Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, lekh

योग @ एक विश्व एक परिवार – अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 june yoga day

योग @ एक विश्व एक परिवार – अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2023 पर विशेष आओ योग को अपनी दिनचर्या …


योग @ एक विश्व एक परिवार – अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2023 पर विशेष

योग @ एक विश्व एक परिवार - अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 june yoga day

आओ योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनानें का संकल्प करें

जान है तो जहान है – स्वस्थ जीवन का आनंद लेने प्रतिदिन योग दिवस मनाना स्वस्थ रहने की कुंजी है – एडवोकेट किशन भावनानी गोंदिया

गोंदिया – भारत की अत्यंत प्राचीन विरासत में से एक योग भी है। आदि अनादि काल से ही योग एक जीवन जीने की कला और आज के आधुनिक डिजिटल युग में एक विज्ञान और औषधी रहित चिकित्सा पद्धति के रूप में वैश्विक स्तर पर लोकप्रिय हो चुका है, जिससे भारत की प्रतिष्ठा में चार चांद लग गए हैं।इस बार योग दिवस मनाने पर सारे विश्व का ध्यान रहेगा क्योंकि भारतीय पीएम योग दिवस न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में 21 जून 2023 को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह का नेतृत्व करेंगे विशेष उल्लेखनीय है कि आईडीवाई का आगामी 9 वां संस्करण इस साल कई अनोखे कार्यक्रमोंका साक्षी बनेगा इस वर्ष के आईडीवाई का मुख्य
आकर्षण यह है कि पीएम सयुंक्त राष्ट्र मुख्यालयन्यूयॉर्क में उसी स्थान पर सामूहिक योगप्रदर्शन का नेतृत्व करेंगेजहां से 9 साल पहले प्रधानमंत्री ने 2014 में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने का प्रस्ताव दिया थाइस साल अंतरराष्ट्रीय योग दिवस ओशन रिंग ऑफ योजैसे कई अद्वितीय कार्यक्रमों का साक्षी बनेगा।
साथियों बात अगर हम 21 जून को ही योग दिवस मनाने की करें तो, इसके पीछे एक खास वजह है। 21 जून को उत्तरी गोलार्द्ध का सबसे लंबा दिन होता है, जिसे लोग ग्रीष्म संक्रांति भी कहते हैं। भारतीय परंपरा के मुताबिक, ग्रीष्म संक्रांति के बाद सूर्य दक्षिणायन होता है। माना जाता है कि सूर्य दक्षिणायन का समय आध्यात्मिक सिद्धियां प्राप्त करने के लिए फायदेमंद है। इसी वजह से 21 जून कोअंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाने लगा।
साथियों बात अगर हम योग के प्राचीन विरासत होने की करें तो, भारतीय संस्कृति में योग रचा बसा है। मन-मस्तिष्क को स्वस्थ रखने के लिए प्राचीन भारत में ऋषियों ने योग के उच्चतम विधा को अपनाया और खुद को आत्मनियंत्रित किया। माना जाता है कि योग शरीर की इंद्रियों को नियंत्रित करने की क्षमता देता है जिससे निरोग रहा जा सकता है। योग भगाए रोग तो सदियों पुरानी कहावत है। लेकिन समय का पहिया घूमा और हम आधुनिकता की अंधी दौड़ में शामिल हो गए। जीवन की आपाधापी के बीच अपनी प्राचीन पद्धति को भूलने लगे जिसका खामियाजा तमाम तरह की शारीरिक बीमारियों के रूप में भुगतना पड़ रहा है।
हालांकि, बीते कुछेक सालों में देश ही नहीं दुनिया ने योग की उपयोगिता को समझा और इसको अपनी दिनचर्या में शामिल किया। दुनिया को योग से नए सिरे से परिचित कराने में 21 जून का भी कम योगदान नहीं है। साल 2015 में 21 जून को पहला अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया था। यह सफर देखते ही देखते नव साल का पड़ाव पार कर लिया। कोरोना काल में भी दुनिया ने योग को खूब अपनाया
साथियों बात अगर हम इस वर्ष 9 वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2023 को खास बनाने की करें तो, देश में 9 वें अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस का शुभारंभ हो गया है। इसकी रूपरेखा पिछले 100 दिनों से चल रही थी, इस अन्तर्राष्ट्रीय कार्यक्रम में 100 से ज्यादा संगठन हिस्सा ले रहे हैं, ये कार्यक्रम देश के 100 शहरों में आयोजित किया गए थे।
साथियों, देश के केंद्रीय मंत्री नें योग महोत्सव 2023 का उद्घाटन किया था। इसके साथ ही 9 वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के लिए 100 दिनों की उल्टी गिनती भी शुरू हो गई थी। योग दिवस के लिए चलाए जा रहे इस अभियान को 100 दिन, 100 शहर और 100 संगठन की थीम पर चलाया जा रहा था। ये कार्यक्रम 21 जून 2023 (अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस) तक पूरी दुनिययां में संचालित हुए।
साथियों बात अगर हम योग दिवस की भव्यता की करें तो
इस साल राष्ट्रीय स्तरपर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने को लेकर गांवगांव में सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा और हर आंगन योगके लक्ष्य को प्राप्त करेगा पीएम ने सभी
ग्राम प्रधानों को एक पत्र लिखा हैजो उन्हें अपने निकटतम आंगनवाड़ी, स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रोव स्कूलों में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रमों का निरीक्षण करने के लिए अपील करता है इसके
