Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Aalekh, Jayshree_birmi

राजनेता बनने के लिए जरूरी लायकात

राजनेता बनने के लिए जरूरी लायकात सर्व प्रथम तो नेता की शैक्षणिक लायकात कितनी भी कम हो चलेगा।दूसरे कुर्सी के …


राजनेता बनने के लिए जरूरी लायकात

राजनेता बनने के लिए जरूरी लायकात
सर्व प्रथम तो नेता की शैक्षणिक लायकात कितनी भी कम हो चलेगा।दूसरे कुर्सी के लिए अप्रतिम प्रेम होना भी अत्यंत आवश्यक हैं ।तीसरे उनके पास गोंद का अविरत सप्लाई होना जरूरी हैं क्योंकि कब कुर्सी मिल जाए और चिपकना पड़ जाएं ये तय नहीं होता।
चौथे उनकी चमड़ी खूब मोटी होना जरूरी हैं क्योंकि सभी और से हो रहे शाब्दिक प्रहार और कुछ असंस्कृतिक श्लोकों को सुन न आसान हो जायेगा अगर भावनात्मक स्वभाव हो तो ये नालायकी गिनी जायेगी।
पांचवा चमचा मैनेजमेंट होना अति आवश्यक हैं।चमचे कईं प्रकार के होते हैं,जैसे कि वफादार चमचों को सुनहरा रंग देना होता हैं,दूसरे नंबर के रुपहले चम्मच होता हैं जो चमकता तो हैं किंतु सुनहरे से काम कम करता हैं।और पित्तल का चमच तो दिखता हैं हर वक्त किंतु काम के समय गायब हो जाते हैं।और सबसे खतरनाक दो मुहें चमचे हैं जो सामने तो आपके हैं किंतु पिछवाड़े से विरोध पक्ष के हमदर्द होते हैं और आपकी ही बाते यह निगल कर उधर जा के उगल आते हैं।ये उगलन – निगलन के चक्कर में आपका नुकसान कर जाता हैं।
सबसे आखिर ने आप को खुद भी अपनी नेतागिरी के चमचे बनना जरूरी हैं।और इसमें आपको जूठ बोलने में निपुण होना बहुत जरूरी हैं।क्योंकि जब भी कोई चैनल या पत्रकार आपको प्रश्न पूछे तब अपने आपको बचाने के सारे हथकंडे अपनाने की कला को हस्त करना भी अति आवश्यक होता हैं।शोर मचाओं,सामने वालों के तर्क को गलत तरीके से ही सही किंतु काट डालो और अपनी ही बात को सही ठहराने में निपुण हो जाओ तो, लो बन गए आप नेता बनने के काबिल।

जयश्री बिरमी
अहमदाबाद


Related Posts

राष्ट्रीय श्रम सम्मेलन 25-26 अगस्त 2022 संपन्न

August 28, 2022

श्रमेव जयते 2047  राष्ट्रीय श्रम सम्मेलन 25-26 अगस्त 2022 संपन्न – श्रमिकों के कल्याण में मील का पत्थर साबित होगा 

जीवन और परिवर्तन

August 25, 2022

जीवन और परिवर्तन गतिशीलता ही जीवन का जीवित होने का प्रमाण हैं।एक ही लय में तो गाना भी नहीं होता

बच्छ बारस का व्रत

August 25, 2022

बच्छ बारस का व्रत अपना देश त्यौहारों का देश हैं,हर त्यौहार के पीछे परंपरा के साथ साथ कोई न कोई

मेघदूत की उत्पत्ति के पीछे भी एक कथा

August 22, 2022

मेघदूत महा कवि कालिदास का परिचय देना आदित्य को दिया दिखा पथ दर्शन सा लगेगा।लेकिन मेघदूत की उत्पत्ति के पीछे

कब तक

August 20, 2022

 “कब तक” कब तक हम सालों-साल बाल गोपाल की मूर्ति को पालने में झूलाते रहेंगे?  क्या किसी को रुबरु होने

नाम के सितारे

August 19, 2022

नाम के सितारे कुछ अरसे पहले कोई पान मसाले के विज्ञापन में तीन तीन सुपर स्टार के काम करने पर

PreviousNext

Leave a Comment