीला हो उठा। वह कुछ कहती, उसके पहले ही विनोद ने मोबाइल उसके हाथ में थमा दिया। मोबाइल की स्क्रीन पर वायरस द्वारा आई नग्न तस्वीर अभी भी स्थिर थी।
एक भी शब्द बोले बगैर इस आधुनिक मां ने अपने स्थिर मोबाइल का स्विच आफ कर दिया।

About author 

वीरेन्द्र बहादुर सिंह जेड-436ए सेक्टर-12, नोएडा-201301 (उ0प्र0) मो-8368681336

वीरेन्द्र बहादुर सिंह
जेड-436ए सेक्टर-12,
नोएडा-201301 (उ0प्र0)


Related Posts

लघुकथा-जीवंत गजल | jeevant gazal

January 13, 2023

लघुकथा-जीवंत गजल हाथ में लिए गजल संध्या का आमंत्रण कार्ड पढ़ कर बगल में रखते हुए अनुज ने पत्नी से

कविता–मनुष्य | manushya par kavita

January 11, 2023

कविता–मनुष्य मनुष्य रंग बदलता मनुष्य,ढ़ंग बदलता मनुष्य। चाल बदलता मनुष्य, ढ़ाल बदलता मनुष्य। पल में फिरता मनुष्य, पल में विफरता

कविता–कृष्ण की व्यथा| krishna ki vyatha

January 9, 2023

कविता–कृष्ण की व्यथा क्या कृष्ण की कोई व्यथा नहीं थी? उनकी पीड़ा की कोई गाथा नहीं थी? छोड़ा गोकुल मैया

लघुकथा –काश मैं मोबाइल होती| kash mai mobile hoti

January 9, 2023

लघुकथा –काश मैं मोबाइल होती “आज काम बहुत था यार, बुरी तरह से थक गया हूं।” – सोफा पर अपना

अपाहिज | laghukatha -apaahij

January 6, 2023

अपाहिज !! अपाहिज | laghukatha -apaahij डॉ विनीता एक गांव में लगने वाली विकलांग शिविर के लिए घर से निकली

फिल्मी पठान : अब्दुल रहमान से बादशाह खान तक| Film Pathans: From Abdul Rehman to Badshah Khan

January 6, 2023

फिल्मी पठान : अब्दुल रहमान से बादशाह खान तक आजकल शाहरुख खान की नई फिल्म पठान चर्चा में है। शाहरुख

PreviousNext

Leave a Comment