अलावा लगभग 2 लाख आम सेवा केंद्र, राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत आयुष स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र, आयुष ग्रामों व अमृत सरोवरों में भी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को व्यापक स्तर मनाया जाएगा और अधिक से अधिक जनभागीदारी को सुनिश्चित किया जाएगआयुष मंत्रालय,भारतीय
सांस्कृतिक संबंधों के लिए सहयोग में और विदेश मामलों के मंत्रालय ने माय गॉव मंच पर एक फोटोग्राफी प्रतियोगिता योग माई
प्राइड की मेजबानी कर रहा हैइसके तहत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागी तस्वीर के लिए एक कैप्शन एपीटी के साथ योगसान करने की एक तस्वीर अपलोड की जा सकती हैराष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों को तीन श्रेणियों में पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
साथियों बात अगर हम कार्य स्थल पर योग
उत्सव मनाने की करें तो तनाव और थकान को दूर कर ऊर्जावान रहने के लिए आयुष मंत्रालय का एक ‘वाई ब्रेक’ कार्यक्रम है इस साल वाई-ब्रेक
@वर्कस्पेस कुर्सीपर योग प्रस्तुत किया
गया हैजो कुर्सी पर बैठकर किया जा सकता है भारत सरकार के
सभी मंत्रालयों / विभागों से अनुरोध किया गया है कि वे अपने कर्मचारियों से कुर्सी पर योग का अभ्यास करने के लिए कहें।आईडीवाई 2023एक सरकारके दृष्टिकोण के साथ मनाया जा रहा हैभारत सरकार, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय अग्रणी योग संस्थानों व संगठनों के सभी प्रमुख मंत्रालय पहले से ही आईडीवाई 2023 की विभिन्न गतिविधियों में भाग ले रहे हैंइन भारतीय मिशनों और दूतावासों के साथ, संयुक्त राष्ट्र के सदस्य राज्य भी 21 जून 2023 को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के भव्य अवसर पर सामूहिक योगाभ्यास में हिस्सेदारी सुनिश्चित करेंगे।
साथियों बात अगर हम पीएम के योग संबंधित ट्वीट की करें तो, पीएमने कहा है कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में आयोजित योग समारोह में भाग लेंगे।संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष श्री कसाबा कोरोसी के एक ट्वीट का उत्तर देते हुए प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया: यूएनएचक्यू में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह में आपसे मिलने के लिए उत्सुक हूं। आपकी सहभागिता कार्यक्रम को और भी विशिष्ट बनाती है।योग विश्व को अच्छे स्वास्थ्य और कल्याण की दिशा में एकजुट करता है। यह विश्व स्तर पर और लोकप्रिय होता जा रहा है।
साथियों बात अगर हम योग के बारे में मन की बात कार्यक्रम की 102 वीं कड़ी में पीएम के विचारों की करें तोउन्होंने कहा, इस बार भी, विश्व के कोने-कोने में लोग अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का उत्सुकता से इंतजार कर रहे हैं। इस वर्ष योग दिवस की थीम है एक विश्व-एक परिवार के रूप में सबके कल्याण के लिए योग। यह योग की उस भावना को व्यक्त करता है, जो सबको जोड़ने वाली और साथ लेकर चलने वाली है। हर बार की तरह, इस बार भी देश के कोने-कोने में, योग से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। इस बार मुझे न्यूयॉर्क के संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय, यूएन में होने वाले योग दिवस कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर मिलेगा। मैं, देख रहा हूँ, कि सोशल मीडिया पर भी, योग दिवस को लेकर गजब का उत्साह दिख रहा है।, मेरा आप सभी से आग्रह है कि आप, योग को अपने जीवन में जरुर अपनाएं, इसे, अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। अगर अब भी आप योग से नहीं जुड़े हैं तो 21 जून, इस संकल्प के लिए बहुत बेहतरीन मौका है। योग में तो वैसे भी ज्यादा तामझाम की जरुरत ही नहीं होती है। देखिये, जब आप योग से जुड़ेंगे तो आपके जीवन में कितना बड़ा परिवर्तन आएगा।
साथियों बात अगर हम योग दिवस 21 जून के इतिहास की करें तो, पहली बार अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2015 को मनाया गया। पहल पीएम ने की थी। 27 सितम्बर 2014 को उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासभा में एक प्रस्ताव रखा था। इस प्रस्ताव को 11 दिसम्बर, 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने पूर्ण बहुमत से पास किया। संयुक्त राष्ट्र महासभा के 193 सदस्यों में से 177 ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को मनाने के प्रस्ताव को ध्वनिमत से मंजूरी दी। इस प्रस्ताव को 90 दिन के अन्दर पूर्ण बहुमत से पारित किया गया, जो संयुक्त राष्ट्र संघ में किसी दिवस प्रस्ताव के लिए सबसे कम समय है।
अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर उसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि योग @ एक विश्व एक परिवार – अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2023 पर विशेष।आओ योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का संकल्प करें।जान है तो जहान है – स्वस्थ जीवन का आनंद लेने प्रतिदिन योग दिवस मनाना स्वस्थ रहने की कुंजी है

