Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

मौत से इतना डर क्यों?- जितेन्द्र ‘कबीर’

 मौत से इतना डर क्यों? अब तक ज्यादातर मौत को  बताया जाता रहा है भयानक और जीवन को सुंदर, लेकिन …


 मौत से इतना डर क्यों?

मौत से इतना डर क्यों?- जितेन्द्र 'कबीर'

अब तक ज्यादातर मौत को 

बताया जाता रहा है भयानक

और जीवन को सुंदर,

लेकिन बहुत बार देखा है मैंने 

उससे उलट भी

जीवन को भयानक होते

एवं मौत की नींद में लोगों को

चैन से सोते।

लम्बी कष्टदायक बीमारी से जूझते

किसी इंसान का मन करता है

रोज कामना कितनी बार मौत की,

जिंदगी में लगातार उत्पीड़न 

एवं अत्याचार का शिकार हो रहे लोग

हर दिन न जाने कितनी बार रहे

ईश्वर से मौत की भीख मांगते।

देह के साथ ही हैं सारे कष्ट

शारीरिक भी और मानसिक भी

नहीं जो देह तो चाहे दुनिया जले,

अज्ञात से भय की इंसानी प्रवृत्ति ही है

कारण मौत से इतने डर के पीछे

वरना तो बात इतनी सी है कि

इंसानों की तरह रूह भी 

बदल लेती है अपने‌ कपड़े।

                   जितेन्द्र ‘कबीर’                  
साहित्यिक नाम – जितेन्द्र ‘कबीर’
संप्रति-अध्यापक
पता – जितेन्द्र कुमार गांव नगोड़ी डाक घर साच तहसील व जिला चम्बा हिमाचल प्रदेश
संपर्क सूत्र – 7018558314


Related Posts

इश्क की इंतहा-जयश्री बिरमी

January 16, 2022

इश्क की इंतहा प्यार हो ही जाता हैं गर हो जुत्सजूजब इश्क हो ही जाता हैं रूबरूजब हो जानिब वफा–ए–यारक्यों

आखिर क्यों पढ़े-लिखे बच्चे गलत मार्ग पर जा रहे हैं ?

January 16, 2022

 आखिर क्यों पढ़े-लिखे बच्चे गलत मार्ग पर जा रहे हैं ? हाल ही में आपने सुना होगा सोशल मीडिया पर

दिल में जो है छुपी, बात हो जाने दो

January 16, 2022

दिल में जो है छुपी, बात हो जाने दो दिल में जो है छुपी, बात हो जाने दो,दिन ढले तो

सृष्टि में माता-पिता से बढ़कर कोई नहीं

January 16, 2022

कविता सृष्टि में माता-पिता से बढ़कर कोई नहीं सृष्टि में माता-पिता से बढ़कर कोई नहींहम क्या जाने हमारे लिए हमारी

पांच राज्यों में चुनाव तारीखों का ऐलान

January 16, 2022

कवितापांच राज्यों में चुनाव तारीखों का ऐलान हुआ हित धारकों का इंतजार खत्म हुआ पांच राज्यों में चुनाव तारीखों का

भावनाओं को व्यक्त-डॉ. माध्वी बोरसे

January 16, 2022

भावनाओं को व्यक्त! क्यों होते हैं हम स्वयं के साथ सख्त,चलो करें, अपनी भावनाओं को व्यक्त,चिकित्सक भी होता है कभी

Leave a Comment