Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

रुकना तो कायरो का काम है!-डॉ. माध्वी बोरसे

रुकना तो कायरो का काम है! चलते जाए चलते जाए, यही तो जिंदगी का नाम है,आगे आगे बढ़ते जाए,रुकना तो …


रुकना तो कायरो का काम है!

रुकना तो कायरो का काम है!-डॉ. माध्वी बोरसे
चलते जाए चलते जाए,

यही तो जिंदगी का नाम है,
आगे आगे बढ़ते जाए,
रुकना तो कायरों का काम है!

गिर जाए तो खड़े हो जाएं,
जब ही तो सलाम है,
मंजिलों को पाते जाए,
यही जिंदगी का अंजाम है!

हौसलो की बुलंदियों को, छूते जाए,
नहीं करना आराम है,
सफलताओं को पाते जाए,
यही सच्चा प्रमाण है!

खुशियां हर पल की मनाते जाए,
यही जिंदगी का सम्मान है,
जगती आंखों से सपने पूरे करते जाए,
वही तो सच्चा इंसान है!

सीख कर जो ना सिखाएं,
बेकार का अभिमान है,
सीखते और सिखाते जाए,
फिर तो वह महान है!

जिंदगी में उतारते जाए,
वही तो सच्चा ज्ञान है,
ऊर्जा का सही उपयोग करते जाए,
यही तो सही पहचान है!

परिश्रम करके कमाई करते जाए,
फिर ही तो हममें ईमान है,
इस जिंदगी की सही कीमत को समझते जाए,
यह जिंदगी तो ऊपर वाले का एहसान है!

हर पल में खुल कर मुस्कुराए,
क्यों यह जिंदगी वीरान है,
खुद को चलो बेहतरीन बनाएं,
क्यों सच्चाई से अनजान है!

सकारात्मकता को अपनाते जाए,
हम क्यों इतने परेशान है,
स्वयं पर भरोसा करते जाए,
कामयाबी से भरा यह जहान है!
स्वयं पर भरोसा करते जाए,
कामयाबी से भरा यह जहान है!

डॉ. माध्वी बोरसे!
( स्वरचित व मौलिक रचना)
राजस्थान (रावतभाटा)


Related Posts

फर्ज/farz

August 11, 2022

फर्ज कहां से लाए वह दिलों की तड़पजो थी भगत सिंघ ,राज्यगुरू और आज़ाद में अब तो सिर्फ बातें बड़ी

भाई बहन का रिश्ता!

August 11, 2022

भाई बहन का रिश्ता! कभी दोस्ती तो कभी लड़ाई,एक दूजे से ना बात छुपाई,मुसीबत में कभी भाई काम आया, तो

उड़े तिरंगा बीच नभ

August 11, 2022

उड़े तिरंगा बीच नभ आज तिरंगा शान है, आन, बान, सम्मान।रखने ऊँचा यूँ इसे, हुए बहुत बलिदान।। नहीं तिरंगा झुक

रक्षाबंधन विशेष

August 10, 2022

 नन्हीं कड़ी में…. आज की बात  रक्षाबंधन रक्षाबंधन है एक,अटूट निराला बंधन।रेशम की पवित्र डोर से,बना यह रक्षा का बंधन।। सब

तब और अब का अंतर!

August 5, 2022

तब और अब का अंतर! जब नहीं था हमारे पास अलार्म,स्वयं से याद रखते थे सारे काम,ना था मोबाइल फोन

जीवन की यात्रा!

August 5, 2022

जीवन की यात्रा! उम्मीद के दीए को जलाकर,दर्द और तकलीफ को भूलाकर,मुश्किलों को सुलझा कर,हिम्मत को खुद में समाकर,जीते जा

PreviousNext

Leave a Comment