About author

कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र
कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट 
किशन सनमुख़दास भावनानी 
गोंदिया महाराष्ट्र

Related Posts

सुख–दुख पर कविता

December 15, 2022

कविता–जिंदगी सुखों और दुखों का ख़ूबसूरत मेल है जिंदगी में उतार-चढ़ाव बस एक ख़ूबसूरत खेल है जिंदगी सुखों और दुखों

नाथु ला दर्रा से तवांग तक वाइब्रेंट बॉर्डर योज़ना से बौखलाया विस्तारवादी देश

December 15, 2022

नाथु ला दर्रा से तवांग तक वाइब्रेंट बॉर्डर योज़ना से बौखलाया विस्तारवादी देश भारत सरकार बॉर्डर एरियाओं में लगातार इंफ्रास्ट्रक्चर

महिलाओं की श्रम शक्ति भागीदारी में बाधाएं

December 15, 2022

Working indian women  महिलाओं की श्रम शक्ति भागीदारी में बाधाएं मौजूदा पितृसत्तात्मक मानदंड सार्वजनिक या बाजार सेवाओं को लेने में

अमेरिका का बयान – दुनिया हैरान | America’s statement – the world was shocked

December 12, 2022

भारत अब अमेरिका का सिर्फ़ सहयोगी नहीं बल्कि तेज़ी से उभरती हुई विश्व की महाशक्ति है भारत तरक्की की बुलंदियों

व्यंग्य कविता -मासिक शासकीय पगार चौदह हज़ार है

December 12, 2022

 यह व्यंग्यात्मक कविता भ्रष्टाचार की हदें पार है?क्योंकि मेरा वेतन केवल चौदह हज़ार है।पर एक महीनें में मेरा खर्चा लाखों

कामकाजी महिला से रत्ती भर कमतर नहीं गृहिणी | housewife is not an iota less than a working woman.

December 11, 2022

“कहते है लोग वक्त ही वक्त है उसके पास, खा-पीकर टीवी ही देखती रहती है कहाँ कोई काम खास, करीब

Leave a Comment