Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

mainuddin_Kohri, poem

युवा शक्ति जागो रे- मईनुदीन कोहरी नाचीज़ बीकानेरी “

“युवा शक्ति जागो रे” जागो- जागो , जागो रे जागो सेवा का हथियार हाथ में“मुझको नही तुझको “के नारे सेदुखियों …


“युवा शक्ति जागो रे”

युवा शक्ति जागो रे- मईनुदीन कोहरी नाचीज़ बीकानेरी "
जागो- जागो , जागो रे जागो

सेवा का हथियार हाथ में
“मुझको नही तुझको “के नारे से
दुखियों के दुःख- दर्द को मिटाना है ……..
जागो ………………….!

पर , पीड़ा को मिल मिटाएंगे
एक दूजै के सहारे से आगे बढ़ना है
कष्ट ना पाए कोई दुखियारा
आओ अपने हाथों से देश बनाना है ।

जागो रे……………………..!
बच्चा – बच्चा समझे अपनी जिम्मेदारी
गाँव-गली में अनपढ़ रहे न कोई
शिक्षा की अलख जगाने को
आओ मिलकर ज्योत से ज्योत जलाना है ।
जागो रे ……………………..!

जन- जन को राष्ट्र हित में आना है
कुरीतियों को मिल जड़ से मिटाना है
विकाश की गंगा बहाने की खातिर
बस्ती – बस्ती सेवा की अलख जगाना है ।
जागो रे ……………………!

अपनी ताकत को तुम पहचानों
आओ सेवा की मशाल जलाएं
युवा-शक्ति के हाथों देश बदलने
“नाचीज़” युवा-युवतियों को जगाना है ।
जागो रे ………………….!!!

मईनुदीन कोहरी नाचीज़ बीकानेरी “
मो. 9680868028


Related Posts

सोचो जरा उनके बारे में भी- जितेन्द्र ‘कबीर’

January 6, 2022

सोचो जरा उनके बारे में भी तुम दुखी होकि इन सर्दियों में महंगीब्रांडेड रजाई नहीं खरीद पाए,जिन्हें मयस्सर नहींकड़कती सर्दी

इंसानियत को बचाओ- जितेन्द्र ‘कबीर’

January 6, 2022

इंसानियत को बचाओ दुनिया मेंकहीं भी हो रहा हो अन्यायतो उसके खिलाफ आवाज उठाओ,रोकने की उसे करो पुरजोर कोशिशेंविरुद्ध उसके

सिखाने की कोशिश करें- जितेन्द्र ‘कबीर’

January 6, 2022

सिखाने की कोशिश करें सिखाने की कोशिश करेंअपने बच्चों को खाना बनाना भीपढ़ाई के साथ-साथ,वरना लाखों के पैकेज पाने वालों

मृगतृष्णा है तुम्हारा साथ- जितेन्द्र ‘कबीर’

January 6, 2022

मृगतृष्णा है तुम्हारा साथ ‘तुम्हारा साथ’ मेरे लिएहै एक तरह कीमृगतृष्णा सा,दूर कहीं झिलमिलाताहुआ साबुलाता है मुझे अपने पास,तुम्हारे दुर्निवार

हार क्यों मान ली जाए?- जितेन्द्र ‘कबीर’

January 6, 2022

हार क्यों मान ली जाए? बुरे से बुरा क्या हो सकता हैहमारे साथ?यही कि हमारी धन – संपत्तिहमारे हाथ से

सफेद आसमां- जितेन्द्र ‘कबीर’

January 6, 2022

सफेद आसमां कड़ाके की सर्दी मेंरजाई का मोह छोड़ पाओ अगरतो निकलो बाहर जराआंगन चौबारे तक, देखो ऊपर!आसमान बरसा रहा

Leave a Comment